Bihar School Bus New Rules: बिहार में स्कूली बच्चों की यात्रा को सुरक्षित बनाने के लिए परिवहन मंत्री श्रवण कुमार ने कड़े निर्देश जारी किए हैं. उन्होंने कहा कि बच्चों की सुरक्षा सबसे जरूरी है और स्कूलों द्वारा चलाए जा रहे सभी वाहनों को तय नियमों का पालन करना होगा. नियम तोड़ने पर स्कूल प्रबंधन और वाहन मालिकों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी. इसके लिए जनवरी महीने में सभी जिलों में विशेष अभियान चलाकर स्कूल वाहनों की जांच की जाएगी.
स्कूल वाहनों के लिए मुख्य नियम इस प्रकार हैं
- हर स्कूल वाहन में वीएलटीडी, पैनिक बटन और जीपीएस सिस्टम होना जरूरी होगा.
- सभी स्कूल बसों में CCTV कैमरा लगाना अनिवार्य है और उसकी रिकॉर्डिंग कम से कम 60 दिन तक सुरक्षित रखनी होगी. हालांकि 14 सीट से कम क्षमता वाले वाहनों में सीसीटीवी जरूरी नहीं होगा.
- स्कूल वाहनों में स्पीड गवर्नर लगाना अनिवार्य है और उनकी अधिकतम रफ्तार 40 किलोमीटर प्रति घंटा होगी.
- जो चालक एक साल में दो बार से ज्यादा लाल बत्ती तोड़ने, लेन नियम तोड़ने या बिना अनुमति किसी और से गाड़ी चलवाने पर पकड़े जाएंगे, वे स्कूल वाहन नहीं चला सकेंगे.
- तेज रफ्तार, खतरनाक ड्राइविंग या नशे में गाड़ी चलाने पर अगर चालक एक बार भी पकड़ा गया तो उसे स्कूल वाहन चलाने की अनुमति नहीं मिलेगी.
- आईपीसी, सीआरपीसी या पोक्सो एक्ट के तहत दोषी पाए गए चालक भी स्कूल वाहन नहीं चला सकेंगे.
- चालक की नियुक्ति से पहले उसका स्थायी पता और उसके दो नजदीकी रिश्तेदारों का पुलिस सत्यापन कराना अनिवार्य होगा.
- हर स्कूल बस में प्राथमिक उपचार बॉक्स, अग्निशामक यंत्र और रेट्रो-रिफ्लेक्टिव टेप होना जरूरी है.
अपडेट होना चाहिए ये डॉक्यूमेंट
इसके अलावा सभी स्कूल वाहनों के जरूरी कागजात जैसे रजिस्ट्रेशन, बीमा, प्रदूषण प्रमाण पत्र, फिटनेस सर्टिफिकेट और परमिट पूरी तरह अपडेट होने चाहिए. चालक के पास वैध भारी मोटर वाहन (यात्री) लाइसेंस और कम से कम एक साल का अनुभव होना अनिवार्य है.
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