‘ नया सवेरा’ से 112 जिंदगियों को मिली तस्करों से आजादी

मानव तस्करी और शोषण का शिकार 112 पीड़ितों को बाहर निकालकर बिहार पुलिस ने उम्मीद की एक नई किरण जलाई है. 31 जुलाई से 14 अगस्त तक चले राज्यव्यापी अभियान ऑपरेशन नया सवेरा में पुलिस ने उन बच्चों और महिलाओं को आज़ादी दिलाई जिन्हें ऑर्केस्ट्रा ग्रुप, थियेटर मंडली, अनैतिक देह व्यापार और बाल श्रम में फंसा दिया गया था.
एडीजी डॉ अमित कुमार जैन ने बच्चों- महिलाओं को बचाने के लिए चले राज्यव्यापी अभियान की दी जानकारी
संवाददाता, पटना
मानव तस्करी और शोषण का शिकार 112 पीड़ितों को बाहर निकालकर बिहार पुलिस ने उम्मीद की एक नई किरण जलाई है. 31 जुलाई से 14 अगस्त तक चले राज्यव्यापी अभियान ऑपरेशन नया सवेरा में पुलिस ने उन बच्चों और महिलाओं को आज़ादी दिलाई जिन्हें ऑर्केस्ट्रा ग्रुप, थियेटर मंडली, अनैतिक देह व्यापार और बाल श्रम में फंसा दिया गया था. यह जानकारी अपर पुलिस महानिदेशक (कमजाेर वर्ग ) डॉ अमित कुमार जैन ने सोमवार को पुलिस मुख्यालय में प्रेस काॅन्फ्रेंस कर दी है. एडीजी जैन ने बताया कि मुक्त कराए गए पीड़ितों में 41 नाबालिग लड़कियां,सात महिलाएं और 64 नाबालिग लड़के शामिल हैं. इनमें कई ऐसे बच्चे भी थे जो ऑर्केस्ट्रा और थियेटर ग्रुप में मजबूरन काम कर रहे थे, जबकि दर्जनों बाल श्रम के चंगुल से निकाले गये. नेपाल, पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश और झारखंड तक के बच्चे बिहार की तस्करी रैकेट के शिकार थे.
सारण को प्रथम और पटना को द्वितीय पुरस्कार : एडीजी डॉ अमित जैन ने बताया कि सभी जिला की पुलिस, जीआरपी, आरपीएफ एनजीओ आदि ने संयुक्त रूप से पूरे राज्य में ऑपरेशन नया सवेरा अभियान चलाया. अभियान के दौरान सबसे प्रभावी काम करने के लिए सारण जिला को पहला और पटना को दूसरा स्थान दिया गया है.
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