लोकतंत्र केवल एक शासन प्रणाली नहीं बल्कि प्राचीन भारत के मूल्यों से कराती है अवगत

Author Amber md
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लोकतंत्र केवल एक शासन प्रणाली नहीं बल्कि प्राचीन भारत के मूल्यों से कराती है अवगत

लोकतंत्र की प्राचीनता और महत्व विषय पर समूह चर्चा का आयोजन किया गया

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संवाददाता, पटना

बीडी कॉलेज के प्राचीन इतिहास, संस्कृति व पुरातत्व विभाग द्वारा साप्ताहिक शैक्षणिक कार्यक्रम गुरु गौरव के अंतर्गत लोकतंत्र की प्राचीनता और महत्व विषय पर समूह चर्चा का आयोजन किया गया. कार्यक्रम का आयोजन कॉलेज की प्राचार्या प्रो (डॉ) रत्ना अमृत के मार्गदर्शन में किया गया. कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए विभागाध्यक्ष नीतू तिवारी ने लोकतंत्र की जड़ों को भारतीय इतिहास के सांस्कृतिक और नैतिक आयामों से जोड़ते हुए कहा कि लोकतंत्र केवल शासन प्रणाली नहीं बल्कि भारत के प्राचीन मूल्यों और सभ्यता से अवगत कराती है. उन्होंने कहा कि इसकी जड़ें वैदिक युगीन सभा-समिति और गणराज्य परंपरा में गहराई से निहित है. समूह चर्चा में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए गणराज्य की परंपरा, वैदिक काल से मौर्यकाल तक लोकतांत्रिक तत्वों की निरंतरता, आधुनिक लोकतंत्र में भारतीय परंपरा का प्रभाव और लोकतंत्र के संरक्षण में युवा शक्ति की भूमिका जैसे उप-विषयों पर अपने विचार प्रस्तुत किये. कार्यक्रम में विद्यार्थियों की बौद्धिक सक्रियता और विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण विशेष रूप से सराहनीय रहा. समूह चर्चा में प्रथम स्थान साहिल कुमार व स्वीटी कुमारी, द्वितीय स्थान ज्योति कुमारी और तृतीय स्थान पर छोटू कुमार ने कब्जा जमाया. कार्यक्रम के समापन सत्र में डॉ स्वर्णा ने सभी प्रतिभागियों व विभागीय शिक्षकों के प्रति आभार व्यक्त किया. इस अवसर पर उपस्थित सभी ने यह संकल्प लिया कि वे लोकतंत्र के मूल आदर्शों स्वतंत्रता, समानता, सहभागिता और उत्तरदायित्व को अपने जीवन व्यवहार में अपनायेंगे.

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