'तुम्हारा पति और बेटा जेल में है, मर्डर करना बड़ी बात नहीं है', पूर्व मंत्री को मिली जान से मारने की धमकी

Edited by Paritosh Shahi
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Bihar Crime: बीमा भारती ने बताया कि 12 अप्रैल शनिवार की सुबह 10:02 बजे उनके मोबाइल नंबर 9102743877 पर अनजान नंबर 8709124745 से फोन आया जिसे उसने रिसीव नहीं की. इसके बाद 10:10 बजे उनके छोटे भाई अशोक कुमार भारती के मोबाइल नंबर 9955950388 पर उसी नंबर से कॉल आया, जिसमें उन्हें जान से मारने की धमकी देकर रंगदारी की मांग करने लगा.

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Bihar Crime, प्रशांत चौधरी : पूर्व मंत्री बीमा भारती को फोन पर जान से मारने की धमकी मिली है. अनजान नंबर के फोन पर आयी धमकी में रंगदारी की भी मांग की गयी है. इस संबंध में पूर्व मंत्री द्वारा पटना के फुलवारी शरीफ थाना में अज्ञात बदमाश के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करायी है. दर्ज प्राथमिकी में बीमा भारती ने कहा है कि अनजान बदमाश द्वारा उन्हें फोन पर तब धमकी दी गयी, जब वह अपने भाई अशोक कुमार भारती के साथ पटना स्थित आवास पर थी.

धमकी देने वाले ने क्या कहा

धमकी देने वाले व्यक्ति ने बीमा भारती को कहा कि उसका पति और बेटा जेल में है. उसकी हत्या करना उसके लिए बड़ी बात नहीं है. जब वह कुछ बोलना चाही, तो भद्दी-भद्दी गालियां देते हुए रंगदारी की मांग करने लगा.

पति और बेटा है जेल में

भवानीपुर के कारोबारी गोपाल यादुका हत्याकांड में पूर्व मंत्री बीमा भारती का बेटा राजा बीते सात मार्च को पूर्णिया कोर्ट में सरेंडर किया था. दो जून 2024 को इस हत्याकांड में नाम आने के बाद राजा फरार चल रहा था. इस मामले में गत वर्ष पांच अगस्त को बीमा भारती के पति अवधेश मंडल ने कोर्ट में सरेंडर किया था. तब से दोनों पिता पुत्र पूर्णिया के सेंट्रल जेल में बंद है.

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5 बार विधायक रह चुकी हैं बीमा

गोपाल यादुका हत्याकांड में साजिश रचने के आरोप में राजा और उसके पिता अवधेश मंडल की गिरफ्तारी को लेकर बीमा भारती के घर कुर्की जब्ती का इश्तेहार चिपकाया गया था. बीमा भारती रुपौली विधानसभा सीट से पांच बार विधायक रह चुकी हैं.

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Paritosh Shahi

लेखक के बारे में

By Paritosh Shahi

परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

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