– किसानों का लंबित भुगतान को फर्स्ट इन फर्स्ट आउट व्यवस्था में करने के निर्देश संवाददाता, पटना खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के सचिव अभय कुमार सिंह की अध्यक्षता में बिहार राज्य खाद्य एवं असैनिक आपूर्ति निगम लिमिटेड के मुख्यालय स्थित सत्यागंधा सभागार में निगम की समीक्षा बैठक हुई. मिलों के निबंधन एवं एफआरके (फोर्टिफाइड राइस कर्नेल) से जुड़े विषयों पर व्यापक चर्चा हुई. इस दौरान सचिव ने निर्देश दिये कि 10 जनवरी तक मिलों से प्राप्त फोर्टिफाइड राइस सैंपल्स की जांच अनिवार्य रूप से पूरी कर लें. बैठक के दौरान सचिव ने विशेष रूप से राज्य में चल रही धान खरीद तथा जिलावार किसानों के निबंधन की स्थिति की समीक्षा की गयी. उन्होंने निर्देश दिये कि जिन किसानों का भुगतान लंबित है, उनका भुगतान ””””””””फर्स्ट इन, फर्स्ट आउट”””””””” व्यवस्था के तहत तहत किया जाये. इस व्यवस्था में सबसे पहले आपूर्ति करने वाले किसानों का भुगतान किया जाता है. सार्वजनिक वितरण प्रणाली से संबंधित योजनाओं प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना , प्रधानमंत्री पोषण योजना , गेहूं आधारित पोषण योजना, किशोरियों के लिए योजना तथा कल्याणकारी संस्था एवं छात्रावास योजना की स्थिति की समीक्षा करते हुए सचिव ने कहा कि इन योजनाओं के सफल संचालन में बीएसएफसी की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है. उसे मजबूत करने की जरूरत है. उन्होंने एफसीआइ से खाद्यान्न के उठाव से लेकर डिस्पैच तक की सभी गतिविधियों की नियमित मॉनीटरिंग पर विशेष जोर दिया, ताकि खाद्यान्न लाभुकों तक समय पर पहुंचाया जा सके.
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