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शराब तस्करों से संबंध रखने के आरोप में थानेदार सस्पेंड, सुशांत सिंह राजपूत केस की जांच में भेजे गए थे मुंबई

Updated at : 11 Jul 2021 2:16 PM (IST)
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शराब तस्करों से संबंध रखने के आरोप में थानेदार सस्पेंड, सुशांत सिंह राजपूत केस की जांच में भेजे गए थे मुंबई

शराब तस्करों से संबंध रखने के आरोप में शनिवार को बुद्धा कॉलोनी के थानाध्यक्ष कैसर आलम को सस्पेंड कर दिया गया. डीजीपी संजीव कुमार सिंघल के निर्देश के बाद रेंज आइजी संजय सिंह ने कार्रवाई की. कैसर आलम को छह फरवरी को बुद्धा कॉलोनी थाने का थानाध्यक्ष बनाया गया था. इसके साथ ही कैसर आलम बेऊर, फुलवारीशरीफ व पीरबहोर थाना में थानाध्यक्ष रह चुके हैं. वे अभिनेता सुशांत सिंह हत्याकांड केस की जांच करने वाली टीम में भी शामिल थे और मुंबई भी गये थे. कैसर आलम को पटना के तेज तर्रार पुलिस पदाधिकारी की गिनती में रखा जाता है.

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शराब तस्करों से संबंध रखने के आरोप में शनिवार को बुद्धा कॉलोनी के थानाध्यक्ष कैसर आलम को सस्पेंड कर दिया गया. डीजीपी संजीव कुमार सिंघल के निर्देश के बाद रेंज आइजी संजय सिंह ने कार्रवाई की. कैसर आलम को छह फरवरी को बुद्धा कॉलोनी थाने का थानाध्यक्ष बनाया गया था. इसके साथ ही कैसर आलम बेऊर, फुलवारीशरीफ व पीरबहोर थाना में थानाध्यक्ष रह चुके हैं. वे अभिनेता सुशांत सिंह हत्याकांड केस की जांच करने वाली टीम में भी शामिल थे और मुंबई भी गये थे. कैसर आलम को पटना के तेज तर्रार पुलिस पदाधिकारी की गिनती में रखा जाता है.

जानकारी के अनुसार, दीघा थाना इलाके में जून माह में मद्य निषेध इकाई की टीम ने छापेमारी की थी. इस दौरान एक क्रेटा कार से 326 लीटर शराब की बरामदगी की गयी थी. इसके साथ ही एक और छापेमारी में काफी मात्रा में शराब की बरामदगी हुई थी. इस मामले में एक शराब तस्कर को पकड़ा गया था और दो शराब तस्करों का नाम सामने आया था. लेकिन दोनों ही फरार चल रहे थे. उन दोनों शराब तस्करों के पीछे मद्य निषेध विभाग की टीम लगी थी. इसी बीच टीम को दोनों तस्करों के मोबाइल नंबर भी हाथ लग गये थे. उसी एक तस्कर के मोबाइल नंबर पर एक दिन कैसर आलम की बात हुई और टीम को जानकारी मिली कि वे उन लोगों के संपर्क में हैं.

इसके बाद मद्य निषेध विभाग की टीम ने कैसर आलम को निलंबित करने की अनुशंसा करते हुए प्रस्ताव को पुलिस मुख्यालय भेजा था. इसके बाद रेंज आइजी संजय सिंह ने कार्रवाई कर दी. बताया जाता है कि कैसर आलम के खिलाफ विभागीय जांच भी की जा रही है. इस मामले में कैसर आलम फंस गये हैं और उन्हें अब नियमानुसार दस साल तक किसी भी थाने का थानाध्यक्ष नहीं बनाया जायेगा.

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POSTED BY: Thakur Shaktilochan

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