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Munger Opareshan Muskaan: मुंगेर पुलिस ने 78 मोबाइल लौटाकर दुर्गा पूजा में बिखेरी खुशियों की रौनक

Updated at : 30 Sep 2025 8:32 AM (IST)
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Munger Opareshan Muskaan: दुर्गा पूजा की भीड़भाड़ और रौनक के बीच जब खोया हुआ मोबाइल अचानक लौट आए, तो चेहरे पर जो मुस्कान खिलती है, वही ‘ऑपरेशन मुस्कान’ की असली सफलता है.

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Munger Opareshan Muskaan: मुंगेर पुलिस ने दुर्गा पूजा के मौके पर 78 लोगों को उनका गुम या चोरी हुआ मोबाइल फोन वापस सौंपकर त्योहार की खुशियों को दोगुना कर दिया.

पुलिस कप्तान सैयद इमरान मसूद की मौजूदगी में आयोजित इस कार्यक्रम में लौटाए गए मोबाइल की कीमत करीब 18 लाख रुपये बताई जा रही है. बिहार पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन मुस्कान’ के तहत यह बड़ी कार्रवाई की गई है.

मोबाइल लौटते ही खिल उठे चेहरे

मुंगेर पुलिस की इस पहल ने लोगों को भावुक कर दिया. कई लोगों ने तो यह उम्मीद ही छोड़ दी थी कि उनका मोबाइल कभी मिल पाएगा. लेकिन जब पुलिस ने उन्हें उनका फोन सौंपा, तो वे इसे दुर्गा पूजा का सबसे बड़ा उपहार मान बैठे. उपस्थित लोगों ने पुलिस का तहे दिल से धन्यवाद दिया और कहा कि यह पल उनके लिए हमेशा यादगार रहेगा.

बिहार पुलिस मुख्यालय ने कुछ साल पहले एक विशेष अभियान की शुरुआत की थी, जिसका नाम है ‘ऑपरेशन मुस्कान’. इस अभियान का मकसद खोई या चोरी हुई संपत्ति, खासकर मोबाइल फोन की बरामदगी और उसे वास्तविक मालिक तक पहुंचाना है. नाम से ही स्पष्ट है कि यह पहल लोगों के चेहरे पर मुस्कान लाने के लिए है. मुंगेर पुलिस अब तक करीब 250 से ज्यादा मोबाइल उनके असली मालिकों तक पहुंचा चुकी है.

पुलिस कप्तान की पहल

एसपी सैयद इमरान मसूद ने बताया कि मुंगेर पुलिस लगातार इस अभियान को प्राथमिकता के साथ चला रही है. उन्होंने कहा कि मोबाइल सिर्फ एक गैजेट नहीं है, बल्कि आम लोगों की निजी यादों और जरूरी जानकारियों का खजाना होता है. इसे वापस लौटाना पुलिस और जनता के बीच भरोसे का रिश्ता मजबूत करता है.

दुर्गा पूजा जैसे बड़े पर्व पर यह पहल लोगों के लिए किसी अनमोल तोहफ़े से कम नहीं. मोबाइल पाकर लोग खुशियों से झूम उठे और इसे अपनी जिंदगी का खास पल बताया. पुलिस की इस कोशिश ने त्योहार की उमंग में चार चांद लगा दिए हैं.

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Pratyush Prashant

लेखक के बारे में

By Pratyush Prashant

महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एम.ए. तथा जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से मीडिया और जेंडर में एमफिल-पीएचडी के दौरान जेंडर संवेदनशीलता पर निरंतर लेखन. जेंडर विषयक लेखन के लिए लगातार तीन वर्षों तक लाडली मीडिया अवार्ड से सम्मानित रहे. The Credible History वेबसाइट और यूट्यूब चैनल के लिए कंटेंट राइटर और रिसर्चर के रूप में तीन वर्षों का अनुभव. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल, बिहार में राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर लेखन कर रहे हैं. किताबें पढ़ने, वायलिन बजाने और कला-साहित्य में गहरी रुचि रखते हैं तथा बिहार को सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक दृष्टि से समझने में विशेष दिलचस्पी.

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