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बारिश के जमा पानी में करेंट आने से स्कूल जा रहे बच्चे की गयी जान

Updated at : 30 Jul 2025 12:44 AM (IST)
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बारिश के जमा पानी में करेंट आने से स्कूल जा रहे बच्चे की गयी जान

patna news: फुलवारीशरीफ. थाना क्षेत्र के खलीलपुरा और आरके नगर इलाके में मंगलवार सुबह दिल दहला देने वाली घटना हुई जहां करेंट की चपेट में आने से 10 वर्षीय बच्चे की मौत हो गयी.

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फुलवारीशरीफ. थाना क्षेत्र के खलीलपुरा और आरके नगर इलाके में मंगलवार सुबह दिल दहला देने वाली घटना हुई जहां करेंट की चपेट में आने से 10 वर्षीय बच्चे की मौत हो गयी. बारिश के जमा पानी में गिरे बिजली के तार से दौड़ रहे करेंट ने उस समय मासूम की जान ले ली जब वह स्कूल जा रहा था. मृतक की पहचान खलीलपुरा निवासी मोहम्मद फैसल उर्फ कैश के बेटे मोहम्मद आसिफ राजा के रूप में हुई है, जो खलीलपुरा स्थित प्राथमिक विद्यालय का छात्र था. पानी में पहले से करेंट दौड़ रहा था. जब तक लोग कुछ समझ पाते, मासूम छटपटाता रहा और मौके पर ही दम तोड़ दिया. लोग बच्चे को फुलवारीशरीफ पीएचसी लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. बच्चे की मौत की सूचना मिलते ही खलीलपुरा मोहल्ले में मातम छा गया. वहीं जिस प्राथमिक विद्यालय में आसिफ पढ़ता था, वहां भी मातमी सन्नाटा पसरा रहा. गौरतलब हो की एक दिन पहले ही ईसापुर के अमरुदी बगीचा इलाके में भी बिजली के टूटे तार के करेंट से बारिश के पानी में खेल रहे एक ही परिवार के चार बच्चे और एक लड़की झुलस गयी थी जिनका इलाज चल रहा है. स्थानीय निवासी मोहम्मद सरवर ने बताया कि सोमवार की रात हुई बारिश से बिजली का तार टूट कर आरके नगर की सड़क पर जलजमाव में गिर गया था. इसकी सूचना बिजली विभाग को समय रहते दी गयी थी, लेकिन विभाग की तरफ से कोई भी पहल नहीं की गयी. घटना के बाद परिजनों और स्थानीय लोगों ने बिजली विभाग और विद्यालय प्रशासन पर घोर लापरवाही का आरोप लगाया. इस घटना को लेकर जब फुलवारीशरीफ के एसडीओ और कनीय अभियंता से संपर्क करना चाहा, तो उन्होंने कहा कि यह मामला खगौल एसडीओ के अधीन आता है. जब खगौल एसडीओ को फोन किया गया तो उन्होंने कॉल काट दिया. स्थानीय लोगों ने मांग की है कि जिम्मेदार बिजली अधिकारियों पर हत्या का मुकदमा दर्ज किया जाये. स्कूल गये बेटे का शव दरवाजे पर देख मां बेहोश हो गयी: जिस बेटे को मां ने तैयार कर स्कूल भेजा था, कुछ ही देर बाद उसका शव जब घर पहुंचा तो मां नर्गिस सुध-बुध खो बैठी. बेसुध होकर दरवाजे पर गिर पड़ी. छाती पीटते हुए वो बार-बार यही कह रही थी अभी तो खाना बना रही थी, मेरा बेटा स्कूल से आयेगा और खायेगा. आसिफ अपने मां-बाप के सात बच्चों में तीसरे नंबर पर था.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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VIPIN PRAKASH YADAV

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