2 करोड़ के फ्रॉड का खुलासा, वकील की फीस देने के लिए दोबारा शुरू की ठगी, पटना से नाबालिग समेत 5 धराए
पुलिस गिरफ्त में साइबर ठग
पटना पुलिस ने सोशल मीडिया पर लोन दिलाने का विज्ञापन देकर लोगों से करोड़ों की ठगी करने वाले एक बड़े साइबर गिरोह का पर्दाफाश किया है. गिरोह के सरगना समेत पांच सदस्यों को गिरफ्तार किया गया है. यह गिरोह लोगों को फर्जी लोन का झांसा देकर भारी रकम ऐंठता था.
पटना से आनंद सिंह कौशिक की रिपोर्ट
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Cyber Fraud : पटना में सोशल मीडिया पर लोन दिलाने का विज्ञापन देकर लोगों को ठगी के जाल में फंसाने वाले साइबर गिरोह का पुलिस ने खुलासा किया है. साइबर पुलिस ने गिरोह के पांच सदस्यों को गिरफ्तार किया है, इनमें एक नाबालिग और एक युवती भी शामिल है. पुलिस के अनुसार, गिरोह ने देशभर में 100 से अधिक लोगों को ठगी का शिकार बनाया और करीब दो करोड़ रुपये की साइबर ठगी की है.
फेसबुक-इंस्टाग्राम पर डालते थे लोन का विज्ञापन
साइबर थाना के डीएसपी देव आशीष हंस ने बताया कि गिरोह के सदस्य फेसबुक और इंस्टाग्राम पर बजाज फाइनेंस और धानी फाइनेंस के नाम से आकर्षक लोन के विज्ञापन डालते थे. विज्ञापन देखकर संपर्क करने वाले लोगों से खुद को फाइनेंस कंपनी का कर्मचारी बताकर लोन दिलाने का भरोसा दिया जाता था.
इसके बाद आरोपित प्रोसेसिंग शुल्क समेत अलग-अलग मद में रुपये वसूलते थे. शुरुआत में 10 से 15 हजार रुपये जमा कराने के बाद फर्जी लोन स्वीकृति का झांसा देकर पांच से छह हजार रुपये और लिये जाते थे. रुपये जमा होने के बाद आरोपित संपर्क बंद कर देते थे.
निवेश की रकम तीन गुना करने का भी झांसा
लोन के नाम पर संपर्क में आने वाले लोगों से दस्तावेज और निजी जानकारी हासिल करने के बाद उन्हें निवेश पर भारी मुनाफे का लालच दिया जाता था. आरोपित निवेश की रकम तीन गुना करने का दावा करते थे. इसके लिए पीड़ितों को लिंक भेजकर रुपये जमा कराये जाते थे. रकम मिलते ही आरोपी मोबाइल बंद कर देते या संपर्क तोड़ देते थे.
राजा बाजार में बना रखा था साइबर ठगी का अड्डा
तकनीकी जांच में पुलिस को पता चला कि गिरोह ने पटना के राजा बाजार इलाके में किराये का मकान लेकर ठगी का अड्डा बना रखा था. सोमवार रात पुलिस ने वहां छापेमारी कर शेखपुरा के बरबीघा निवासी सचिन कुमार, अभिषेक कुमार, सन्नी कुमार, नालंदा के बिंद थाना क्षेत्र की मोनिका पटेल उर्फ पटेल मोनिका और शेखपुरा के एक नाबालिग को गिरफ्तार किया.
पुलिस ने आरोपितों के पास से 55 हजार रुपये नकद, 12 मोबाइल, 11 एटीएम कार्ड, छह पासबुक और दो राउटर समेत अन्य सामान बरामद किये हैं.
तीन हजार वेतन और मोटे कमीशन का लालच
पुलिस के अनुसार सचिन कुमार गिरोह का मुख्य सरगना है. वह युवकों को तीन हजार रुपये मासिक वेतन देने के साथ ठगी की रकम में मोटे कमीशन का लालच देकर गिरोह में शामिल करता था. आरोपित करीब छह महीने से पटना में रहकर साइबर ठगी कर रहे थे.
दूसरे राज्यों के लोगों को आसानी से जाल में फंसाने के लिए गिरोह के सदस्यों ने मराठी और तेलुगू भाषा भी सीखी थी.
फरवरी में भी धराया था सचिन,
जांच में पता चला कि फरवरी में शेखपुरा साइबर पुलिस और एसटीएफ की संयुक्त कार्रवाई में बरबीघा से साइबर ठगी के गिरोह का खुलासा हुआ था. उस मामले में सचिन का नाम भी सामने आया था. कार्रवाई के बाद वह मुंबई चला गया था. करीब दो महीने बाद पटना लौटकर उसने राजा बाजार में फिर से ठगी का नेटवर्क शुरू कर दिया.
पुलिस के अनुसार पूछताछ में सचिन ने बताया कि पुराने केस में खर्च और वकील की फीस जुटाने के लिए उसने दोबारा साइबर ठगी शुरू की. पुलिस अब गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों और इसके पूरे नेटवर्क का पता लगाने में जुटी है.
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