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राज्य के छह जिलों में खोले जायेंगे कैंसर डे केयर सेंटर

Updated at : 29 Apr 2025 1:24 AM (IST)
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राज्य के छह जिलों में खोले जायेंगे  कैंसर डे केयर सेंटर

बेगूसराय, समस्तीपुर, मोतिहारी(पूर्वी चंपारण), सीवान, भोजपुर और किशनगंज में कैंसर डे केयर सेंटर खोले जायेंगे.

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संवाददाता,पटना बेगूसराय, समस्तीपुर, मोतिहारी(पूर्वी चंपारण), सीवान, भोजपुर और किशनगंज में कैंसर डे केयर सेंटर खोले जायेंगे. इन सेंटरों में कैंसर के मरीजों ओपीडी, पैलिएटिव ओपीडी व कीमोथिरेपी की सेवाएं दी जाती हैं. लेकिन बिहार के सभी जिलों में कैंसर से बचाव और इलाज को लेकर डे केयर की स्थापना के लक्ष्य प्राप्त करने में तत्काल इन जिलों में समस्या आ रही है. राज्य सरकार द्वारा इस दिशा में काम किया जा रहा है. अब तक सिर्फ 17 जिलों में ही कैंसर के डे केयर सेंटर की स्वीकृति मिली है. इनमें से 11 जिलों में डे केयर की सेवाएं बहाल हो गयी हैं, जबकि इन छह जिलों में सेवाएं बहाल होने में पेच फंसा है. केंद्र सरकार द्वारा पूरे देश में इस वर्ष 200 जिलों में डे केयर की स्थापना की स्वीकृति दी गयी है. स्वीकृत जिलों में डे-केयर स्थापित हो जाते हैं, तो 21 जिले शेष रह जायेंगे जहां पर डे केयर सेंटर की स्थापना की जानी है. होमी भाभा कैंसर अनुसंधान केंद्र के राज्य कार्यक्रम पदाधिकारी डाॅ (मेजर) केएन सहाय ने बताया कि राज्य में गैर संचारी रोग के तहत वर्तमान में 17 डे केयर सेंटरों की स्वीकृति मिली है. इसमें एनएमसीएच पटना, मुजफ्फरपुर, दरभंगा, भागलपुर, पूर्णिया, बेतिया, मधेपुरा, अरवल, कैमूर, गया व बिम्स पावापुरी में कैंसर मरीजों को सेवाएं दी जा रही हैं. इसके अलावा बेगूसराय, समस्तीपुर, मोतिहारी, सीवान और किशनगंज में कैंसर मरीजों के लिए डे केयर की स्थापना की जानी है. अभी तक समस्तीपुर में व बेगूसराय जिले में डे-केयर सेंटर के लिए जगह ही नहीं मिल रही है. इसके अलावा भोजपुर में जगह मिली है , पर बिना सुविधाओं के. इसी प्रकार सीवान जिले में अधिकारी सरकार के आदेश का पालन न करते हुए लिखित मांग रहे हैं. मोतिहारी और किशनगंज में भी कमरा मिल गया है, पर अभी तक वहां ऑक्सीजन पाइपलाइन नहीं लगायी गयी है. डे केयर सेंटर में कैंसर मरीजों को ओपीडी की सेवाएं दी जाती हैं. इमसें उनके शरीर के अंदर जहां पर भी गांठ है उसकी जांच की जाती है. जांच करने के बाद अगर मरीज में कैंसर के लक्षण पाये जाते हैं, तो उसे ट्यूमर बोर्ड के पास निर्णय लेने के लिए भेजा जाता है. बोर्ड कैंसर के स्टेज का आकलन करता है. उसके बाद उनके इलाज की लाइन निर्धारित की जाती है. डे केयर में मरीजों को कीमोथिरेपी की सुविधा उपलब्ध होती है. पैलिएटिव ओपीडी की सुविधा दी जाती. कीमोथिरेपी की सभी दवाएं मुफ्त दी जा रही हैं.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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