दूसरे राज्यों से ट्रेन के जरिये होगी स्टोन चिप्स की ढुलाई, घटेगी कीमत
Published by : Prabhat Khabar News Desk Updated At : 21 Jul 2024 1:13 AM
राज्य में निर्माण कार्यों के लिए अगले कुछ दिनों में गिट्टी अब आसानी से उचित कीमत पर मिलेगी.
दूसरे राज्यों से ट्रेन के जरिये होगी स्टोन चिप्स की ढुलाई, घटेगी कीमत
संवाददाता, पटना
राज्य में निर्माण कार्यों के लिए अगले कुछ दिनों में गिट्टी अब आसानी से उचित कीमत पर मिलेगी. इस संबंध में गिट्टी विक्रेताओं की संघ की शिकायत पर खान एवं भूतत्व विभाग ने गिट्टी मंगवाकर उसे बेचने की प्रक्रिया बेहतर बनाने की पहल की है. इस प्रक्रिया के तहत ट्रेन के माध्यम से अन्य राज्यों से गिट्टी मंगवाकर उसे बेचने तक की व्यवस्था बेहतर की जायेगी.
खास बात यह है कि इसकी अनुमति से संबंधित व्यवस्था ऑनलाइन रहेगी. इससे जांच करने वालों को सहूलियत होगी. सूत्रों के अनुसार राज्य में फिलहाल गिट्टी की उपलब्धता कम है. ऐसे में निर्माण कार्यों के लिए अन्य राज्यों से गिट्टी मंगवा कर उसकी बिक्री होती है. इसके कारोबारियों का कहना है कि ट्रेन माध्यम से गिट्टी मंगवाने में कम खर्च पड़ता है. इसलिए अधिकतर ढुलाई ट्रेन के माध्यम से करने को प्राथमिकता दी जाती है. पिछले दिनों गिट्टी विक्रेताओं ने खान एवं भूतत्व विभाग के साथ बैठक में उच्च अधिकारियों को अपनी परेशानियों से अवगत करवाया था. नाॅर्थ बिहार स्टोन चिप्स मर्चेन्ट एसोसिएशन ने कहा था कि उत्तर बिहार के विभिन्न जिलों में अन्य राज्यों से रेलवे रैक के माध्यम से पत्थर मंगाकर व्यवसाय में परेशानी हो रही है.
गिट्टी मंगवाने से पहले देना होगा आवेदन
विभाग ने निर्देश दिया है कि गिट्टी भंडारण के लाइसेंसधारी अन्य राज्य से गिट्टी मंगवाने से पहले अपने स्टॉकिस्ट आइडी के माध्यम से विभागीय पोर्टल पर इसकी मात्रा और स्रोत का उल्लेख कर आवेदन देंगे. इसके साथ जिस स्थल (राज्य) से चालान निर्गत हुआ है, उसकी प्रति, इ-वे बिल की प्रति और रेलवे रसीद- वैगनवार विवरण के साथ भी एक ही बार में अपलोड करेंगे. गिट्टी प्राप्त होने की पूर्व संबंधित खनिज विकास पदाधिकारी को देंगे.
रेलवे से गिट्टी प्राप्त होने के दिन स्थल निरीक्षण रिपोर्ट, भंडारित स्थल और निरीक्षण की जियो टैगिंग फोटो सहित अनुमति पत्र को उसी दिन विभागीय पोर्टल पर अपलोड करेंगे. अनुमति पत्र अपलोड होने के बाद स्वीकृत गिट्टी की मात्रा भंडारण लाइसेंसधारी के आइडी में शामिल हो जायेगी. इसके आधार पर चालान वगैरह निर्गत करने में आसानी होगी. भंडारण स्थल पर सीसीटीवी कैमरा और धर्मकांटा लगा होना अनिवार्य है. वे अपना मासिक रिटर्न खनिज विकास अधिकारी को देंगे.
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