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बाबा रामदेव पर FIR की तैयारी में बिहार IMA, आयुर्वेद और एलोपैथिक की जंग हुई तेज, डॉक्टरों के तेवर सख्त

By Prabhat Khabar Print Desk
Updated Date
योग गुरु बाबा रामदेव.
योग गुरु बाबा रामदेव.
फाइल फोटो.

आनंद तिवारी, पटना: एलोपैथी पर बयान के बाद बाबा रामदेव और आइएमए के बीच विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है. पिछले पांच दिन के अंदर बाबा के खिलाफ दिल्ली, बंगाल, उत्तराखंड, व छत्तीसगढ आइएमए ने अलग-अलग थानों में एफआइआर दर्ज करायी है. अब बिहार आइएमए के सदस्यों व एलोपैथिक डॉक्टरों के तेवर भी सख्त होते जा रहे हैं.

बिहार आइएमए एफआइआर दर्ज करायेगी

राष्ट्रीय आइएमए का समर्थन करते हुए बिहार आइएमए का कहना है कि अगर रामदेव अपना बयान वापस नहीं लेते हैं तो बिहार आइएमए भी पटना के थाने में एफआइआर दर्ज करायेगी. इधर, बाबा के समर्थन में राजकीय आयुर्वेदिक कॉलेज समेत आयुर्वेद चिकित्सा संघ भी एक जुट हो गया है. उनका कहना है कि बाबा ने जो 25 सवाल किये हैं, वह आम लोगों से जुड़ा है. इसका जवाब मिलना चाहिए.

लिखित में बयान वापस लें बाबा रामदेव

आइएमए आयुर्वेदिक चिकित्सा पर सवाल नहीं उठा रहा है. हमारी लड़ाई मार्डन मेडिसिन व फर्जी बिजनेसमैन के खिलाफ है. जब पूरे देश के डॉक्टर और पैरामेडिकल स्टाफ कोरोना से जंग लड़ रहे हैं, ऐसे में बाबा रामदेव बयान डॉक्टरों का मनोबल तोड़ रहा है. रामदेव अपने विवादित वीडियो का खंडन और लिखित माफी नहीं मांगते हैं, तो रामदेव के खिलाफ एफआइआर करवायेंगे.

- डॉ अजय कुमार, प्रदेश अध्यक्ष, बिहार आइएमए

कोरोनील नहीं बिक रही थी, इसलिए दिया विवादित बयान

बाबा राम देव को एलोपैथ पर बोलने का अधिकार बिल्कुल नहीं है. हमें संदेह है कि उन्होंने योग व आयुर्वेदिक की पढ़ाई भी की हैं? दूसरी लहर में उनकी कोरोनील दवा बिक नहीं रही थी. उसे बेचने के लिए विवादित बयान दिया है. वह पूरी तरह से बिजनेसमैन हैं.

- डॉ सुनील कुमार सिंह, उपाध्यक्ष आइएमए

रामदेव व एलोपैथ दोनों के समर्थन में हैं आयुर्वेदिक डॉक्टर

बाबा रामदेव ने एलोपथ डॉक्टरों पर नहीं, बल्कि एलोपैथ चिकित्सा पद्धति के दलाल व ड्रग माफियाओं पर सवाल उठाते हुए वीडियो जारी किया है. एलोपैथ व आयुर्वेदिक डॉक्टरों को मिलकर बीच का रास्ता निकालते हुए इस मुश्किल घड़ी में एक साथ होकर देशहित में काम करने की जरूरत है. बाबा रामदेव ने बीच में टूट रही आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्धति को नया आयाम देते हुए आगे बढ़ाया है, इसलिए राजकीय आयुर्वेदिक कॉलेज हर मुश्किल समय में बाबा रामदेव के साथ खड़ा है.

- वैद्य प्रोफेसर दिनेश्वर प्रसाद, प्रिंसिपल राजकीय आयुर्वेदिक कॉलेज पटना

क्या है मामला

बाबा रामदेव ने पिछले दिनों बयान दिया था कि एलोपैथिक दवाएं खाने से लाखों लोगों की मौत हुई है. उन्होंने एलोपैथी को स्टुपिड और दिवालिया साइंस कह दिया था. हालांकि विवाद बढ़ने के बाद उन्होंने अपना बयान वापस लेने की बात कही थी. इसके बाद बाबा ने आइएमए से 25 सवाल पूछे थे, जिसपर बिहार आइएमए के सदस्य भी आक्रोशित हैं.

POSTED BY: Thakur Shaktilochan

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