पटना आयुर्वेदिक कॉलेज के शताब्दी समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को बुलाने की तैयारी

Patna News: पटना आयुर्वेदिक कॉलेज के शताब्दी समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को बुलाने की तैयारी
Patna News: पटना के आयुर्वेदिक कॉलेज और अस्पताल के 100 वर्ष पूरे होने पर 26 जुलाई 2026 को शताब्दी समारोह आयोजित किया जाएगा.
26 जुलाई 2026 को मनाया जाएगा शताब्दी समारोह, स्वास्थ्य विभाग को भेजा गया प्रस्ताव
Patna News: (आनंद तिवारी की रिपोर्ट) पटना स्थित आयुर्वेदिक कॉलेज और अस्पताल के शताब्दी समारोह को भव्य और यादगार बनाने की तैयारी शुरू हो गई है. कॉलेज प्रशासन ने समारोह में मुख्य अतिथि के तौर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को आमंत्रित करने का प्रस्ताव स्वास्थ्य विभाग को भेजा है. स्वास्थ्य विभाग के माध्यम से राष्ट्रपति को कार्यक्रम में शामिल होने के लिए औपचारिक निमंत्रण भेजा जाएगा.
शताब्दी वर्ष पर जारी होगा डाक टिकट
कॉलेज प्रशासन की ओर से शताब्दी वर्ष के अवसर पर विशेष डाक टिकट जारी करने की भी तैयारी की जा रही है. कॉलेज की प्राचार्य डॉ. उमा पांडेय ने बताया कि 26 जुलाई 2026 को संस्थान के 100 वर्ष पूरे हो जाएंगे। इसे लेकर अभी से विभिन्न कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार की जा रही है.
संस्थान के इतिहास को बनाया जाएगा खास
प्राचार्य डॉ. उमा पांडेय और अधीक्षक डॉ. शिवादित्य ठाकुर ने बताया कि इस कॉलेज की स्थापना भारत के प्रथम उपराष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन ने की थी. उन्होंने यह भी कहा कि बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पिता भी इस कॉलेज के पूर्व छात्र रह चुके हैं. शताब्दी वर्ष को ऐतिहासिक बनाने के लिए कई विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे.
पीजी स्तर पर शुरू होगा 15वां पाठ्यक्रम
इंटीग्रेटेड हेल्थ एंड ट्रांसलेशनल रिसर्च विभाग खोलने की तैयारी
आयुर्वेदिक कॉलेज में वर्तमान में 14 पीजी कोर्स संचालित हो रहे हैं. अब कॉलेज प्रशासन नए सत्र से 15वां पाठ्यक्रम शुरू करने की योजना बना रहा है। इसके तहत डिपार्टमेंट ऑफ इंटीग्रेटेड हेल्थ एंड ट्रांसलेशनल रिसर्च शुरू किया जाएगा। इसके लिए भी स्वास्थ्य विभाग को अनुमति हेतु प्रस्ताव भेजा गया है.
आधुनिक और पारंपरिक चिकित्सा पर होगा काम
प्राचार्य डॉ. उमा पांडेय ने बताया कि इस नए पाठ्यक्रम के माध्यम से आधुनिक चिकित्सा और पारंपरिक चिकित्सा पद्धति को जोड़कर समग्र उपचार प्रणाली विकसित करने पर काम किया जाएगा। आयुर्वेद, योग और अन्य पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों से जुड़ी प्रयोगशाला शोध को व्यावहारिक उपचार में शामिल करने की दिशा में पहल होगी.
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By karunatiwari
करुणा तिवारी बिहार के आरा, वीर कुंवर सिंह की धरती से आती हैं। उन्होंने पत्रकारिता में अपने करियर की शुरुआत Doordarshan Bihar के साथ की। 8 वर्षों तक टीवी और डिजिटल माध्यम में सक्रिय रहने के बाद, वर्तमान में वह प्रभात खबर डिजिटल, बिहार टीम के साथ कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं। उन्हें बिहार की राजनीति, ग्राउंड रिपोर्टिंग और सामाजिक मुद्दों में विशेष रुचि है। अपने काम के प्रति समर्पित करुणा हर दिन कुछ नया सीखने और बेहतर करने की कोशिश करती हैं, ताकि सशक्त और प्रभावी पत्रकारिता के माध्यम से समाज तक सच्चाई पहुंचा सकें।
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