संवाददाता, पटना हिंदी दिवस के उपलक्ष्य में मगध महिला कॉलेज के हिंदी विभाग की ओर से 14- 28 सितंबर तक हिंदी पखवारा मनाया जा रहा है. इस क्रम में सोमवार को हिंदी पखवारे के पहले दिन हिंदी विभाग की ओर से हिंदी दिवस समारोह का आयोजन किया गया. कॉलेज के प्राचार्य प्रो एनपी वर्मा ने कवि, आलोचक प्रो अरुण कमल को सम्मानित किया. समारोह को संबोधित करते हुए प्राचार्य ने कहा कि हिंदी मात्र भाषा ही नहीं, बल्कि हमारी सभ्यता और संस्कृति की संवाहक भी है. मुख्य वक्ता प्रो अरुण कमल ने अपने देश-विदेश के अनुभवों को साझा करते हुए बताया कि जब तक ज्ञान, न्याय और रोजी रोटी की भाषा हिंदी नहीं होगी, तब तक हिंदी उन्नत नहीं होगी. उन्होंने छात्राओं को मातृभाषा में रचित साहित्य का अध्ययन, अंग्रेजी भाषा का उत्कृष्ट ज्ञान और हिंदी के अतिरिक्त अन्य भाषा का ज्ञान अर्जित करने के लिए प्रेरित किया. उन्होंने अपने वक्तव्य में इंग्लैंड, बांग्लादेश, फ्रांस आदि देशों का उदाहरण देते हुए विभिन्न भाषाओं के विकास की प्रक्रिया को समझाया और बताया कि आज वैश्विक स्तर पर अंग्रेजी की जो पहचान है, आरंभिक समय में ऐसा नहीं था. इसलिए अगर समाज और सरकार साथ मिल कर कार्य करें तो हिंदी को विश्व में उचित स्थान प्राप्त हो सकता है. मंच संचालन हिंदी विभाग की डॉ प्रीति कुमारी ने किया और धन्यवाद ज्ञापन हिंदी विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ शिप्रा प्रभा ने किया. कार्यक्रम में हिंदी का सम्मान पांचवें सेमेस्टर की छात्रा आकृति, अलका और सलोनी ने भाषण और शिवानी ने स्वरचित कविता प्रस्तुत की. रसायन शास्त्र के विभागाध्यक्ष डॉ श्यामदेव यादव और वनस्पति शास्त्र के प्रो सुरेन्द्र प्रसाद ने अपनी स्वरचित कविता का पाठ किया. मौके पर छात्राएं और टीचर्स मौजूद थे.
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