एलएनजेपी हड्डी अस्पताल के ओटी में नाइट्रस आक्साइड गैस खत्म, मेजर सर्जरी पर संकट

Updated:
विज्ञापन

शहर के राजवंशी नगर स्थित लोकनायक जयप्रकाश हड्डी अस्पताल (एलएनजेपी) में गंभीर ऑपरेशन करने पर संकट गहरा गया है

विज्ञापन

एक्सक्लूसिव

आपके शहर में

विज्ञापन

ओटी नंबर 01 व 04 में स्पाइन व हड्डी रोग से पीड़ित गंभीर मरीजों की नहीं हो रही सर्जरी

आनंद तिवारी, पटना

शहर के राजवंशी नगर स्थित लोकनायक जयप्रकाश हड्डी अस्पताल (एलएनजेपी) में गंभीर ऑपरेशन करने पर संकट गहरा गया है. यहां के खासकर ऑपरेशन थियेटर नंबर 01 व 04 में नाइट्रस आक्साइड गैस खत्म हो गया है. नाइट्रस गैस सर्जरी में मरीज को बेहोश करने के लिए उपयोग किया जाता है. लेकिन दो ओटी में यह गैस खत्म हो गया है. सिर्फ ओटी नंबर 02 और 03 में गैस है. वहीं सूत्रों की माने तो इन दोनों ओटी में भी आने वाले कुछ दिनों का ही स्टॉक बचा हुआ है. ऐसे में आगे चलकर गंभीर मरीजों को परेशानी हो सकती है. बताया जा रहा है कि नाइट्रस आक्साइड गैस की सप्लाइ कुछ दिनों से नहीं की गयी है. इसी कारण है कि एलएनजेपी ट्रामा सेंटर के दो ओटी में गैस खत्म हो चुकी है.

दोनों पैर से बेजान मरीज को तीन घंटे बाद दूसरे ओटी से मिला नाइट्रस गैस

25 वर्षीय चितरंजन कुमार नाम के एक मरीज का दोनों पैर बेजान हो गया था. परिजनों की मानें तो छत से गिरने की वजह से उसका नस दब रहा था, आगे चलकर काम करना बंद कर दिया. इससे मरीज को उठने-बैठने में परेशानियों का सामना करना पड़ा. हालत खराब होने के बाद परिजन चितरंजन को अस्पताल लेकर पहुंचे. जहां ओटी नंबर 04 में मरीज की स्पाइन की सर्जरी करनी थी. गुरुवार को मरीज को बुलाया गया. शुक्रवार को सर्जरी का समय दिया गया. जब मरीज ओटी में गया, तो नाइट्रस गैस नहीं थी. वहीं, सर्जरी नहीं होने की वजह से परिजन नाराज हो गये. बाद में सुबह 09 के बदले करीब तीन घंटे बाद दूसरे ओटी से नाइट्रस ऑक्सीजन मंगाकर सर्जरी की गयी. जबकि दो अन्य मरीजों की सर्जरी नहीं हो पायी. बताया जा रहा है कि यह समस्या यहां बीते 10 दिन से सभी मरीजों के साथ हो रही है.

क्या होती है नाइट्रस आक्साइड गैस

नाइट्रस आक्साइड, जिसे प्राय: हास्य गैस (लाफिंग गैस) कहा जाता है. एक रासायनिक अकार्बनिक यौगिक है. सामान्य तापमान पर यह रंगहीन, अज्वलनशील और हल्के मीठे स्वाद लिए होती है. इसका प्रयोग शल्य क्रिया और दंत चिकित्सा में इसकी एनेस्थीसिया और एनल्जेसिक प्रभाव के कारण होता है. खासकर गंभीर मरीज को पूरा एनेस्थेसिया देने में इसका प्रयोग किया जाता है. इस गैस को एनेस्थेटिक ब्वायल मशीन में डालकर मरीज को पूरा बेहोश किया जाता है.

एलएनजेपी हड्डी अस्पताल के ओटी में नाइट्रस आक्साइड गैस खत्म होने के इस मामले पर प्रतिक्रिया जानने के लिए हॉस्पिटल के निदेशक डॉ एनएन राय से बात करने की कोशिश की गयी. उनके मोबाइल नंबर पर भी कई बार फोन किया गया, लेकिन उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया.

विज्ञापन

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन