पटना के कारोबारी को लोन का झांसा, खाते को बना दिया 'म्यूल अकाउंट', 1.14 करोड़ का ट्रांजेक्शन कर 48 घंटे में उड़ाई रकम

Updated:
विज्ञापन

सांकेतिक तस्वीर

पटना के एक कारोबारी को लोन दिलाने के बहाने बुलाया गया, जहां उसके बैंक खाते को 'म्यूल अकाउंट' बनाकर 1.14 करोड़ रुपये का ट्रांजैक्शन किया गया. यह रकम 48 घंटे के भीतर अलग-अलग खातों में ट्रांसफर कर दी गई.

विज्ञापन

पटना से नीतीश सिंह की रिपोर्ट Patna Cyber Crime : साइबर अपराधी अब ठगी की रकम खपाने के लिए नए-नए हथकंडे अपना रहे हैं. ताजा मामले में पटना के एक कारोबारी को प्राइवेट लोन दिलाने का झांसा देकर कोलकाता बुलाया गया और उनके बैंक खाते का इस्तेमाल कथित तौर पर साइबर ठगी की रकम को ट्रांसफर करने के लिए किया गया. आरोप है कि कारोबारी के खाते में 1.14 करोड़ रुपये जमा किए गए और महज 48 घंटे के भीतर पूरी रकम अलग-अलग खातों में ट्रांसफर कर निकाल ली गई. मामले में कारोबारी ने साइबर क्राइम सेल और कोलकाता के कस्बा थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई है.

Patna News : लोन दिलाने के बहाने जीता भरोसा

पटना निवासी और एक निजी कंपनी के निदेशक धीरज कुमार ने बताया कि कारोबार बढ़ाने के लिए उन्हें लोन की जरूरत थी. इसी दौरान उनकी मुलाकात आदिल नाम के एक व्यक्ति से हुई, जिसने खुद को एक फाइनेंस कंपनी का प्रतिनिधि बताते हुए प्राइवेट लोन दिलाने का भरोसा दिया. विश्वास में लेने के बाद आदिल उन्हें कोलकाता बुलाकर होटल में उनके साथ ठहरा.

मोबाइल और बैंक से जुड़ा सिम हुआ गायब

धीरज कुमार के अनुसार, अगली सुबह उनका मोबाइल फोन और बैंक खाते से लिंक सिम कार्ड गायब मिला. पूछने पर आदिल अनभिज्ञता जताता रहा. जब उन्होंने पुलिस में शिकायत करने की बात कही तो कुछ दिनों बाद मोबाइल और सिम वापस कर दिया, लेकिन सिम क्षतिग्रस्त था और फोन से कई महत्वपूर्ण मैसेज भी गायब थे. नया सिम जारी कराने के बाद जब उन्होंने इंटरनेट बैंकिंग में लॉगिन करने की कोशिश की तो पासवर्ड बदला हुआ मिला.

खाते में आया 1.14 करोड़, फिर अलग-अलग खातों में हुआ ट्रांसफर

बैंक स्टेटमेंट निकलवाने पर धीरज कुमार को पता चला कि 21 और 22 जुलाई के दौरान उनके आईसीआईसीआई बैंक खाते में 1 करोड़ 14 लाख 95 हजार 377 रुपये जमा किए गए थे. इसके बाद पूरी राशि अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर कर निकाल ली गई. कारोबारी का आरोप है कि उनकी जानकारी के बिना उनके खाते को साइबर अपराधियों ने 'म्यूल अकाउंट' के रूप में इस्तेमाल किया.

मनी लॉन्ड्रिंग और साइबर ठगी का शक

धीरज कुमार का कहना है कि जब इस पूरे मामले की जानकारी सामने आने लगी तो आरोपित आदिल चुपचाप वहां से फरार हो गया और अपना मोबाइल नंबर भी बंद कर लिया. कारोबारी को आशंका है कि उनके खाते का उपयोग साइबर ठगी की रकम खपाने और संदिग्ध वित्तीय गतिविधियों के लिए किया गया है. उन्होंने मामले की शिकायत साइबर क्राइम सेल और कोलकाता के कस्बा थाने में दर्ज कराई है. पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है.

Also Read : पटना में NSUI का प्रदर्शन शुरू, बैरिकेडिंग तोड़ इनकम टैक्स चौराहा पहुंचे प्रदर्शनकारी



विज्ञापन
विवेक सिंह

लेखक के बारे में

By विवेक सिंह

विवेक सिंह की डिजिटल मीडिया और जनसरोकारों से जुड़े विषयों में विशेष रुचि रही है. वे बिहार के मिथिला क्षेत्र के निवासी हैं और पत्रकारिता के क्षेत्र में 2 वर्षों से सक्रिय रूप से योगदान दे रहे हैं.

उन्होंने मास्टर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन (MJMC) की पढ़ाई की है. शिक्षा के दौरान उन्होंने रिपोर्टिंग, समाचार लेखन, डिजिटल मीडिया, जनसंचार, फोटो जर्नलिज्म, मोबाइल जर्नलिज्म (MOJO) और मीडिया रिसर्च की गहन समझ विकसित की है. अध्ययन के दौरान उन्होंने इंटर्नशिप भी की, जहां उन्हें न्यूजरूम की कार्यप्रणाली, टीवी समाचार निर्माण, स्क्रिप्ट लेखन, विजुअल चयन, फील्ड रिपोर्टिग और प्रसारण प्रक्रिया को नजदीक से समझने का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त हुआ.

पत्रकारिता के क्षेत्र में उन्होंने मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से ग्राउंड रिपोर्टिंग, जनमत संग्रह (Public Opinion), सामाजिक मुद्दों की कवरेज और स्थानीय समाचारों के संकलन का व्यापक अनुभव प्राप्त किया. उन्होंने विभिन्न सामाजिक, राजनीतिक और जनहित से जुड़े विषयों पर जमीनी स्तर से रिपोर्टिंग करते हुए आम लोगों की आवाज को प्रमुखता से सामने लाने का कार्य किया है.

इसके साथ ही वे NGO से जुड़कर सामाजिक कार्यों में भी सक्रिय भूमिका निभाते हैं. स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण, शिक्षा, सामाजिक जागरूकता, युवा सशक्तिकरण, धार्मिक और जनकल्याण से जुड़े अभियानों में उनकी विशेष भागीदारी रही है. समाज के विभिन्न वर्गों के बीच जागरूकता फैलाने और सकारात्मक बदलाव लाने के प्रयासों में वे निरंतर योगदान देते रहे हैं.

वर्तमान में विवेक सिंह राजनीति, प्रशासन, शिक्षा, रोजगार, खेल, अपराध, रियल-टाइम समाचारों, सामाजिक सरोकारों और समसामयिक विषयों से जुड़ी खबरों पर लेखन करते हैं. डिजिटल पत्रकारिता के साथ-साथ उन्हें SEO (Search Engine Optimization), कंटेंट प्लानिंग और ट्रेंड-आधारित समाचार लेखन की अच्छी समझ है. ब्रेकिंग न्यूज की पहचान, त्वरित कवरेज और कम समय में तथ्यपरक समाचार तैयार करना उनकी प्रमुख कार्यक्षमताओं में शामिल है.

विवेक सिंह किसी भी समाचार को प्रकाशित करने से पहले तथ्यों की जांच और सत्यापन को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हैं. वे विश्वसनीय स्रोतों से जानकारी की पुष्टि करने के बाद ही समाचार प्रकाशित करते हैं, जिससे उनकी रिपोर्टिंग और लेखन में सटीकता तथा विश्वसनीयता बनी रहती है. तथ्यपरक, निष्पक्ष और भरोसेमंद पत्रकारिता में विश्वास रखने वाले विवेक सिंह पाठकों तक गुणवत्तापूर्ण और विश्वसनीय जानकारी पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन