टीबी मुक्त भारत अभियान को रफ्तार, अब हर एएनएम को रोज 50 लोगों की करनी होगी स्क्रीनिंग

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टीबी मुक्त भारत अभियान

टीबी मुक्त भारत अभियान

टीबी मुक्त भारत अभियान को नई गति देने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने फील्ड स्तर पर निगरानी कड़ी कर दी है. अब प्रत्येक एएनएम को प्रतिदिन कम से कम 50 लोगों की टीबी स्क्रीनिंग करनी होगी और इसकी ऑनलाइन रिपोर्टिंग भी अनिवार्य है.

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पटना से आनंद तिवारी की रिपोर्ट

Health News: टीबी मुक्त भारत अभियान को और प्रभावी बनाने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने फील्ड स्तर पर निगरानी बढ़ा दी है. सिविल सर्जन डॉ. योगेंद्र प्रसाद मंडल ने सभी अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर और स्वास्थ्य उपकेंद्रों पर तैनात एएनएम को नया निर्देश जारी किया है.

आदेश के अनुसार अब प्रत्येक एएनएम को अपने क्षेत्र में प्रतिदिन कम से कम 50 लोगों की टीबी स्क्रीनिंग करनी होगी. इसके साथ ही स्क्रीनिंग से जुड़ी पूरी जानकारी ऑनलाइन पोर्टल पर दर्ज करना भी अनिवार्य होगा.

ऑनलाइन रिपोर्टिंग की हो रही नियमित समीक्षा

जिला पदाधिकारी और उप विकास आयुक्त के निर्देश पर टीबी स्क्रीनिंग और ऑनलाइन रिपोर्टिंग की लगातार समीक्षा की जा रही है. स्वास्थ्य विभाग की ओर से एएनएम की बैठक आयोजित कर उन्हें अभियान की जानकारी दी गई है.

इसके अलावा स्टेट टीबी सेल की ओर से ऑनलाइन स्क्रीनिंग पोर्टल के संचालन को लेकर प्रशिक्षण भी दिया जा चुका है, ताकि फील्ड में होने वाली जांच और उसकी रिपोर्टिंग को बेहतर बनाया जा सके.

लक्ष्य पूरा नहीं करने पर होगी कार्रवाई

स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि स्क्रीनिंग के निर्धारित लक्ष्य को गंभीरता से पूरा करना होगा. लक्ष्य से कम काम करने वाले स्वास्थ्य कर्मियों की समीक्षा की जाएगी और आवश्यकता पड़ने पर नोटिस जारी किया जा सकता है.

सिविल सर्जन ने निर्देश दिया है कि एएनएम को प्रतिदिन 50 टीबी स्क्रीनिंग के साथ 50 एनसीडी (गैर संचारी रोग) स्क्रीनिंग का कार्य भी करना होगा.

समय पर पहचान और इलाज है अभियान का उद्देश्य

टीबी मुक्त भारत अभियान का मुख्य उद्देश्य संभावित टीबी मरीजों की जल्द पहचान कर उन्हें समय पर जांच और उपचार उपलब्ध कराना है. स्वास्थ्य विभाग अब डिजिटल रिपोर्टिंग और क्षेत्रीय स्तर पर स्क्रीनिंग व्यवस्था को मजबूत कर टीबी नियंत्रण अभियान को गति देने में जुटा है.

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करुणा तिवारी

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By करुणा तिवारी

करुणा तिवारी पिछले 8 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं और टीवी तथा डिजिटल मीडिया दोनों में व्यापक अनुभव रखती हैं. उन्होंने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत दूरदर्शन बिहार (Doordarshan Bihar) से की, जहां समाचारों की प्रस्तुति, रिपोर्टिंग और जनसरोकार से जुड़े विषयों पर काम करते हुए उन्होंने पत्रकारिता की मजबूत नींव तैयार की. इसके बाद उन्होंने डिजिटल मीडिया की ओर कदम बढ़ाया और बदलते न्यूज़ इकोसिस्टम के अनुरूप खुद को लगातार विकसित किया.

वर्तमान में करुणा तिवारी प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम में कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं. यहां वह बिहार की राजनीति, अपराध, प्रशासन, शिक्षा, रोजगार, मौसम,पर्यटन और समसामयिक मुद्दों पर तथ्यपरक, विश्वसनीय और पाठक-केंद्रित समाचार एवं फीचर लेख तैयार करती हैं. उनकी कोशिश रहती है कि हर खबर केवल सूचना तक सीमित न रहे, बल्कि पाठकों को उसका व्यापक संदर्भ और प्रभाव भी समझा सके.

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