Research: पुरुषों से ज्यादा हंसमुख हैं बिहार की महिलाएं, रिपोर्ट में हुए कई चौकानेवाले खुलास
Published by : Ashish Jha Updated At : 11 May 2025 8:28 AM
patna
Research: सबसे ज्यादा 30 से 45 साल तक की महिलाएं हंसमुख हैं. इस उम्र की अधिकतर महिलाएं नौकरी पेशा या गृहिणी हैं. अध्ययन में 20 लाख से अधिक महिलाओं ने हंसमुख रहने का कारण बच्चों को बताया.
Research: पटना. बिहार में पुरुषों से ज्यादा महिलाएं हंसमुख होती है. बिहार की 65%महिलाएं नियमित रूप से दो से तीन घंटे हंसी-मजाक में बिताती हैं. इस दौरान अगर कोई मानसिक तनाव होता है तो भी वो उसे आसानी से सुलझा लेती हैं. वहीं पुरुषों की बात करें तो 35 फीसदी ही पुरुष ही हंसमुख होते हैं. ये आधा घंटा हंसने पर या हंसी-मजाक के मूड में होते हैं. यह अध्ययन मार्च में राष्ट्रीय महिला एवं बाल विकास विभाग ने किया है. इसमें राज्य के 507666 लोग शामिल थे. इनमें 30 लाख 50 हजार महिलाएं थीं.
ऐसे दूर होता है मानसिक तनाव
अध्ययन में 15 साल के किशोर-किशोरियों से लेकर 50 साल तक आयु वर्ग के लोग शामिल रहे. सबसे ज्यादा 30 से 45 साल तक की महिलाएं हंसमुख हैं. इस उम्र की अधिकतर महिलाएं नौकरी पेशा या गृहिणी हैं. अध्ययन में 20 लाख से अधिक महिलाओं ने हंसमुख रहने का कारण बच्चों को बताया. अप्रैल में जारी रिपोर्ट में बताया गया कि कार्यालय में काम के बीच भी महिलाएं बच्चों से बात करके हंस लेती हैं. इससे उनका ऑफिस का तनाव कम हो जाता है. दस लाख महिलाओं ने बताया कि ऑफिस के सहकर्मियों के साथ भी वो हंस-हंस कर बातें करती हैं. वहीं घर में बच्चों से बातचीत, उनके लिए तैयारी करना भी उदास होने का मौका नहीं देता है.
बीमारियां भी होती हैं कम
हंसने के कारण महिलाओं में पुरुषों के मुकाबले बीमारियां भी कम होती हैं. तीन लाख ऐसी महिलाएं थीं जिन्हें माइग्रेन, बीपी, सुगर आदि की दिक्कतें थीं. वो किसी भी बात को बहुत सोचती थी. शुरुआत में तो हंसने का योगा शुरू की. इसके बाद नियमित आधा घंटा हंसने पर देने लगी. ऐसे लोगों से मिलती थी जो हंसते थे. इससे इन बीमारियों को दूर किया. स्थानीय तीडिया से बात करते हुए राष्ट्रीय महिला एवं बाल विकास विभाग के मनोवैज्ञानिक, कुमुद श्रीवास्तव ने कहा कि नियमित हंसने से मानसिक तनाव कम होता है. अधिकतर महिलाएं अपने तनाव को हंस कर दूर करती हैं. महिलाएं नियमित रूप से हर दिन 15 मिनट से दो से तीन घंटा हंसने पर देती है. वो हमेशा खुश रहती हैं, इससे मानसिक तनाव दिमाग से निकल जाता है. इसका असर उनके शरीर के साथ मन पर होता है.
Also Read: Road in Bihar: बिहार को मिला एक और एक्सप्रेसवे, 4000 करोड़ की लागत से बनेगा नारायणी-गंगा कॉरिडोर
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Ashish Jha
डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव. लगातार कुछ अलग और बेहतर करने के साथ हर दिन कुछ न कुछ सीखने की कोशिश. वर्तमान में बंगाल में कार्यरत. बंगाल की सामाजिक-राजनीतिक नब्ज को टटोलने के लिए प्रयासरत. देश-विदेश की घटनाओं और किस्से-कहानियों में विशेष रुचि. डिजिटल मीडिया के नए ट्रेंड्स, टूल्स और नैरेटिव स्टाइल्स को सीखने की चाहत.
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










