राज्य में संचालित पंचायत कृषि कार्यालयों का संचालन जारी रहेगा संवाददाता, पटना राज्य में संचालित पंचायत कृषि कार्यालयों का संचालन जारी रहेगा. राज्य सरकार ने इस साल भी इन पंचायत कार्यालयों के संचालन की स्वीकृति दे दी है. पंचायत कार्यालय पूर्व की तरह संचालित होते रहेंगे. राज्य की 8146 पंचायतों में पंचायत कृषि कार्यालय का संचालन हो रहा है. इनमें 5544 सरकारी भवनाें और 2592 किराये के मकान में चल रहे हैं. 8146 पंचायतों में चल रहे कार्यालयों के संचालन के लिए प्रति कार्यालय एक हजार रुपये की आकास्मिक राशि की स्वीकृति दी गयी है. कुल 12 करोड़ 88 लाख 56 हजार रुपये स्वीकृत किये गये हैं. किराये पर संचालित पंचायत कार्यालयों का किराया देने के लिए तीन करोड़ 11 लाख चार हजार रुपये की स्वीकृति मिली है. किसान सलाहकार-समन्वयक करेंगे संचालन : किसान सलाहकार या समन्वयक इस कार्यालय का संचालन करेंगे. यहां से कृषि की नयी तकनीक का विस्तार करने, कृषि योजनाओं का लाभ किसानों के दरवाजे तक पहुंचाने का काम होगा. कृषि से संबंधित सूचनाओं को प्रसारित करने का भी यह केंद्र होगा. राज्य के सभी 38 जिलों में ये व्यवस्था होगी. पूर्वी चंपारण में सबसे अधिक कार्यालय संचालित : पटना में 312 पंचायत, नालंदा में 231, भोजपुर में 228, बक्सर में 142, रोहतास में 229, कैमूर में 146, गया में 320, औरंगाबाद में 203, सारण में 323 पंचायत में कृषि कार्यालय चल रहे हैं, जबकि पूर्वी चंपारण में 405, मुजफ्फरपुर में 375, पश्चिम चंपारण में 315, दरभंगा में 308, मधुबनी में 386 व समस्तीपुर में 346 पंचायतों में कृषि कार्यालयों का संचालन हो रहा है.
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