Rail Accident: नई दिल्ली- दरभंगा संपर्क क्रांति के इंजन में घुसा ड्रिलर, फटा डीजल टैंक

Rail Accident: गाजियाबाद से अलीगढ़ आउटर पर ट्रेन पहुंचने पर चालक को इसकी जानकारी मिली, जिसके बाद ट्रेन को रोका करीब दो घंटे के आपरेशन के बाद ट्रेन को अलीगढ़ से रवाना किया गया. इस हादसे में रेलवे की भारी लापरवाही उजागर हुई है. यह ड्रिलर पहिये के नीचे आता तो ट्रेन पलट भी सकती थी.
Rail Accident: पटना. नई दिल्ली से दरभंगा आ रही बिहार संपर्क क्रांति सुपरफास्ट में बड़ा हादसा हो गया. गाजियाबाद साइट पर चल रहे मरम्मत कार्यस्थल से एक ड्रिल मशीन छिटक कर इंजन के पावर कार के टैंक में घुस गई. इससे डीजल का भारी रिसाव होता रहा. गाजियाबाद से अलीगढ़ आउटर पर ट्रेन पहुंचने पर चालक को इसकी जानकारी मिली, जिसके बाद ट्रेन को रोका करीब दो घंटे के आपरेशन के बाद ट्रेन को अलीगढ़ से रवाना किया गया. इस हादसे में रेलवे की भारी लापरवाही उजागर हुई है. यह ड्रिलर पहिये के नीचे आता तो ट्रेन पलट भी सकती थी.
इंजन से निकाला गया तेल
नई दिल्ली से ट्रेन रवाना होने के बाद गाजियाबाद में इंजन पावर कार के डीजल टैंक में पत्थर तोड़ने और दीवार में छेद करनेवाला ड्रिलर घुस गया. पायलट और गार्ड को पता भी नहीं चल पाया. ट्रेन दिल्ली से अलीगढ़ पहुंची तक लोको पायलट ने सूचना दी, जिसके बाद अलीगढ़ में ड्रिलर को निकाल कर कपड़े से ट्रैंक बंद करने की कोशिश की गई, पर तेल नहीं रुका. बाद में अधिकारियों के आदेश पर डीजल टैंक से 1050 लीटर डीजल निकालकर खाली कराया गया.
कब टैंक फटा इसकी जानकारी नहीं
इस हादसे से ट्रेन करीब दो घंटे अधिक प्रभावित रही. शाम पांच बजे ट्रेन को रवाना किया गया. ट्रेन के लोको पायलेट केएन शुक्लाने बताया उन्हें नहीं पता कि यह ड्रिलर टैंक में कब घुसा. गाड़ी नई दिल्ली से थ्रू आ रही थी. आरपीएफ ने एलटी मशीन यानी ड्रिलर को कब्जे में ले लिया है. सीपीआरओ शशिकांत त्रिपाठी ने बताया कि बिहार संपर्क क्रांति हादसे की जानकारी नहीं है, पर इसमें गाजियाबाद रेलवे स्टेशन के स्तर पर लापरवाही नजर आ रही है. मामले की जांच कराई जाएगी. जो भी दोषी होगा उसके खिलाफ कार्रवाई होगी.
कैसे हुआ हादसा अब तक रहस्य
रेलवे अधिकारियों का कहना है कि मशीन का निरक्षण किया तो पता चला मशीन बृजेश नाम के व्यक्ति का है. बृजेश ने बताया कि यह मशीन मेरी ही है, मैं आज छुट्टी पर हूं. हमारा काम ग़ाज़ियाबाद स्टेशन पर चल रहा है. मेरी गैर हाजरी में मेरा काम धर्मपाल मुंशी द्वारा किया जा रहा है. धर्मपाल ने बताया कि हमारा काम रेलवे फाउंडेशन तोड़ने का है. ग़ाज़ियाबाद स्टेशन के 200 मीटर पूर्वी यार्ड में अलीगढ़ की तरफ चल रहा है. जहां लंच पर जाते वक्त मशीन छूट गई थी.
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By Ashish Jha
डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव. लगातार कुछ अलग और बेहतर करने के साथ हर दिन कुछ न कुछ सीखने की कोशिश. वर्तमान में बंगाल में कार्यरत. बंगाल की सामाजिक-राजनीतिक नब्ज को टटोलने के लिए प्रयासरत. देश-विदेश की घटनाओं और किस्से-कहानियों में विशेष रुचि. डिजिटल मीडिया के नए ट्रेंड्स, टूल्स और नैरेटिव स्टाइल्स को सीखने की चाहत.
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