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दक्षिण बिहार में तेजी से सुधर रहा है भूजल का स्तर

Updated at : 08 May 2025 1:57 AM (IST)
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दक्षिण बिहार में तेजी से सुधर रहा है भूजल का स्तर

गंभीर जलसंकट का सामना करने वाले दक्षिण बिहार के सभी जिलों में भूजल का स्तर बेहतर हुआ है. साथ ही जमुई और गया की पहाड़ियों और जंगलों में एकबार फिर से हरियाली लौट आई है.

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– जल-जीवन-हरियाली अभियान ने दिखाया रंग -वर्ष 2023-24 में स्वीकृत कुल 2377 में से 2266 योजनाएं पूर्ण

-इस अभियान को राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मिल चुके हैं कई पुरस्कार

संवाददाता, पटना

गंभीर जलसंकट का सामना करने वाले दक्षिण बिहार के सभी जिलों में भूजल का स्तर बेहतर हुआ है. साथ ही जमुई और गया की पहाड़ियों और जंगलों में एकबार फिर से हरियाली लौट आई है. यह परिवर्तन वर्ष 2019 के जलसंकट के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा शुरू किये गये अभियान के बाद आया है. इसके तहत मुख्यमंत्री ने सभी 38 जिलों में भूजल को संरक्षित करने और बारिश के पानी को संग्रहित कर उसका इस्तेमाल सिंचाई के साथ-साथ दैनिक कार्यों में किए जाने का जल-जीवन-हरियाली अभियान शुरू किया था. यह जानकारी बुधवार को जल-जीवन-हरियाली दिवस पर जल भवन में लघु जल संसाधन विभाग द्वारा आयोजित एक परिचर्चा में मिली.

परिचर्चा में राज्य सरकार के 15 विभागों के अधिकारियों सहित केंद्रीय भूगर्भ जल बोर्ड पटना के अधिकारियों ने भी शिरकत की. इसकी अध्यक्षता करते हुए जल-जीवन-हरियाली मिशन की निदेशक प्रतिभा रानी ने कहा कि इसमें शामिल सभी विभागों ने काफी अच्छा काम किया है. इस अभियान को राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई पुरस्कार भी मिले हैं. लघु जल संसाधन विभाग के अभियंता प्रमुख सुनील कुमार ने कहा कि जल-जीवन-हरियाली अभियान के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2023-24 तक कुल 2377 योजनाएं स्वीकृत की गईं हैं. इनमें 2266 योजनाएं पूर्ण की जा चुकी हैं. इनसे कुल 2,37,473 हेक्टेयर भूमि पर सिंचाई क्षमता को पुनर्स्थापित किया जा चुका है. साथ ही 992 लाख घनमीटर जल संचयन क्षमता पुनर्स्थापित की जा चुकी है. उन्होंने कहा कि वित्तीय वर्ष 2024-25 में कुल 139 योजनाओं को प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है. इन योजनाओं के पूर्ण होने से कुल 25,822 हेक्टेयर सिंचाई क्षमता के पुनर्स्थापन के साथ-साथ राज्य में जल संचयन क्षमता भी बढ़ेगी.

ये रहे मौजूद

इस परिचर्चा में केंद्रीय भूगर्भ जल बोर्ड के क्षेत्रीय निदेशक राजीव रंजन शुक्ला, कृषि विभाग के संयुक्त निदेशक शशिशेखर मंडल, सूचना एवं जनसंपर्क विभाग की उप निदेशक नीना झा, भवन निर्माण विभाग के अधीक्षण अभियंता विनोद चौधरी और ऊर्जा विभाग के अधीक्षण अभियंता प्रदीप कुमार ने जल-जीवन-हरियाली अभियान से जुड़ी अपने-अपने विभागों की उपलब्धियों की चर्चा की.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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