गिर गया महिला आरक्षण और परिसीमन से जुड़ा बिल, लोकसभा में सरकार को नहीं मिला दो तिहाई बहुमत

Published by : Pritish Sahay Updated At : 17 Apr 2026 11:33 PM

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लोकसभा, फोटो-पीटीआई

Parliament Session: महिला आरक्षण अधिनियम से संबंधित संविधान (131वां) संशोधन विधेयक 2026 पारित नहीं हो पाया. शुक्रवार को हुई वोटिंग में इसके पक्ष में 298 वोट और विरोध में 230 वोट पड़े. दो तिहाई बहुमत नहीं मिलने के कारण महिला आरक्षण से जुड़ा बिल सदन में गिर गया.

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Parliament Session: महिलाओं को 33% आरक्षण देने से जुड़ा संविधान संशोधन विधेयक संसद से पास नहीं हो सका. संविधान (131वां) संशोधन विधेयक, 2026 पर मतदान के दौरान इसके पक्ष में 298 वोट पड़े. विरोध में 230 सांसदों ने वोट किया. संसदीय नियमों के अनुसार, किसी भी संविधान संशोधन विधेयक को पास करने के लिए दो-तिहाई बहुमत जरूरी होता है. विधेयक पर वोटिंग में 528 सदस्यों ने हिस्सा लिया था. इस विधेयक को पारित करने के लिए 352 सदस्यों के समर्थन की आवश्यकता थी. लेकिन, यह 54 वोट से सदन में गिर गया. विधेयक गिर जाने के बाद सरकार ने कहा कि विपक्ष ने महिलाओं को अधिकार और सम्मान देने का एक ऐतिहासिक मौका गंवा दिया है. वहीं, विपक्ष ने कहा कि यह विधेयक संविधान पर आक्रमण था, जिसे विपक्षी दलों ने रोका है.

सरकार ने इस विधेयक के साथ परिसीमन विधेयक, 2026 और संघ राज्य विधि (संशोधन) विधेयक, 2026 को भी सदन में चर्चा और पारित कराने के लिए रखा था, लेकिन उन्हें भी आगे नहीं बढ़ाया जा सका. संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजीजू ने कहा कि इस विधेयक के पास न होने के कारण इससे जुड़े परिसीमन विधेयक, 2026 और संघ राज्य विधि (संशोधन) विधेयक, 2026 को भी आगे नहीं बढ़ाया जा सकता. रिजीजू ने कहा- महिलाओं को अधिकार और सम्मान देने वाले विधेयक का विपक्ष ने सम्मान नहीं किया, यह बहुत खेद की बात है.

अमित शाह ने साधा विपक्ष पर निशाना

तीनों विधेयकों पर सदन में गुरवार (16 अप्रैल) और शुक्रवार (17 अप्रैल)को चर्चा हुई. गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार (17 अप्रैल) को अपने जवाब में विपक्ष पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि देश की महिलाएं देख रही हैं कि उनके रास्ते का रोड़ा कौन है और उन्हें महिलाओं के आक्रोश का सामना करना पड़ेगा. लोकसभा में संविधान संशोधन विधेयक पारित नहीं हो पाने के बाद, संसद परिसर में सत्तापक्ष की महिला सदस्यों ने विपक्ष के खिलाफ नारेबाजी की. उन्होंने कांग्रेस पार्टी हाय-हाय और कांग्रेस महिला विरोधी के नारे लगाए.

कांग्रेस और ‘इंडी’ की मंशा देश ने देख लिया- अन्नपूर्णा देवी

महिला एवं बाल विकास मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने कहा कि कांग्रेस और ‘इंडी’ गठबंधन की मंशा को करोड़ों देशवासियों ने देख लिया है. उन्होंने कहा कि भारत की महिलाएं विपक्ष को करारा जवाब देंगी. केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा कि देश की जनता विपक्ष से पाई-पाई का हिसाब लेगी.

संविधान पर हुए हमले को हमने किया विफल- राहुल गांधी

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने महिला आरक्षण से संबंधित संविधान संशोधन विधेयक पारित नहीं होने के बाद कहा कि यह संविधान पर आक्रमण था, जिसे विपक्ष ने नाकाम कर दिया. उन्होंने संसद परिसर में मीडिया से बात करते हुए कहा कि अगर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी महिला आरक्षण लागू करना चाहते हैं तो 2023 में पारित कानून (नारी शक्ति वंदन अधिनियम) को लागू करें, जिसमें विपक्ष पूरा सहयोग करेगा.

बोलीं प्रियंका गांधी- यह महिलाओं के आरक्षण का मुद्दा नहीं

लोकसभा में संविधान (131वां) संशोधन विधेयक, 2026 के पारित न होने पर प्रियंका गांधी ने कहा कि यह सिर्फ महिलाओं के आरक्षण का मुद्दा नहीं, बल्कि लोकतंत्र से जुड़ा मामला था. उन्होंने कहा कि महिलाओं के आरक्षण को परिसीमन से जोड़ना स्वीकार्य नहीं है. इसलिए इस विधेयक का पारित होना संभव नहीं था. उन्होंने इसे लोकतंत्र की बड़ी जीत बताया और सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि जो लोग हाथरस, उन्नाव और मणिपुर जैसे मामलों में कार्रवाई नहीं कर पाए, वे अब महिला अधिकारों की बात कर रहे हैं.

सरकार महिलाओं का हक छीनना चाहती है- अखिलेश यादव

वहीं समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने संसद परिसर में मीडिया से बात करते हुए कहा कि हम महिला आरक्षण के पक्ष में हैं. हमने महिला आरक्षण का विरोध नहीं किया, लेकिन वे लोग महिलाओं का हक छीनना चाहते थे और ऐसे में विपक्ष ने जो लक्ष्मण रेखा खींची, सरकार उससे बाहर नहीं निकल पाई. सपा सांसद डिंपल यादव ने कहा कि यह सब भाजपा द्वारा सुनियोजित तरीके से किया गया था, ताकि बिना जनगणना के पूरे देश में परिसीमन करवा ली जाए. उन्होंने दावा किया- ये सत्ता से जाने वाले हैं, इसलिए महिलाओं का नाम लेकर राजनीति कर रहे हैं.

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प्रीतीश सहाय, इन्हें इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया इंडस्ट्री में 12 वर्षों से अधिक का अनुभव है. ये वर्तमान में प्रभात खबर डॉट कॉम के साथ डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं. मीडिया जगत में अपने अनुभव के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण विषयों पर काम किया है और डिजिटल पत्रकारिता की बदलती दुनिया के साथ खुद को लगातार अपडेट रखा है. इनकी शिक्षा-दीक्षा झारखंड की राजधानी रांची में हुई है. संत जेवियर कॉलेज से ग्रेजुएट होने के बाद रांची यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता की डिग्री हासिल की. इसके बाद लगातार मीडिया संस्थान से जुड़े रहे हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत जी न्यूज से की थी. इसके बाद आजाद न्यूज, ईटीवी बिहार-झारखंड और न्यूज 11 में काम किया. साल 2018 से प्रभात खबर के साथ जुड़कर काम कर रहे हैं. प्रीतीश सहाय की रुचि मुख्य रूप से राजनीतिक खबरों, नेशनल और इंटरनेशनल इश्यू, स्पेस, साइंस और मौसम जैसे विषयों में रही है. समसामयिक घटनाओं को समझकर उसे सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की इनकी हमेशा कोशिश रहती है. वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय राजनीति से जुड़े मुद्दों पर लगातार लेखन करते रहे हैं. इसके साथ ही विज्ञान और अंतरिक्ष से जुड़े विषयों पर भी लिखते हैं. डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में काम करते हुए उन्होंने कंटेंट प्लानिंग, न्यूज प्रोडक्शन, ट्रेंडिंग टॉपिक्स जैसे कई क्षेत्रों में काम किया है. तेजी से बदलते डिजिटल दौर में खबरों को सटीक, विश्वसनीय और आकर्षक तरीके से प्रस्तुत करना पत्रकारों के लिए चुनौती भी है और पेशा भी, इनकी कोशिश इन दोनों में तालमेल बनाते हुए बेहतर और सही आलेख प्रस्तुत करना है. वे सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की जरूरतों को समझते हुए कंटेंट तैयार करते हैं, जिससे पाठकों तक खबरें प्रभावी ढंग से पहुंच सकें. इंटरनेशनल विषयों में रुचि होने कारण देशों के आपसी संबंध, वार अफेयर जैसे मुद्दों पर लिखना पसंद है. इनकी लेखन शैली तथ्यों पर आधारित होने के साथ-साथ पाठकों को विषय की गहराई तक ले जाने का प्रयास करती है. वे हमेशा ऐसी खबरों और विषयों को प्राथमिकता देते हैं जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय लिहाज से महत्वपूर्ण हों. रूस यूक्रेन युद्ध, मिडिल ईस्ट संकट जैसे विषयों से लेकर देश की राजनीतिक हालात और चुनाव के दौरान अलग-अलग तरह से खबरों को पेश करते आए हैं.

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