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पटना में 950 में से 521 इलाके ध्वनि प्रदूषण के डेंजर जोन,हाई ब्लड प्रेशर और बहरेपन का खतरा

Updated at : 07 Feb 2026 9:15 AM (IST)
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noise pollution

सांकेतिक तस्वीर -noise pollution

Patna News: हॉर्न, इंजन और लाउडस्पीकर. पटना की सड़कों पर शोर अब सिर्फ असुविधा नहीं, सेहत और कानून दोनों के लिए खतरा बन चुका है. बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के हालिया सर्वे ने जो खुलासे किए हैं, वे चौंकाने वाले हैं. आलम यह है कि पटना के पॉश इलाकों का शोर अब इंडस्ट्रियल एरिया को भी मात दे रहा है.

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Patna News: पटना शहर में ध्वनि प्रदूषण लगातार गंभीर रूप लेता जा रहा है. बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के हालिया अध्ययन ने चौंकाने वाली तस्वीर पेश की है. शहर के बाजारों और भीड़भाड़ वाले 950 स्थानों पर किए गए सर्वे में 521 स्पॉट पर 75 डेसिबल से अधिक शोर दर्ज किया गया, जो तय मानकों से कहीं ज्यादा है.

बोरिंग रोड, कंकड़बाग, राजापुर पुल और पटना जंक्शन जैसे प्रमुख इलाकों में औसत शोर स्तर 80 डेसिबल से ऊपर पाया गया, जो औद्योगिक क्षेत्रों के मानक के बराबर माना जाता है.

क्रॉसिंग प्वाइंट बने शोर जोन

रिपोर्ट के अनुसार शहर के प्रमुख चौराहों और ट्रैफिक क्रॉसिंग पर स्थिति सबसे ज्यादा चिंताजनक है. राजापुर पुल, पटना जंक्शन और बोरिंग रोड जैसे इलाकों में ध्वनि स्तर 86 डेसिबल से अधिक दर्ज किया गया. यहां तक कि आवासीय और कार्यालय क्षेत्रों में भी औसतन 77.79 डेसिबल शोर पाया गया, जो निर्धारित सीमा का उल्लंघन है.

हॉर्न हॉटस्पॉट्स में 110 डेसिबल तक शोर

परिवहन विभाग की एक अन्य सर्वे रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि पटना के सात प्रमुख “हॉर्न हॉटस्पॉट्स” पर शोर का स्तर 110 डेसिबल तक पहुंच गया. यह विश्व स्वास्थ्य संगठन की सलाह से कहीं ज्यादा है. गाड़ियों के इंजन की तेज आवाज, बार-बार हॉर्न बजाना और डीजे व लाउडस्पीकर का अत्यधिक इस्तेमाल इसके मुख्य कारण बताए गए हैं. सर्वे में शामिल करीब 60 हजार लोगों ने लगातार हॉर्न शोर से राहत न मिलने की बात कही है.

विशेषज्ञों का कहना है कि लगातार तेज आवाज के संपर्क में रहने से तनाव, हाई ब्लड प्रेशर, नींद न आना और सुनने की क्षमता में कमी जैसी समस्याएं बढ़ रही हैं. यह स्थिति बच्चों और बुजुर्गों के लिए और भी खतरनाक मानी जा रही है, जिनमें मानसिक तनाव और सुनने से जुड़ी शिकायतें बढ़ रही हैं.

हाईकोर्ट सख्त, थानों को निर्देश

पटना हाईकोर्ट ने ध्वनि प्रदूषण को गंभीर मानते हुए एसएसपी को सभी थाना प्रभारियों को सख्त निर्देश जारी करने को कहा है. कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि 112 डायल सेवा के जरिए रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक शोर की शिकायतों पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी. प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को वायु और ध्वनि प्रदूषण रोकने के लिए उठाए गए कदमों पर विस्तृत रिपोर्ट दाखिल करने का आदेश दिया गया है.

प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अध्यक्ष डीके शुक्ला ने बताया कि सरस्वती पूजा के बाद अब तक 27 लोगों पर तय समय के बाद लाउडस्पीकर बजाने पर कार्रवाई की जा चुकी है और आगे भी सख्ती बरती जाएगी.

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Pratyush Prashant

लेखक के बारे में

By Pratyush Prashant

महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एम.ए. तथा जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से मीडिया और जेंडर में एमफिल-पीएचडी के दौरान जेंडर संवेदनशीलता पर निरंतर लेखन. जेंडर विषयक लेखन के लिए लगातार तीन वर्षों तक लाडली मीडिया अवार्ड से सम्मानित रहे. The Credible History वेबसाइट और यूट्यूब चैनल के लिए कंटेंट राइटर और रिसर्चर के रूप में तीन वर्षों का अनुभव. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल, बिहार में राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर लेखन कर रहे हैं. किताबें पढ़ने, वायलिन बजाने और कला-साहित्य में गहरी रुचि रखते हैं तथा बिहार को सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक दृष्टि से समझने में विशेष दिलचस्पी.

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