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बिहार में 4988 करोड़ की लागत से बन रहा पुल इस साल हो जायेगा शुरू, इन इलाकों में आना-जाना होगा आसान

Updated at : 03 Jan 2025 4:57 PM (IST)
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Kachchi Dargah-Bidupur Cable Bridge

कच्ची दरगाह-बिदुपुर केबल पुल (प्रतीकात्मक)

Kachchi Dargah-Bidupur 6 lane Cable: बिहार में इस साल कच्ची दरगाह-बिदुपुर केबल पुल चालू हो जाएगा. इसके बन जाने से कई जिलों के बीच की दूरी कम हो जाएगी.

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Kachchi Dargah-Bidupur 6 lane Cable Bridge: बिहार में गंगा नदी पर बन रहा कच्ची दरगाह-बिदुपुर केबल पुल इस वर्ष यानी 2025 के अंत तक चालू हो जाएगा. इसके बनाने से बिहार के कई जिलों के बीच यात्रा करने की दूरी कम हो जाएगी. कच्ची दरगाह-बिदुपुर केबल पुल बिहार की राजधानी पटना, वैशाली को जोड़ते हुए, पड़ोसी राज्य झारखंड से नेपाल सीमा तक जाने में सहूलियत प्रदान करेगा और पटना के व्यस्त पुलों पर होने वाले भारी ट्रैफिक जाम को कम करेगा. इस पुल को 4988 करोड़ रुपये की लागत से बनाया जा रहा है. यह पुल 67 पायों पर खड़ा होगा और गंगा के वाटर लेवल से 13 मीटर ऊंचा रहेगा.

बिहार के विकास में निभाएगा अहम योगदान

कच्ची दरगाह-बिदुपुर पुल आने वाले दिनों में बिहार के विकास में अहम योगदान देगा. इस पुल के बन जाने से न सिर्फ दक्षिण और उत्तर बिहार के बीच की दूरी को कम होगी बल्कि यातायात भी आसान हो जाएगी. कच्ची दरगाह-बिदुपुर पुल के चालू होने से पटना के जेपी सेतु, महात्मा गांधी सेतु और राजेंद्र सेतु पर वाहनों का दबाव कम हो जायेगा. इन इलाकों में जाम की समस्या से राहत मिलेगी. इस पुल के बन जाने से व्यापार और पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा क्योंकि यह पुल झारखंड से नेपाल सीमा तक पहुंच को भी आसान बनाएगा.

Kachchi dargah-bidupur 6 lane cable

पांच साल देरी से शुरू हुआ था निर्माण कार्य

कच्ची दरगाह-बिदुपुर सिक्स लेन पुल का निर्माण वर्ष 2011 में शुरू होना था, लेकिन इसका निर्माण पांच साल देरी से वर्ष 2016 में शुरू हुआ. साथ ही इस पुल का पब्लिक-प्राइवेट- पार्टनरशिप के तहत निर्माण कार्य पूरा करने की समयसीमा वर्ष 2020 तय की गई थी. इसमें विलंब हुआ.

अंतिम दौर में निर्माण कार्य

सरकार की देख रेख में कच्ची दरगाह-बिदुपुर पुल का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है. अधिकारियों की माने तो इसे इसी साल पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है. 67 पायों पर केबल के सहारे बनाये जा रहे पुल में दो पायों के बीच की दूरी 160 मीटर होगी. इसे एक इंजीनियरिंग चमत्कार माना जा रहा है. बाढ़ के खतरे से बचने के लिए पुल की ऊंचाई गंगा के जलस्तर से 13 मीटर रखी गई है ताकि आवागमन बाधित न हो. बताया जा रहा है कि इस पुल के नीचे से जल परिवहन वाले जहाज भी आसानी से गुजरेंगे. कच्ची दरगाह-बिदुपुर पुल के बनने के बाद नवादा, मुंगेर या नालंदा जिले की ओर से आने वाली गाड़ियों को उत्तर बिहार जाने के लिए पटना आने की जरूरत नहीं होगी. इससे जाम से परेशान पटना शहर में यातायात का दबाव कम होगा और लोगों को आसानी से सफर कर सकेंगे.

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Paritosh Shahi

लेखक के बारे में

By Paritosh Shahi

परितोष शाही डिजिटल माध्यम में पिछले 3 सालों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की. अभी प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम में काम कर रहे हैं. देश और राज्य की राजनीति, सिनेमा और खेल (क्रिकेट) में रुचि रखते हैं.

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