पटना में नशे की सुइयों का मकड़जाल, विक्की-रिक्की सिंडिकेट से जुड़े दवा माफिया के फैलते तार

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पटना में नशे की सुइयों का मकड़जाल

Patna News: पटना के सुल्तानगंज इलाके से शुरू हुई पुलिस जांच ने नशे के इंजेक्शन के एक बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। शुरुआती जांच में पता चला है कि यह गिरोह शहर के कई इलाकों में सक्रिय था

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सुल्तानगंज से खुला नशे के इंजेक्शन का काला खेल

Patna News: (शुभम कुमार की रिपोर्ट) पटना के सुल्तानगंज इलाके से शुरू हुई पुलिस जांच ने नशे के इंजेक्शन के एक बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। शुरुआती जांच में पता चला है कि यह गिरोह शहर के कई इलाकों में सक्रिय था और युवाओं तक नशे की सुइयां पहुंचाने का काम कर रहा था। पुलिस को शक है कि इस नेटवर्क के तार बड़े दवा माफियाओं और सफेदपोश कारोबारियों से जुड़े हुए हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए विशेष टीम गठित कर पूरे सिंडिकेट की तह तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है।

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चेन सिस्टम पर चलता था पूरा सिंडिकेट

पुलिस जांच में सामने आया है कि यह गिरोह बेहद संगठित तरीके से काम करता था। नेटवर्क को इस तरह तैयार किया गया था कि नीचे काम करने वाले लोगों को ऊपर बैठे सरगनाओं की पहचान तक नहीं होती थी। हर व्यक्ति केवल अपने संपर्क में रहने वाले एक-दो लोगों को ही जानता था, जिससे मुख्य आरोपी तक पहुंचना मुश्किल हो सके। इसी वजह से पुलिस को पूरे नेटवर्क को तोड़ने में काफी मशक्कत करनी पड़ रही है।

विक्की-रिक्की संभालते थे डिलीवरी का जिम्मा

जांच के दौरान विक्की और रिक्की नाम के दो युवकों की पहचान हुई है, जो नशे के इंजेक्शन की सप्लाई और डिलीवरी का काम करते थे। इनके जरिए मो. अफजल और मो. राजू माल उठाते थे। जेल भेजे गए विशाल, विक्की, राहुल और सूर्या अभिषेक जैसे आरोपी भी केवल अफजल और राजू तक ही सीमित जानकारी रखते थे। पुलिस के मुताबिक, अफजल खुद भी विक्की और रिक्की के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं रखता था। केवल एक फोन कॉल पर बाजार समिति के पास माल पहुंचा दिया जाता था।

रामकृष्ण नगर में छिपा है बड़ा स्टॉक

पुलिस को गुप्त सूचना मिली है कि नशे के इंजेक्शन का बड़ा जखीरा रामकृष्ण नगर इलाके के किसी गोदाम में रखा गया है। इसी सूचना के आधार पर पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है। पीरबहोर इलाके में हुई कार्रवाई के दौरान अफजल के संपर्क में रहने वाले तीन संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है। फिलहाल इनसे गुप्त स्थान पर पूछताछ जारी है और पुलिस को उम्मीद है कि इनके जरिए बड़े खुलासे हो सकते हैं।

कॉल डिटेल से खंगाले जा रहे दवा माफियाओं के लिंक

जेल भेजे गए आरोपियों के मोबाइल फोन की कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) खंगाली जा रही है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि पिछले कुछ महीनों में आरोपियों ने किन नंबरों पर सबसे ज्यादा बातचीत की। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि शहर के कौन-कौन से दवा विक्रेता या सप्लायर इनके संपर्क में थे। पुलिस को उम्मीद है कि सीडीआर से पूरे नेटवर्क की कड़ियां जुड़ सकती हैं।

मोबाइल गिरवी रखकर लेते थे नशे की खुराक

जांच में एक बेहद चौंकाने वाली बात सामने आई है। कई युवा पैसे नहीं होने पर नशे की एक खुराक के बदले अपना मोबाइल फोन गिरवी रख देते थे। पुलिस ने छापेमारी के दौरान कुल 32 मोबाइल फोन बरामद किए हैं। ये सभी मोबाइल उन युवाओं के बताए जा रहे हैं जिन्होंने इंजेक्शन लेने के लिए अपने फोन गिरवी रखे थे। अब पुलिस इन मोबाइलों के आईएमईआई नंबर के जरिए असली मालिकों की पहचान करने में जुटी है।

युवाओं और परिवारों से होगी पूछताछ

पुलिस का कहना है कि जिन युवाओं की पहचान होगी, उन्हें उनके परिजनों के साथ थाने बुलाकर पूछताछ की जाएगी। अधिकारियों का मानना है कि इससे न केवल नशे के नेटवर्क की जानकारी मिलेगी बल्कि युवाओं को इस दलदल से बाहर निकालने में भी मदद मिल सकती है। पुलिस अब इस मामले को केवल अपराध नहीं बल्कि सामाजिक संकट के रूप में भी देख रही है।

अफजल को रिमांड पर लेने की तैयारी

पुलिस आने वाले दिनों में मो. अफजल को रिमांड पर लेकर पूछताछ करने की तैयारी कर रही है। अधिकारियों का मानना है कि अफजल से पूछताछ में उन बड़े दवा माफियाओं के नाम सामने आ सकते हैं जो पर्दे के पीछे रहकर करोड़ों रुपये का अवैध कारोबार चला रहे हैं। फिलहाल सुल्तानगंज से लेकर रामकृष्ण नगर तक लगातार छापेमारी और दबिश का दौर जारी है।

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