राजेंद्र नगर आंख अस्पताल का हाल: उपकरण की कमी, गंभीर बीमारियों का नहीं हो रहा इलाज, आंखों की सर्जरी भी रुकी

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राजेंद्र नगर आंख अस्पताल.

Patna News :  करीब 100 करोड़ की लागत से 106 बेड के इस अस्पताल में मात्र विशेषज्ञ सर्जन और नर्सिंग स्टाफ के साथ ही उपकरणों की घोर कमी है. मशीन की खरीदारी के लिए लिखा गया है पत्र.

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Patna News : (आनंद तिवारी की रिपोर्ट)

पटना के राजेंद्र नगर सुपर स्पेशियलिटी आंख के अस्पताल में मरीजों को गंभीर इलाज की सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं. मात्र एक मशीन की कमी के कारण खासकर मरीजों के रेटिना और आंखों की जटिल बीमारियों का इलाज नहीं हो पा रहा है. डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ की कमी अलग है. यहां पर कार्निया, रेटिना, ग्लूकोमा, मोतियाबिंद के पीड़ितों के अलावा लेसिक सर्जरी कराने तक के मरीज आते हैं. मोतियाबिंद और कुछ सामान्य सर्जरी छोड़ अन्य गंभीर बीमारियों की सर्जरी के लिए मरीजों को दूसरे अस्पताल में जाने की सलाह दी जाती है.

100 करोड़ के इस अस्पताल में एक भी मरीज नहीं होते हैं भर्ती

जानकारों की माने तो करीब 100 करोड़ की लागत से 106 बेड के इस अस्पताल में मात्र विशेषज्ञ सर्जन और नर्सिंग स्टाफ के साथ ही उपकरणों की घोर कमी है. पांच मंजिला भवन में 106 बेड होने के बावजूद सुविधा की कमी के कारण यहां एक भी मरीज की भर्ती नहीं होती है. वहीं अस्पताल के डायरेक्टर डॉ अजीत कुमार द्विवेदी ने बताया कि उपकरणों के लिए बीएमएसआइसीएल को विक्टीरियो रेटिना मशीन समेत कुछ मशीनों के लिए पिछले साल ही पत्र लिखा गया था. लेकिन कई जरूरत की मशीनों की आपूर्ति नहीं हो पाई है.

11 डॉक्टर्स तैनात, नर्सिंग स्टॉफ ट्रेनिंग लेकर लौटे

डॉ अजीत ने बताया कि निदेशक समेत 11 से अधिक डॉक्टर्स यहां तैनात कर दिये गये हैं. साथ ही कई नर्स व टेक्नीशिनों की ट्रेनिंग आइजीआइएमएस में कराई गई है. ट्रेनिंग लेकर लौटे स्वास्थ्य कर्मियों की नियुक्ति भी कर ली गई हैं. हालांकि अभी भी नर्सिंग स्टॉफ की कमी पूरी तरह से दूर नहीं हो पाई है. इसलिए सिर्फ डे केयर में ही मरीजों को भर्ती कर इलाज किया जा रहा है. हालांकि मोतियाबिंद के मरीजों को भर्ती किया जा रहा है. इस अस्पताल में डॉक्टरों के कुल सृजित पद 60 हैं. नर्सिंग स्टाफ, ओटी सहायक और अन्य पारा मेडिकल स्टाफ करीब 100 पद सृजित हैं. इन पदों पर तैनाती के लिए निदेशक द्वारा स्वास्थ्य विभाग को कई बार लिखित में पत्र भी लिखा जा चुका है.

आंखों की कई बीमारी लेकर इलाज कराने आते हैं मरीज

राजेंद्र नगर आइ सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में नि:शुल्क और सर्जरी की सुविधा के कारण आंखों की अलग-अलग समस्याओं से ग्रसित सभी वर्ग के मरीज यहां आते हैं. ओपीडी में प्रतिदिन औसतन 500 से 600 मरीज इलाज कराने आते हैं. आंखों की समस्या जांच के लिए आधुनिक मशीनें भी यहां उपलब्ध हैं. वहीं जिन मरीजों का इलाज नहीं हो पा रहा उनको आइजीआइएमएस या पीएमसीएच अस्पताल के नेत्र रोग विभाग रेफर किया जा रहा है.

क्या कहते हैं निदेशक

निदेशक डॉ. अजीत कुमार दिवेद्धी ने बताया कि विक्टीरियो रेटिना मशीन न होने के चलते रेटिना, आई बैंक समेत कई आंखों की सर्जरी रुकी हुई है. लेकिन मशीन की खरीदारी के लिए स्वास्थ्य विभाग के वरीय पदाधिकारियों लिखित में पत्र भेज दिया है. उम्मीद है कि जल्द विभाग की ओर से मशीन इंस्टाल कर दिया जायेगा.

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Rajeev Kumar

लेखक के बारे में

By Rajeev Kumar

राजीव कुमार तीन वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय है. हिंदुस्तान और दैनक भास्कर में काम कर चुके हैं. फिलहाल हिंदी डिजिटल मीडिया में कंटेंट राइटर के रूप में अपना योगदान दिए हैं. बिहार के स्थानीय-क्षेत्रिय मुद्दों पर विशेष नजर बनाए रखते है. राजीतिक-सामाजिक गतिविधियों से जुड़ी खबरो पर पकड़ है. खबरों की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए स्रोतों की जांच के साथ तथ्यों की पुष्टि अनिवार्य रूप से करते हैं.

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राजीव कुमार खास तौर पर राजनीति की खबर,ब्रेकिंग न्यूज, रियल टाइम खबरें और मौसम की खबर समेत रिसर्च आधारित खबरें करते हैं. इसके अलावा वह हर तरह के इवेंट का पल-पल का लाइव कवरेज भी करते हैं. सोशल मीडिया एक्स हैंडल पर नजर बनाएं रखते है. खासकर राजनीति से जुड़ी खबरों पर विशेष फोकस रखते है. बिहार की राजनीति पर हमेशा नजर रहती है.

पत्रकारिता अनुभव

राजीव कुमार ने पत्रकारिता में मास्टर डिग्री हासिल करने के बाद हिंदुस्तान जैसे प्रतिष्ठित संस्थान में पत्रकारिता का शुरुआती ज्ञान लिया, यहां हेडलाइन, ब्रेकिंग न्यूज, लाइव कवरेज,खबर की थीम,खबरों में तथ्य आदि के बारे में बारीकी से समझा. करीब एक साल तक हिंदुस्तान अखबार में काम करने बाद दैनिक भास्कर में काम करने का मौका मिला. दैनिक भास्कर में जिले से जुड़ी खबर, लोकल खबर समेत कई खबरों की जानकारी मिली.करीब दो साल तक दैनिक भास्कर में काम करने के बाद डिजिटल में पारी की शुरुआत की.

शिक्षा/पुरस्कार

मूल रूप से बिहार के पूर्वी चंपारण के बाबा सोमेश्वरनाथ नगरी रहने वाले राजीव कुमार ने महात्मा गांधी केंद्रीय विश्वविद्यालय मोतिहारी से मास कम्युनिकेशन में पारास्नातक की डिग्री हासिल किया. दैनिक भास्कर में काम करने के दौरान बेतहर हेडिंग और एनओडी पैकेज पर दो-दो पुरस्कार प्राप्त है.

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