रेलवे व राज्य सरकार दे रही है किराया, फिर भी श्रमिकों से वसूले गये 45.60 लाख

Updated at : 07 May 2020 7:17 AM (IST)
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रेलवे व राज्य सरकार दे रही है किराया, फिर भी श्रमिकों से वसूले गये 45.60 लाख

देश के विभिन्न राज्यों में फंसे बिहारी मजदूरों को लाने के लिए श्रमिक स्पेशल ट्रेनें चलायी गयीं. श्रमिक स्पेशल ट्रेन से सफर करने वाले श्रमिकों को नि:शुल्क टिकट मुहैया कराने की व्यवस्था की गयी है.

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रंजन, पटना : देश के विभिन्न राज्यों में फंसे बिहारी मजदूरों को लाने के लिए श्रमिक स्पेशल ट्रेनें चलायी गयीं. श्रमिक स्पेशल ट्रेन से सफर करने वाले श्रमिकों को नि:शुल्क टिकट मुहैया कराने की व्यवस्था की गयी है. इन श्रमिकों का किराया रेलवे व राज्य सरकार दे रही है. इसके बावजूद केरल व बेंगलुरु से पहुंचीं श्रमिक स्पेशल ट्रेनों के श्रमिक यात्रियों से किराया वसूल किया गया है. दोनों राज्यों के स्थानीय प्रशासन की ओर से इन श्रमिकों से किराये के नाम पर 45.60 लाख रुपये वसूले गये हैं.

910 के बदले वसूला गया 1050 रुपयामंगलवार को बेंगलुरु से दानापुर दो श्रमिक स्पेशल ट्रेनें पहुंचीं. इन दोनों ट्रेनों से 2345 श्रमिक पहुंचे, जिन्हें बेंगलुरु में बैठने से पहले स्थानीय थाना बुला कर रेलवे टिकट उपलब्ध कराया गया. एक श्रमिक को थाने पर 910 रुपये का रेलवे टिकट दिया गया और इसके बदले 1050 रुपये वसूले गये. यानी दोनों ट्रेनों के श्रमिकों से 24.62 लाख रुपये वसूल किये गये. सीवान जिले के रहने वाले अभिषेक कुमार ने बताया कि लॉकडाउन में जमा किया पैसा खत्म हो गया, फिर दूसरों के सहारे सिर्फ भोजन मिल रहा था. घर आने के लिए रजिस्ट्रेशन किया, तो स्थानीय थाने से फोन के माध्यम से स्पेशल ट्रेन की सूचना मिली और कहा कि थाना आ कर टिकट ले लें.

लेकिन, टिकट के साथ साथ 1050 रुपये वसूला गया. यह सभी श्रमिकों से वसूला गया है. केरल में फंसे हर श्रमिक से वसूले 910 रुपये सोमवार को केरल के एर्णाकुलम व तिरूर से श्रमिक स्पेशल ट्रेन पहुंची, जिससे 2310 श्रमिक आये. इन श्रमिकों को स्थानीय प्रशासन की ओर से रेलवे टिकट मुहैया कराया गया. लेकिन, इस टिकट के बदले 910 रुपये वसूल किये गये. केरल से पहुंचे इन श्रमिकों से केरल प्रशासन ने 21.02 लाख रुपये वसूले हैं. मुजफ्फरपुर के रहने वाले महेश ने बताया कि डेढ़ माह से बैठ कर खा रहे थे. इसके अलावा दो माह का रूम किराया भी दिये. इससे जेब में एक रुपया नहीं बचा. रेलवे की घोषणा के बाद लगा मुफ्त में घर पहुंच जायेंगे. लेकिन, कर्ज लेकर किराये की राशि दी, फिर ट्रेन पर बैठने दिया गया.

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