CBSE Results: सीबीएसइ ने अंक पत्र से हटाया 'अनुत्तीर्ण' शब्द, अब 'आवश्यक पुनरावृत्ति'

CBSE Results: पटना : सीबीएसइ ने मार्कशीट से अनुत्तीर्ण (फेल) शब्द को हटा दिया है. बोर्ड ने कहा कि पहले एक या दो विषय में फेल हो जाने पर स्टूडेंट्स को कंपार्टमेंटल परीक्षा में शामिल होना होता था. इस बार जो भी स्टूडेंट्स अनुत्तीर्ण हुए हैं, उनके अंक पत्र में फेल शब्द नहीं लिखा गया है. उसके स्थान पर 'आवश्यक पुनरावृत्ति' कर दिया गया है.
पटना : सीबीएसइ ने मार्कशीट से अनुत्तीर्ण (फेल) शब्द को हटा दिया है. बोर्ड ने कहा कि पहले एक या दो विषय में फेल हो जाने पर स्टूडेंट्स को कंपार्टमेंटल परीक्षा में शामिल होना होता था. इस बार जो भी स्टूडेंट्स अनुत्तीर्ण हुए हैं, उनके अंक पत्र में फेल शब्द नहीं लिखा गया है. उसके स्थान पर ‘आवश्यक पुनरावृत्ति’ कर दिया गया है.
बोर्ड के परीक्षा नियंत्रक संयम भारद्वाज ने कहा कि परीक्षा के अंक पत्र में फेल शब्द अक्सर बच्चे को असफल होने का अहसास कराता है. इस कारण इस पार पुनरावृत्ति लिखा गया है. एक बार बच्चे को असफल होने का अहसास हो जाता है, तो बच्चों को उस स्थिति से निकालना बहुत कठिन हो जाता है. बच्चा डिप्रेशन की स्थिति तक में जा सकता है और उसे लगने लगता है कि अब वो आगे भविष्य में कुछ नहीं कर पायेगा. इस कारण इस बार के अंक पत्र में फेल शब्द को बदल कर ‘आवश्यक पुनरावृत्ति’ कर दिया गया है. इससे स्टूडेंट्स पर कोई नकारात्मक असर नहीं पड़ेगा.
सीबीएसइ ने कहा कि 12वीं बोर्ड परीक्षा 15 फरवरी से 30 मार्च तक आयोजित होनी थी, लेकिन कोविड-19 महामारी के कारण सीबीएसइ को पूर्वोत्तर दिल्ली के विद्यार्थियों के लिए 11 विषयों की परीक्षाओं सहित 12 विषयों में 19 मार्च से 30 मार्च तक की परीक्षा रद्द करनी पड़ी. यह परीक्षाएं एक से 15 जुलाई तक आयोजित करने के लिए पुन: निर्धारित की गयी थी. लेकिन, अनिश्चितताओं और अप्रत्याशित स्थिति को देखते हुए और स्टूडेंट्स के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने 26 जून को आदेश पारित किया था, जिसमें कुछ खास मानदंडों पर परिणामों जारी करने का आदेश दिया गया.
जो स्टूडेंट्स तीन विषयों से अधिक परीक्षा में शामिल हुए हैं, उनका रिजल्ट तीन सर्वश्रेष्ठ विषयों में हासिल अंकों का औसत अंक उन विषयों में जोड़ दिया गया है, जिनकी परीक्षाएं स्टूडेंट्स ने नहीं दी है. जो केवल तीन विषयों की परीक्षा में शामिल हुए हैं, उनका सर्वश्रेष्ठ दो विषयों में हासिल अंकों का औसत निकाल कर उन विषयों में जोड़ा गया है, जिन विषयों की परीक्षा उन्होंने नहीं दी है. बोर्ड ने कहा है कि 12वीं में मुख्य रूप से दिल्ली से बहुत कम ऐसे स्टूडेंट्स हैं, जो केवल एक या दो विषयों में परीक्षा में शामिल हुए हैं. उनके परिणाम उनकी उपस्थिति के विषयों में प्रदर्शन और आंतरिक, प्रैक्टिकल, परियोजना आकलन में प्रदर्शन के आधार पर जारी किये गये हैं. वैसे इन स्टूडेंट्स को अपने प्रदर्शन में सुधार करने के लिए सीबीएसइ द्वारा आयोजित वैकल्पिक परीक्षाओं में उपस्थित होने की भी अनुमति दी जायेगी. यदि वे ऐसा करना चाहते हैं.
बोर्ड ने कहा कि 10वीं और 12वीं दोनों स्टूडेंट्स के लिए जिन्होंने अपनी सभी परीक्षाएं पूरी कर ली है, उनके परिणाम परीक्षाओं में उनके प्रदर्शन के आधार पर घोषित किया गया है. बोर्ड ने कहा है कि अगर स्टूडेंट्स आकलन परिणाम से संतुष्ट नहीं हैं, तो वह परीक्षा दे सकते हैं. आकलन के अनुसार स्थितियों के ठीक होने और केंद्र सरकार के निर्णय अनुसार जल्द सीबीएसइ उन विषयों में एक वैकल्पिक परीक्षा आयोजित करेगा, जिनकी परीक्षाएं एक से 15 जुलाई के बीच आयोजित की जानी थी. जिन स्टूडेंट्स के परिणाम आकलन योजना के आधार पर घोषित किये गये हैं, उनको अपने प्रदर्शन में सुधार करने का मौका वैकल्पिक परीक्षाओं में मिलेगा.
बोर्ड ने कहा है कि उपरोक्त मानदंडों के आधार पर भी 400 स्टूडेंट्स के परिणामों की गणना नहीं की जा सकी है. इसलिए यह परिणाम अभी पेंडिंग है. बोर्ड ने कहा है कि पुन: जांच और पुनर्मूल्यांकन की रूपरेखा जल्द ही अधिसूचित की जायेगी.
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