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यूनिवर्सिटियों व कॉलेजों में लगानी होगी सैनिटरी पैड वेंडिंग मशीन, 25 तक भेजनी होगी रिपोर्ट

Updated at : 21 Mar 2025 6:55 PM (IST)
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यूनिवर्सिटियों व कॉलेजों में लगानी होगी सैनिटरी पैड वेंडिंग मशीन, 25 तक भेजनी होगी रिपोर्ट

यूजीसी ने महिलाओं के मासिक धर्म स्वच्छता के लिए नयी पहल की शुरुआत की है. इसके तहत अब देश के सभी विश्वविद्यालयों और कॉलेजों को परिसर में सैनिटरी पैड वेंडिंग मशीनें लगानी होंगी.

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संवाददाता, पटना

यूजीसी ने महिलाओं के मासिक धर्म स्वच्छता के लिए नयी पहल की शुरुआत की है. इसके तहत अब देश के सभी विश्वविद्यालयों और कॉलेजों को परिसर में सैनिटरी पैड वेंडिंग मशीनें लगानी होंगी. यूजीसी ने सभी उच्च शिक्षण संस्थानों को कैंपस में मासिक धर्म स्वच्छता में सुधार और स्वच्छता सुविधाएं सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है. उच्च शिक्षा संस्थानों को 25 मार्च तक यूजीसी को रिपोर्ट भी देनी होगी. इसमें यूनिवर्सिटियों को बताना होगा कि सैनिटरी पैड वेंडिंग मशीनें लगी हुई हैं या कब तक प्रमुख स्थानों पर लगा दी जायेंगी. इसकी रिपोर्ट देनी होगी. यूजीसी के सचिव प्रो मनीष जोशी ने सभी राज्यों और विश्वविद्यालयों के कुलपतियों को पत्र लिखा है. इसमें संस्थानों के कैंपस में इंसीनरेटर (अपशिष्ट पदार्थ जलाने वाला) लगाने के भी निर्देश दिये गये हैं. मासिक धर्म स्वच्छता को बढ़ावा देना और शिक्षण संस्थानों में महिलाओं के लिए सहायक वातावरण मुहैया कराने का निर्देश दिया है. साथ ही यूजीसी ने लिखा है कि यह एक प्राकृतिक जैविक प्रक्रिया है. इसके लिए जुड़े उत्पादों तक पहुंच आवश्यक है, ताकि महिलाओं की शैक्षणिक और सामाजिक गतिविधियों में बिना किसी परेशानी, हिचक या बाधा के पूर्ण भागीदारी सुनिश्चित हो सके. इसके लिए एक सहायक पारिस्थितिकी तंत्र बनाना होगा. ताकि महिलाओं की सुरक्षित, सस्ती व स्वच्छ उत्पादों तक पहुंच आसान हो.

सैनिटरी पैड वेंडिंग मशीन सभी मुख्य स्थानों पर लगानी होगी

यूजीसी ने कहा है कि सैनिटरी पैड वेंडिंग मशीन कैंपस के हर मुख्य स्थानों के साथ-साथ हरेक कॉलेज व हॉस्टल में लगानी जरूरी है. छात्राओं व महिला शिक्षकों को मासिक धर्म के दौरान सैनिटरी पैड के लिए परेशान न होने पड़े इसकी व्यवस्था करनी होगी. आसानी से और स्वच्छ सैनिटरी पैड कैंपस में उपलब्ध कराना होगा. सैनिटरी पैड वेंडिग मशीन अलग-अलग डिपार्टमेंट में भी लगवा सकते हैं. मुख्य रूप से कॉलेजों, विश्वविद्यालयों, ऑफिसों और सार्वजनिक स्थानों पर स्थापित की जा सकती हैं.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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ANURAG PRADHAN

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By ANURAG PRADHAN

ANURAG PRADHAN is a contributor at Prabhat Khabar.

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