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भारत-नेपाल बॉर्डर पर फर्जी आधार कार्ड रैकेट का भंडाफोड़, बांग्लादेशी घुसपैठियों को बनवा रहे थे भारतीय पहचान पत्र

Updated at : 07 Jun 2025 6:50 PM (IST)
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indo nepal border| Fake Aadhar card racket busted on India-Nepal border, used to give Indian identity cards to Bangladeshis

गिरफ्तार आरोपी

Bihar News: किशनगंज जिले के ठाकुरगंज क्षेत्र में भारत-नेपाल सीमा के पास फर्जी आधार कार्ड बनाने वाले गिरोह का भंडाफोड़ हुआ है. पुलिस ने छापेमारी कर एक एजेंट को गिरफ्तार किया, जबकि दो आरोपी नेपाल की ओर फरार हो गए. रैकेट बांग्लादेशी घुसपैठियों को भारतीय पहचान पत्र दिलाकर अवैध रूप से बसाने का काम कर रहा था.

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Bihar News: बिहार के किशनगंज जिले के ठाकुरगंज क्षेत्र स्थित मलिनगांव पंचायत के गिलहबाड़ी गांव में पुलिस ने एक बड़े फर्जी दस्तावेज रैकेट का पर्दाफाश किया है. भारत-नेपाल सीमा के पास सक्रिय इस गिरोह के खिलाफ पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी कर एक एजेंट अशरफुल को गिरफ्तार किया.

छापेमारी के दौरान पुलिस ने बड़ी मात्रा में फर्जी आधार कार्ड, नेपाली करेंसी, सीम कार्ड, लैपटॉप, प्रिंटर, बायोमेट्रिक मशीन और स्कैनर जब्त किया. शुरुआती जांच में खुलासा हुआ है कि यह रैकेट बांग्लादेशी घुसपैठियों को भारतीय नागरिकता के फर्जी प्रमाण पत्र उपलब्ध करा रहा था, जिससे वे देश में अवैध रूप से रहकर सरकारी सुविधाओं का लाभ उठा सकें.

दो आरोपी नेपाल की ओर भाग निकले

एसपी सागर कुमार ने बताया कि इस गिरोह के तार सीमावर्ती जिलों से लेकर अंतरराष्ट्रीय घुसपैठ से जुड़े नेटवर्क तक फैले हुए हैं. इस रैकेट के अन्य सदस्य- जमाल और पंकज पुलिस कार्रवाई के दौरान नेपाल की ओर भाग निकले. उनकी तलाश में छापेमारी जारी है और सीमा चौकियों को सतर्क कर दिया गया है.

नेपाली और बांग्लादेशी नागरिकों के बदल देते थे पहचान

पुलिस सूत्रों के मुताबिक, यह गिरोह न सिर्फ फर्जी आधार कार्ड बनाता था, बल्कि नेपाली और बांग्लादेशी नागरिकों की पहचान बदलकर उन्हें भारतीय नागरिक साबित करता था. यह न केवल राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा है, बल्कि स्थानीय संसाधनों पर भी गंभीर असर डालता है.

स्थानीय लोगों ने पुलिस की तत्परता की सराहना करते हुए मांग की है कि सीमावर्ती क्षेत्रों में ऐसे घातक गिरोहों पर लगाम कसने के लिए निगरानी और कड़ी की जाए. पुलिस अब गिरोह के पूरे नेटवर्क की पहचान में जुट गई है, ताकि सीमापार से चल रही इस साजिश की जड़ तक पहुंचा जा सके.

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Abhinandan Pandey

लेखक के बारे में

By Abhinandan Pandey

भोपाल से शुरू हुई पत्रकारिता की यात्रा ने बंसल न्यूज (MP/CG) और दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अनुभव लेते हुए अब प्रभात खबर डिजिटल तक का मुकाम तय किया है. वर्तमान में पटना में कार्यरत हूं और बिहार की सामाजिक-राजनीतिक नब्ज को करीब से समझने का प्रयास कर रहा हूं. गौतम बुद्ध, चाणक्य और आर्यभट की धरती से होने का गर्व है. देश-विदेश की घटनाओं, बिहार की राजनीति, और किस्से-कहानियों में विशेष रुचि रखता हूं. डिजिटल मीडिया के नए ट्रेंड्स, टूल्स और नैरेटिव स्टाइल्स के साथ प्रयोग करना पसंद है.

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