ग्राम परिवहन योजना में शामिल हो सकते हैं इलेक्ट्रिक वाहन : नीतीश कुमार

Updated at : 04 Mar 2020 6:13 AM (IST)
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ग्राम परिवहन योजना में शामिल हो सकते हैं इलेक्ट्रिक वाहन : नीतीश कुमार

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि प्रदूषण के बढ़ते स्तर को देखते हुए इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग पर जोर देने की जरूरत है. मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन योजना में इलेक्ट्रिक वाहनों को शामिल किया जा सकता है.

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पटना : मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि प्रदूषण के बढ़ते स्तर को देखते हुए इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग पर जोर देने की जरूरत है. मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन योजना में इलेक्ट्रिक वाहनों को शामिल किया जा सकता है. शहरों के लिए नगर पर्षद और नगर पंचायतों में भी इसे प्रोत्साहित करने की जरूरत है. उन्होंने कहा कि इलेक्ट्रिक वाहनों का उपयोग करने वालों को इन्सेंटिव मिले.

उन्होंने अधिकारियों को सभी व्यावहारिक पहलुओं को ध्यान में रखते हुए ‘इलेक्ट्रिक वाहन उत्पादन नीति’ बनाने का टास्क दिया. इस संबंध में मंगलवार की शाम प्रेजेंटेशन देखने बाद उन्होंने कहा कि इसके लिए बिहार के परिवेश और बैकग्राउंड को समझने की जरूरत है. मुख्यमंत्री एक अणे मार्ग स्थित अपने सरकारी आवास में मौजूद संकल्प सभाकक्ष में उद्योग विभाग की तरफ से दी गयी ‘इलेक्ट्रिक वाहन उत्पादन नीति’ के प्रेजेंटेशन को देख रहे थे.

इस नीति को लागू करने के लिए ‘बिहार औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन नीति 2016’ में भी संशोधन किया जायेगा. इस नीति के संबंध में निवेश आयुक्त आरएस श्रीवास्तव ने विस्तृत जानकारी दी. इस दौरान मुख्यमंत्री ने शहर में अधिक संख्या में चार्जिंग स्टेशन बनाने पर खासतौर से फोकस करने को कहा. इसके लिए ऊर्जा विभाग, उद्योग, परिवहन, नगर विकास और वित्त विभाग को संयुक्त रूप से बैठक कर निर्णय लेने का निर्देश दिया.

बैठक में उद्योग मंत्री श्याम रजक, मुख्य सचिव दीपक कुमार, पथ निर्माण विभाग के प्रधान सचिव अमृत लाल मीणा, वित्त विभाग के प्रधान सचिव एस सिद्धार्थ, ऊर्जा विभाग के प्रधान सचिव प्रत्यय अमृत, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव चंचल कुमार, पर्यावरण वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के प्रधान सचिव दीपक कुमार सिंह, उद्योग विभाग के सचिव नर्मदेश्वर लाल, नगर विकास एवं आवास विभाग के सचिव आनंद किशोर, परिवहन विभाग के सचिव संजय अग्रवाल, वित्त विभाग के सचिव राहुल सिंह, सीएम के सचिव अनुपम कुमार व गोपाल सिंह समेत अन्य अधिकारी मौजूद थे.

नयी नीति में रिक्शा चलाने वालों को भी मिले रोजगार : मुख्यमंत्री ने कहा कि पटना की मुख्य सवारी रिक्शा हुआ करती थी, जिसे गरीब चलाते थे. यह उनकी आमदनी का मुख्य जरिया है. इस वजह से नयी इलेक्ट्रिक वाहन नीति ऐसी बने, जो इन लोगों के रोजगार का आधार बने और अधिक-से-अधिक लोगों को इसका फायदा मिले. साथ ही पर्यावरण का संरक्षण भी हो सके.

नीति आयोग के निर्देश पर लायी जा रही यह नीति : नीति आयोग के निर्देश पर इलेक्ट्रिक वाहन नीति लायी जा रही है. इसमें ग्रामीण, शहरी और पर्यटन समेत अन्य विशिष्ट क्षेत्रों के लिए इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए कहा गया है.

लोगों को प्रेरित करने को कर रहे इलेक्ट्रिक वाहन से भ्रमण : मुख्यमंत्री ने इलेक्ट्रिक वाहनों के प्रोत्साहन पर जोर देने की बात कही. उन्होंने कहा कि इन दिनों हम खुद और हमारे कुछ सहयोगी पटना में इलेक्ट्रिक वाहन से भ्रमण कर रहे हैं, ताकि लोग इससे प्रेरित हो सकें. राज्य में व्यवसाय बढ़ा है. लोगों की क्रय शक्ति भी बढ़ी है. बिहार में उद्योग को बढ़ावा देने के लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं. इससे बिहार की औद्योगिक स्थिति बेहतर हो सके. कोई भी कंपनी अगर वास्तव में इ-रिक्शों का निर्माण यहां करना चाहती है, तो उसे हर तरह से फायदा दें. जो खरीदार हैं, उनको भी इसका लाभ मिले.

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Pritish Sahay

लेखक के बारे में

By Pritish Sahay

12 वर्षों से टीवी पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सेवाएं दे रहा हूं. रांची विश्वविद्यालय के पत्रकारिता विभाग से पढ़ाई की है. राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय विषयों के साथ-साथ विज्ञान और ब्रह्मांड विषयों पर रुचि है. बीते छह वर्षों से प्रभात खबर.कॉम के लिए काम कर रहा हूं. इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में काम करने के बाद डिजिटल जर्नलिज्म का अनुभव काफी अच्छा रहा है.

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