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कैंपस : पीपीयू : घाटा 673 करोड़, लेकिन सेल्फ फाइनेंस कोर्स से कमाई की राह भी खुलेगी

Updated at : 18 Dec 2025 8:06 PM (IST)
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कैंपस : पीपीयू : घाटा 673 करोड़, लेकिन सेल्फ फाइनेंस कोर्स से कमाई की राह भी खुलेगी

पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय (पीपीयू) में फाइनेंस कमेटी की बैठक हुई

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-पीपीयू ने 839 करोड़ का बजट किया पास, सेल्फ फाइनेंस कोर्स बने सहारा

-एमकॉम सेल्फ सेल्फ फाइनेंस कोर्स की फीस तय

संवाददाता, पटना

पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय (पीपीयू) में फाइनेंस कमेटी की बैठक हुई. बैठक में भारी वित्तीय दबाव के बीच शैक्षणिक सत्र 2025-26 के लिए 839 करोड़ रुपये का बजट पारित किया गया है. बजट में 673 करोड़ रुपये का घाटा सामने आया है, जिसने विश्वविद्यालय की आर्थिक सेहत पर सवाल खड़े किये हैं. बावजूद इसके सिंडिकेट की बैठक में लिये गये फैसले यह संकेत देते हैं कि पीपीयू अब घाटे से उबरने के लिए आय के नये रास्ते तलाशने की दिशा में कदम बढ़ा रहा है. बजट का सबसे बड़ा हिस्सा वेतन और पेंशन मद में प्रस्तावित है. विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार नियमित शिक्षकों और कर्मचारियों की संख्या अधिक होने से इस मद में व्यय लगातार बढ़ रहा है. यही वजह है कि विकास कार्यों और अकादमिक विस्तार के लिए सीमित संसाधन बच पा रहे हैं. विश्वविद्यालय का वेतन में 301,53,67,199 और पेंशन 171,66,17,212 खर्च दिखाया गया है. विश्वविद्यालयों को अलग-अलग स्रोतों से 166 करोड़ रुपये की आय है. इस स्थिति ने पीपीयू को वैकल्पिक आय स्रोतों पर गंभीरता से सोचने के लिए विवश किया है. बजट पर चर्चा के दौरान सदस्यों ने स्पष्ट किया कि केवल सरकारी अनुदान के भरोसे विश्वविद्यालय को चलाना अब मुश्किल होता जा रहा है. घाटे को कम करने के लिए सेल्फ फाइनेंस कोर्स, व्यावसायिक पाठ्यक्रम और बेहतर वित्तीय प्रबंधन को प्राथमिकता देने पर सहमति बनी है.

अब एमकॉम सेल्फ फाइनेंस कोर्स की फीस 36 हजार रुपये

बैठक की अध्यक्षता कुलपति प्रो उपेंद्र प्रसाद सिंह ने की. फाइनेंस कमेटी की बैठक में कई महत्वपूर्ण शैक्षणिक और प्रशासनिक निर्णय भी लिये गये. बैठक में एमकॉम सेल्फ फाइनेंस कोर्स की फीस संरचना को मंजूरी दी गयी. इसी क्रम में सिंडिकेट ने एमकॉम सेल्फ फाइनेंस कोर्स की फीस संरचना को मंजूरी दी है. इस कोर्स में छात्रों को चार वर्षों में कुल 36 हजार रुपये का भुगतान करना होगा. पहले वर्ष के लिए 18 हजार रुपये फीस तय की गयी है. यह कोर्स इसी सत्र से शुरू किया जा रहा है और इसे विश्वविद्यालय की आय बढ़ाने वाले मॉडल के रूप में देखा जा रहा है. बैठक में कुलसचिव प्रो अबु बकर रिजवी, एफए शशि रंजन, एफओ देश प्रकाश, परीक्षा नियंत्रक प्रो मनोज कुमार, डीन प्रो राजीव रंजन सहित कई अधिकारी मौजूद थे.

टीपीएस कॉलेज में शुरू होगी एमकॉम की पढ़ाई

एमकॉम सेल्फ फाइनेंस कोर्स का संचालन टीपीएस कॉलेज में होगा, जहां 30 सीटों पर नामांकन होगा. भविष्य में इसे अन्य संबद्ध कॉलेजों तक विस्तार देने की भी योजना है.

पीएचडी कोर्स फीस के लिए देने होंगे पांच हजार रुपये

सिंडिकेट बैठक में पीएचडी कोर्स की फीस भी निर्धारित की गयी. अब शोधार्थियों को नामांकन के लिए पांच हजार रुपया शुल्क देना होगा. प्रशासन का मानना है कि इससे शोध कार्यों की प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूती मिलेगी और अकादमिक गतिविधियां बेहतर ढंग से संचालित होंगी. अधिकारियों ने बताया कि नियमित शिक्षकों और कर्मचारियों की संख्या कम है. आउटसोर्स कर्मियों से काम चल रहा है. वहीं, विकास कार्यों और अकादमिक सुधारों के लिए सीमित संसाधन उपलब्ध हो पा रहे हैं.

सभी विवि को समय पर भेजना है बजट

सभी विवि को बजट बना कर शिक्षा विभाग को देना है. ताकि बजट सत्र में विश्वविद्यालयों व कॉलेजों के बजट को भी जोड़ा जाये. इस कारण सरकार ने सभी विश्विविद्यालयों से बजट भेजने को कहा है, ताकि सरकार को विश्वविद्यालयों व कॉलेजों में होनेवाले खर्चों का सही-सही आकलन हो पाये.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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ANURAG PRADHAN

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By ANURAG PRADHAN

ANURAG PRADHAN is a contributor at Prabhat Khabar.

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