Patna News: सिर्फ आधार कार्ड दिखाएं और पटना में पाएं फ्री ठहरने की सुविधा, टीवी-कंबल और आरओ पानी की व्यवस्था

Updated:
विज्ञापन

Patna News: शहर में बेघर और जरूरतमंदों के लिए बड़ी सुविधा शुरू हुई है. नगर निगम ने शहरभर में 26 रैन बसेरे तैयार किए हैं, जिनमें 953 बेड लगी है. वहीं, जर्मन हैंगर में डबल स्टोरी बेड, टीवी, आरओ पानी, पंखा, टॉयलेट और दो कंबलों की व्यवस्था है. केवल आधार कार्ड और मोबाइल नंबर देकर रात में फ्री ठहरने और खाने की सुविधा मिल जाएगी.

विज्ञापन


Patna News:
शहर में ठंड तेजी से बढ़ रही है और रात में तापमान लगातार नीचे जा रहा है. गुरुवार को न्यूनतम तापमान 14.6 डिग्री दर्ज किया गया. ऐसे में बेघर और असहाय लोगों को खुले में रात बितानी न पड़े, इसके लिए पटना नगर निगम ने शहरभर में 26 रैन बसेरों को पूरी तरह तैयार कर दिया है. इन रैन बसेरों में कुल 953 बेड की व्यवस्था की गई है. नगर ने स्थायी, अस्थायी और जर्मन हैंगर तीनों तरह के रैन बसेरे इस बार और अधिक सुविधाजनक बनाए हैं.

आपके शहर में

विज्ञापन

जर्मन हैंगर में तो दो-दो मंजिला बेड, टीवी, स्वच्छ आरओ पानी, पंखा, टॉयलेट, कंबल और मच्छरदानी जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं. वहीं, तीन शिफ्ट में केयरटेकर और हर स्थल पर प्रबंधक तैनात किए गए हैं. हालांकि, उपयोग के लिए आधार कार्ड व मोबाइल नंबर देना होगा.

ये भी पढ़ें: नारियल वेस्ट से रोजाना इतने टन होता है कचरा उत्पादन, अब कोकोपीट व फाइबर में बदलेगी निगम

दो कंबल, टीवी और साफ पानी की सुविधा

इस बार जर्मन हैंगर को अधिक आधुनिक और आरामदायक बनाया गया है. यहां दो-दो मंजिला बेड लगाए गए हैं, ताकि अधिक लोगों को ठहरने की जगह मिल सके. वहीं, सभी रैन बसेरा में टीवी, टॉयलेट, पंखा, मच्छरदानी, कंबल तथा स्वच्छ पानी जैसी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध हैं. ठंड बढ़ने पर प्रति व्यक्ति दो कंबल दिए जाएंगे. रैन बसेरे में ठहरने के लिए आधार कार्ड और मोबाइल नंबर देना जरूरी होगा.

नूतन राजधानी और कंकड़बाग में सबसे अधिक रैन बसेरे

निगम ने सबसे अधिक रैन बसेरे नूतन राजधानी और कंकड़बाग अंचल में बनाए हैं. इन इलाकों में रिक्शाचालक, दिहाड़ी मजदूर और ठेला लगाने वालों की संख्या अधिक है, जो अक्सर रात में खुले में सोने को मजबूर हो जाते हैं. नूतन राजधानी में 416 बेड वाले 12 रैन बसेरे बनाए गए हैं. इनमें न्यू सचिवालय गेट नंबर 03, जीपीओ गोलंबर, चिरैयाटांड आरओबी, जगदेव पथ पुल के नीचे और माल रोड पर बनाए गए पांच जर्मन हैंगर प्रमुख हैं.

कंकड़बाग अंचल में 233 बेड वाले पांच जर्मन हैंगर और दो स्थायी रैन बसेरे बनाए गए हैं, जिसमें कंकड़बाग कॉलोनी मोड़ से लेकर वैशाली गोलंबर तक के स्थान शामिल हैं.

ये भी पढ़ें: बांस घाट पर मरीन ड्राइव से दिखेगी 12 फुट ऊंची ‘आदिशक्ति’ की भव्य प्रतिमा, इस राज्य के कलाकार कर रहे तैयार!

महिलाओं के लिए तैयार है अलग रैन बसेरा

महिलाओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए शहर के प्रमुख स्थानों पर महिला रैन बसेरा भी संचालित किया जा रहा है. यह गांधी मैदान मौर्या होटल के सामने, बुद्धा स्मृति पार्क के पास फ्रेजर रोड और पटना सिटी नाला पर रैन बसेरे संचालित होंगे. यहां पुरुषों का प्रवेश वर्जित है.

ये भी पढ़ें: घर-घर जाकर 20 लाख बेटियों को स्कूल भेजा, भारत की इस संस्था ने जीता रेमन मैग्सेसे

अंचलवार रैन बसेरा और बेड की संख्या

नूतन राजधानी अंचल: 5 जर्मन हैंगर, 2 स्थायी, 5 अस्थायी – कुल बेड: 416
कंकड़बागअंचल: 5 जर्मन हैंगर, 2 स्थायी, 0 अस्थायी – कुल बेड: 233
पाटलिपुत्र अंचल: 0 जर्मन हैंगर, 0 स्थायी, 1 अस्थायी – कुल बेड: 30
पटना सिटी अंचल: 0 जर्मन हैंगर, 0 स्थायी, 2 अस्थायी – कुल बेड: 60
अजीमाबाद अंचल: 2 जर्मन हैंगर, 2 स्थायी, 0 अस्थायी – कुल बेड: 214

विज्ञापन

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन