1. home Hindi News
  2. state
  3. bihar
  4. patna
  5. girls of bihar are ahead of sons in learning english in bihar kushal yuva program skt

कुशल युवा योजना: अंग्रेजी सीखने में बिहार की बेटियां लड़कों से आगे, सिवान में दिखा सबसे अधिक क्रेज

बिहार सरकार लड़कियों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए कई कार्यक्रम चला रही है. कुशल युवा कार्यक्रम के तहत राज्यभर की लड़कियां अंग्रेजी व कंप्यूटर की ट्रेनिंग भी ले रही हैं. इसमें वो सूबे के लड़कों की तुलना में काफी आगे हैं.

By Prabhat Khabar Print Desk
Updated Date
सांकेतिक फोटो
सांकेतिक फोटो
सोशल मीडिया.

बिहार सरकार लड़कियों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए कई कार्यक्रम चला रही है. लड़की स्कूल तक पहुंचे, इसके लिए मुख्यमंत्री साइकिल योजना भी चलायी जा रही है. वहीं,श्रम संसाधन विभाग की ओर से कुशल युवा कार्यक्रम चलाया जा रहा है, जिसमें राज्यभर की लड़कियां अंग्रेजी व कंप्यूटर का प्रशिक्षण लेने में लड़कों से बेहतर हैं.

विभाग की ओर से जारी रिपोर्ट

विभाग की ओर से जारी एक रिपोर्ट के मुताबिक सामान्य वर्ग की लड़कियों को देखें, तो 18 जिलों में लड़कों से अधिक लड़कियों ने प्रशिक्षण हासिल किया है. वहीं, पिछड़ा, अतिपिछड़ा, एससी एवं एसटी समुदाय में भी लड़कियां प्रशिक्षण लेने में नौ जिलों में लड़कों से आगे हैं. साथ ही 11 जिलों में लड़के आगे हैं. वहीं, सीवान ऐसा जिला है, जहां हर समुदाय की लड़कियां प्रशिक्षण लेने में लड़कों से आगे हैं. इस योजना के तहत अब तक 10 लाख युवाओं ने प्रशिक्षण लिया है.

पिछड़ा वर्ग में भी लड़कियां दे रही हैं लड़कों को टक्कर :

विभाग के मुताबिक, जहां पिछड़ा समुदाय में रोहतास में लड़कों ने 14,129 लड़कों ने प्रशिक्षण लिया, तो लड़कियों की संख्या 14,171 है. इसी तरह सीवान में लड़कों की संख्या 14,306 है और लड़कियों की संख्या 16, 861 है. अतिपिछड़ा वर्ग में औरंगाबाद में 4033 लड़के और 4054 लड़कियों ने प्रशिक्षण लिया. गया में 5307 लड़कों की तुलना में 5339 लड़कियां, किशनगंज में 875 लड़कों की तुलना में 1168 लड़कियां और नवादा में 4188 लड़कों की तुलना में 4192 लड़कियों ने प्रशिक्षण लिया.

एससी श्रेणी का प्रदर्शन

एससी श्रेणी में सीवान में 3082 की तुलना में 2971 लड़कियों ने प्रशिक्षण हासिल किया, जबकि एसटी समुदाय में पश्चिम चंपारण में 1897 लड़कों की तुलना में 2878 लड़कियां और सीवान में 1407 की तुलना में 1840 लड़कियों ने प्रशिक्षण हासिल किया. विभाग के मुताबिक, सामान्य श्रेणी में सबसे अधिक लड़कियां अंग्रेजी व संवाद कौशल का प्रशिक्षण ले रही हैं.

POSTED BY: Thakur Shaktilochan

Share Via :
Published Date

संबंधित खबरें

अन्य खबरें