जमीन अधिग्रहण को लेकर मुआवजे का विवाद होगा दूर

राज्य में सरकारी परियोजनाओं के लिए जमीन अधिग्रहण के लिए दर निर्धारित करने सहित रैयतों को मुआवजा देने के विवादों के समाधान की तैयारी की जा रही है.
अधिग्रहित जमीन की किस्म, प्रकार और दर का निर्धारण करेगी राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग की ओर से गठित पांच सदस्यीय कमेटी संवाददाता, पटना राज्य में सरकारी परियोजनाओं के लिए जमीन अधिग्रहण के लिए दर निर्धारित करने सहित रैयतों को मुआवजा देने के विवादों के समाधान की तैयारी की जा रही है. इसे लेकर राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने विशेष पहल की है. इसके तहत सरकारी योजनाओं के लिए अधिग्रहित जमीन की किस्म और प्रकार का वर्गीकरण करने के साथ ही इसका दर निर्धारित किया जायेगा. इसे लेकर राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने पांच सदस्यीय समिति का गठन किया है. इस समिति की देखरेख में अधिग्रहित जमीन का वर्गीकरण कर दर निर्धारित किया जायेगा. सूत्रों के अनुसार इस समिति के अध्यक्ष अपर समाहर्ता रेवेन्यू सह पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन होंगे. इसके साथ ही समिति के सदस्य सचिव की जिम्मेदारी जिला भू-अर्जन पदाधिकारी या सक्षम प्राधिकार भू-अर्जन (काला) को दी गयी है. जिला अवर निबंधक को समिति के सचिव की जिम्मेदारी दी गयी है. इसके अलावा जमीन जहां की होगी, वहां के स्थानीय उपविकास आयुक्त सह मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी जिला परिषद या कार्यपालक पदाधिकारी, नगर निकाय को सदस्य बनाया गया है. पांचवें सदस्य के रूप में स्थानीय डीसीएलआर भी शामिल होंगे.
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