‘सरकार का हिस्सा हूं, इसलिए चुप नहीं बैठूंगा’, छात्रों के समर्थन में उतरे चिराग पासवान, मुख्यमंत्री से की सीधी बात
केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने बिहार में प्रदर्शन कर रहे छात्रों से मुलाकात की और उनकी 15 सूत्री मांगों को सुना. उन्होंने मुख्यमंत्री से मिलकर छात्रों की समस्याओं पर चर्चा की.
Bihar Student Protest : बिहार में छात्र आंदोलन के बीच केंद्रीय मंत्री और लोजपा (रामविलास) प्रमुख चिराग पासवान बुधवार को अचानक गर्दनीबाग पहुंचे और प्रदर्शन कर रहे छात्रों से मुलाकात की. उन्होंने छात्रों की समस्याएं सुनीं और उनके 15 सूत्री मांग पत्र को समझा. इसके बाद चिराग पासवान ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से मुलाकात कर छात्रों की मांगों और उनकी समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की.
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छात्रों पर लाठीचार्ज की तस्वीरों से हुए चिंतित
चिराग पासवान ने कहा कि दिन में छात्रों के संघर्ष और उन पर हुए लाठीचार्ज की तस्वीरें देखकर उन्हें काफी चिंता हुई. उन्होंने कहा कि छात्र, अभ्यर्थी और युवा वर्ग अपनी बात सरकार तक पहुंचाने के लिए लगातार संघर्ष कर रहे हैं. ऐसे में उन्होंने हमेशा युवाओं से जुड़े मुद्दों को प्राथमिकता दी है और सरकार तक उनकी बात पहुंचाने के लिए सेतु की भूमिका निभाने की कोशिश की है.
उन्होंने कहा कि चाहे सरकार अपनी हो या विपक्ष की, युवाओं से जुड़े मुद्दों को उचित मंच तक पहुंचाना उनकी प्राथमिकता रही है. इसी उद्देश्य से वह मुख्यमंत्री से मिलने पहुंचे थे, ताकि अगर छात्रों से जुड़ी कोई जानकारी सरकार के संज्ञान में नहीं आई है तो उसे मुख्यमंत्री तक पहुंचाया जा सके.
पहले छात्रों से मिले, फिर मुख्यमंत्री से की मुलाकात
मुख्यमंत्री से मिलने से पहले चिराग पासवान गर्दनीबाग पहुंचे. वहां उन्होंने प्रदर्शन कर रहे छात्रों से बातचीत की और उनकी मांगों को समझा. उन्होंने छात्रों से उनका 15 सूत्री मांग पत्र भी लिया. छात्रों की ओर से बेल्ट्रॉन, बीपीएससी, टीआर समेत अलग-अलग मुद्दों को लेकर मांगें रखी गयी हैं.
चिराग पासवान ने कहा कि मुख्यमंत्री से करीब एक घंटे तक इन सभी विषयों पर गंभीरता से चर्चा हुई. उन्होंने मुख्यमंत्री के सामने छात्रों की एक-एक मांग और उससे जुड़े बिंदुओं को रखा. चिराग के अनुसार मुख्यमंत्री ने भी सभी बातों को सकारात्मक और खुले मन से सुना.
‘जो बात सही है, उस पर फैसला होना चाहिए’
चिराग पासवान ने कहा कि मुख्यमंत्री का मानना है कि छात्रों की जो बात सही है, उस पर जरूर फैसला होना चाहिए. उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री देर रात विभाग के संबंधित अधिकारियों के साथ भी इन मुद्दों पर चर्चा कर सकते हैं. चिराग ने उम्मीद जतायी कि धीरे-धीरे एक-एक बिंदु पर समाधान की दिशा में आगे बढ़ा जाएगा.
उन्होंने यह भी कहा कि छात्रों का एक प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री से मिलना चाहता है और उन्होंने मुख्यमंत्री से इस संबंध में आग्रह किया है. उनके मुताबिक इस पर भी जल्द फैसला हो सकता है.
‘दो हफ्ते से ज्यादा से धूप में परेशान हैं छात्र’
चिराग पासवान ने कहा कि छात्र दो सप्ताह से अधिक समय से गर्मी और धूप में अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं. सरकार के सहयोगी होने के नाते यह उनकी नैतिक जिम्मेदारी है कि वे ज्यादा से ज्यादा मुद्दों पर मध्यस्थ की भूमिका निभाकर समाधान निकालने का प्रयास करें.
उन्होंने कहा, ‘संवाद से ही समाधान निकलेगा और आज मैंने उसी दिशा में प्रयास किया है.’
‘सत्ता पक्ष में हूं तो खामोश होकर नहीं बैठ सकता’
जब चिराग पासवान से पूछा गया कि क्या छात्रों के बीच जाकर उनकी आवाज उठाना विपक्ष की भूमिका निभाने जैसा है, तो उन्होंने इससे साफ इनकार किया. उन्होंने कहा कि वह इसे विपक्ष की भूमिका नहीं मानते, बल्कि एक जायज भूमिका मानते हैं.
चिराग ने कहा कि जब वह विपक्ष में थे, तब भी छात्रों और युवाओं की आवाज उठाते थे. अब सत्ता पक्ष में हैं तो इसका मतलब यह नहीं है कि खामोशी से कान में रुई डालकर बैठ जाएं. उन्होंने कहा कि उनकी सोच ऐसी नहीं है.
‘मैं एक ईमानदार सहयोगी की भूमिका निभा रहा हूं’
चिराग पासवान ने कहा कि उनके पास बिहार में 19 विधायक और केंद्र में पांच सांसद हैं. ऐसे में वह कोई बड़ी राजनीतिक हलचल पैदा करने की स्थिति में नहीं हैं, लेकिन जिस सरकार का वह समर्थन कर रहे हैं और जिसका हिस्सा हैं, उसमें जानकारी या संवाद के अभाव में किसी की आवाज अनसुनी न रह जाए, यह सुनिश्चित करना उनकी कोशिश है.
उन्होंने खुद को सरकार का ‘ईमानदार सहयोगी’ बताते हुए कहा कि जहां उन्हें लगता है कि कोई मुद्दा सही है, वहां वह उसे सरकार के जिम्मेदार लोगों तक पहुंचाने का काम करेंगे.
‘मैं हमेशा युवाओं और अन्याय झेल रहे लोगों के साथ’
चिराग पासवान ने कहा कि वह युवाओं के साथ मजबूती से खड़े हैं. किसी भी कारण से जिस वर्ग या व्यक्ति के साथ अन्याय हो रहा है, उसकी आवाज उठाना उनकी जिम्मेदारी है. उन्होंने कहा कि उन्हें इससे फर्क नहीं पड़ता कि वह उस समय सरकार का हिस्सा हैं या विपक्ष में.
उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य गठबंधन के साथियों और निर्णय लेने वाले जिम्मेदार लोगों तक सही जानकारी पहुंचाना है, ताकि अंततः उचित फैसला लिया जा सके.
छात्रों की मांगों पर जल्द समाधान की उम्मीद
छात्रों की मांगों पर समाधान की समय सीमा के सवाल पर चिराग पासवान ने कहा कि वह कोई निश्चित समय सीमा नहीं देना चाहते. मुख्यमंत्री से विस्तार से चर्चा हो चुकी है और अब विभागीय स्तर पर भी इन मुद्दों पर जानकारी ली जा सकती है. उन्होंने उम्मीद जतायी कि जल्द ही समाधान की दिशा में ठोस कदम उठेंगे.
उन्होंने यह भी कहा कि छात्रों और युवाओं को बार-बार अपनी मांगों के लिए सड़क पर उतरना पड़ रहा है, यह चिंता का विषय है. उनके अनुसार लगातार संवाद कायम रहने से समस्याओं का समाधान निकाला जा सकता है और अब सरकार समाधान की दिशा में आगे बढ़ रही है.
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