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कैंपस : महिला कॉलेजों में वर्षों से नहीं खुला डीजीपी बॉक्स, छात्राओं को कोई जानकारी नहीं

Updated at : 26 Apr 2024 9:50 PM (IST)
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कैंपस : महिला कॉलेजों में वर्षों से नहीं खुला डीजीपी बॉक्स, छात्राओं को कोई जानकारी नहीं

वर्ष 2019 के बाद सवा चार वर्षों में महिला थाने ने किसी महिला कॉलेज की शिकायत पेटी खोली तक नहीं है. जबकि डीजीपी शिकायत पेटी को हर 15 दिनों में खोलने का निर्देश दिया गया था.

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– फोटो है

– लंबे समय से किसी भी कॉलेज में नहीं खोला गया डीजीपी बॉक्स

संवाददाता, पटना

शहर में छात्राओं को सुरक्षा देने को लेकर महिला कॉलेजों में साल 2019 में डीजीपी ने शिकायत पेटी(डीजीपी कंप्लेंट बॉक्स) लगवाया था. इसका मकसद था कि छेड़खानी, उत्पीड़न और महिलाओं की सुरक्षा से संबंधित अन्य शिकायतों को दर्ज करने के लिए छात्राओं को किसी थाने में न जाना पड़े, बल्कि छात्राएं अपने कॉलेजों में लगे डीजीपी शिकायत बॉक्स में ही अपना आवेदन दे सकें. शिकायतों को देखने का जिम्मा महिला थाना को दिया गया था. मगर, वर्ष 2019 के बाद सवा चार वर्षों में महिला थाने ने किसी महिला कॉलेज की शिकायत पेटी खोली तक नहीं है. जबकि डीजीपी शिकायत पेटी को हर 15 दिनों में खोलने का निर्देश दिया गया था.

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सालोंं से बंद पड़ा है डीजीपी बॉक्स

पटना वीमेंस कॉलेज के गेट के पास ही यह शिकायत पेटी लगायी है. साल 2019 में महिला पुलिस की ओर से दो बार इसे खोला गया था. दो बार में छह और पांच शिकायतों के आवेदन मिले थे. फिर कोविड आ गया. कोविड के बाद से यह पेटी नहीं खुली है. प्राचार्या डॉ सिस्टर मारिया रश्मि एसी ने बताया कि अभी तक उनके समक्ष डीजीपी बॉक्स नहीं खोला गया है. गंगा देवी महिला कॉलेज में मेन बिल्डिंग के सामने में शिकायत बॉक्स लगाया गया है दो बार इस शिकायत बॉक्स को खोलने के लिए महिला पुलिस आयी थी, लेकिन ताले की सही चाबी नहीं मिलने पर इसे खोला नहीं जा सका है. इसके बाद से यह शिकायत बॉक्स बंद पड़ा हुआ है. जेडी वीमेंस कॉलेज में जब पूछा गया, तो पता चला कि इस कॉलेज में कभी डीजीपी शिकायत पेटी लगायी ही नहीं गयी है. श्रीअरविंद महिला कॉलेज की छात्राओं ने बताया कि डीजीपी शिकायत बॉक्स की जानकारी नहीं है. मगध महिला कॉलेज में साल 2019 में डीजीपी बॉक्स लगने के बाद पूर्व प्राचार्या डॉ शशि शर्मा के कार्यकाल में पूर्व महिला थाना अध्यक्ष आरती जायसवाल की ओर से बॉक्स खोला गया था. उसके बाद से बॉक्स प्राचार्या कक्ष के बाहर लगा हुआ है लेकिन इसे उसके बाद से एक बार भी खोला नहीं गया है. सभी कॉलेजों की छात्राओं से जब डीजीपी बॉक्स के बारे में पूछा गया, तो उन्हें इसकी कोई जानकारी नहीं है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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