पटना. आइजीआइएमएस में आनुवंशिक रोगों की सटीक जांच और इलाज के लिए अब नेक्स्ट जनरेशन लैब तैयार होगी. करोड़ों रुपये से बनने वाली लैब में रोगियों के डीएनए और आरएनए की सीक्वेंसिग की जायेगी. अभी नमूने हैदराबाद भेजे जाते हैं. अब जांच होने से आनुवंशिक रोगों के कारणों, संक्रमण और कैंसर के इलाज में मदद मिलेगी. संस्थान के डॉक्टर रोगियों को बेहतर इलाज मुहैया कराने के साथ शोध करेंगे. संस्थान प्रशासन के अनुसार जेनेटिक्स विभाग में आनुवंशिक रोगों का इलाज होता है. यहां पटना समेत पूरे बिहार, झारखंड व नेपाल के मरीज इलाज कराने आते हैं. आनुवंशिक रोगियों के सुगम और बेहतर इलाज के लिए प्रदेश की पहली नेक्स्ट जेनरेशन लैब संस्थान में स्थापित करने का निर्णय लिया गया है, जिसका लक्ष्य इस वर्ष के अक्तूबर महीने तक रखा गया है.
मरीजों के डीएनए से लेकर कैंसर की होगी जांच :
संस्थान में बनने वाले लैब में कैंसर, दुर्लभ बीमारी, डीएनए में किसी प्रकार के म्यूटेशन या गड़बड़ी की पहचान हो सकेगी. आनुवंशिक रोगों की सटीक पहचान से मरीजों को और बेहतर इलाज मुहैया करा सकेंगे. जेनेटिक्स विभाग के निर्देशन में लैब का संचालन किया जायेगा. नमूने हैदराबाद व अन्य लैब में भेजने की जरूरत नहीं पड़ेगी. संस्थान के डॉक्टर और स्वास्थ्यकर्मी प्रशिक्षण लेंगे. जांच की दरें निजी लैब के मुकाबले बेहद कम होंगी.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

