ePaper

बिहार में भी अब देख सकेंगे गैंडे, वाल्मीकि टाइगर रिजर्व में फिर से हो रही गैंडों को बसाने की तैयारी

Updated at : 25 Dec 2022 4:13 AM (IST)
विज्ञापन
बिहार में भी अब देख सकेंगे गैंडे, वाल्मीकि टाइगर रिजर्व में फिर से हो रही गैंडों को बसाने की तैयारी

फिलहाल वीटीआर में केवल एक गैंडा है. हालांकि, हमारे पास पटना चिड़ियाघर में भी 13 गैंडे हैं. इस योजना के फिर से शुरू होने के बाद वीटीआर में गैंडों की संख्या में पर्याप्त वृद्धि होगी.

विज्ञापन

बिहार वाल्मीकि बाघ अभ्यारण्य में गैंडों को फिर से बसाने की तैयारी की जा रही है. वीटीआर को राष्ट्रीय गैंडा संरक्षण रणनीति के तहत संभावित स्थलों में से एक के रूप में चुना गया है. यहां अगले साल गैंडों को असम से लाया जा सकता है. पश्चिम चंपारण जिले के वाल्मीकि बाघ अभ्यारण्य (वीटीआर) में गैंडों को फिर से बसाने से बिहार को गैंडों का अपना झुंड वापस मिल जायेगा. फिलहाल यहां एकमात्र गैंडा रहता है.

दो साल पहले समिति का हुआ था गठन 

मालूम हो कि लगभग दो साल पहले वीटीआर में पर्यावास, सुरक्षा स्थितियों का आकलन करने और अभ्यारण्य में गैंडों को फिर से लाने के उपाय सुझाने के लिए एक समिति का गठन किया गया था. बिहार के मुख्य वन्यजीव वार्डन पीके गुप्ता ने पीटीआइ-भाषा को बताया कि बीते शुक्रवार को हुई अपनी बैठक में समिति ने अपनी मसौदा रिपोर्ट पर विस्तार से चर्चा की है. जनवरी, 2023 के अंत तक राज्य सरकार को समिति की अंतिम रिपोर्ट सौंपी जायेगी. उसके बाद वीटीआर में गैंडों की योजना को फिर से शुरू करने की प्रक्रिया कार्य बल की सिफारिशों के आधार पर शुरू होगी.

Also Read: वीटीआर के वनकर्मी सोलर स्मार्ट स्टिक से होंगे लैस, जंगली जानवरों की मौजूदगी में बजने लगेगा अलार्म
गनौली और मदनपुर में रहेंगे गैंडे

शुक्रवार को समिति की डिजिटल बैठक में भाग लेने वाले गुप्ता ने न्यूज एजेंसी को बताया कि वीटीआर में पुन: बसाने की योजना के लिए संभावित रूप से पहचाने गये क्षेत्र गनौली और मदनपुर हैं. फिलहाल वीटीआर में केवल एक गैंडा है. हालांकि, हमारे पास पटना चिड़ियाघर में भी 13 गैंडे हैं. इस योजना के फिर से शुरू होने के बाद वीटीआर में गैंडों की संख्या में पर्याप्त वृद्धि होगी. उन्होंने कहा कि पूरी दुनिया में एक सींग वाले गैंडों की आबादी का लगभग 75 प्रतिशत भारत में है और भारतीय गैंडों की 93 प्रतिशत से अधिक आबादी असम में सिर्फ एक संरक्षित क्षेत्र- काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान में रहती है. योजना के अनुसार गैंडों को भीड़-भाड़ वाले निवासों से बाहर निकाला जायेगा और वीटीआर में चिह्नित क्षेत्रों में स्थानांतरित किया जायेगा. इसका उद्देश्य गैंडों को प्रजनन और आबादी बढ़ाने के लिए अधिक जगह उपलब्ध कराना है.

विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन