BPSC Exam: तेजस्वी पर छात्र नेता ने लगाए गंभीर आरोप, दिलीप बोले- जब सरकार में आते हैं, तो चुप्पी साध लेते हैं

Published by : Paritosh Shahi Updated At : 22 Dec 2024 5:06 PM

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Tejashwi Yadav

BPSC Exam: छात्र नेता ने कहा कि तेजस्वी यादव झूठ बोल रहे हैं. जब उनकी सरकार थी तब कई पेपर लीक हुए थे. तब उन्होंने चुप्पी साध ली थी.

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BPSC Exam: बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) की 70वीं प्रारंभिक परीक्षा रद्द करने की मांग को लेकर पटना के गर्दनीबाग में धरना स्थल पर बैठे अभ्यर्थियों से शनिवार को विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने देर रात मुलाकात करके समर्थन देने की घोषणा की थी. इस प्रदर्शन के राजनीतिकरण करने से छात्र नेता नाराज हो गए हैं. छात्र नेता दिलीप कुमार ने कहा कि जो भी पार्टी विपक्ष में रहती है, उस पार्टी के नेता हो रहे आंदोलन के साथ चले जाते हैं. वह समर्थन देने का दिखावा करते हैं. लेकिन, जब सरकार में आते हैं, तो चुप्पी साध लेते हैं, लाठीचार्ज करवाते हैं. वे चाहे किसी भी पार्टी के नेता हों.

जो काम विजय सिन्हा और सम्राट चौधरी करते थे वही तेजस्वी कर रहे

दिलीप कुमार ने कहा, “आज विजय सिन्हा और सम्राट चौधरी सरकार में हैं, तो आंदोलनकारियों पर लाठीचार्ज होता है. जब ये विपक्ष में थे तो आंदोलन का समर्थन करने चले आते थे, आज वही काम तेजस्वी यादव भी कर रहे हैं. जब तेजस्वी यादव 17 महीने सरकार में थे तब भी सिपाही भर्ती परीक्षा का पेपर लीक हुआ, बीएसएससी सीजीएल का पेपर लीक हुआ, फूड कॉरपोरेशन का पेपर लीक हुआ था, उस समय चुप्पी साधे हुए थे. आज जब वे विपक्ष में हैं तो समर्थन दे रहे हैं. अभ्यर्थियों के साथ रहने के लिए बोल रहे हैं.”

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तेजस्वी यादव झूठ बोल रहे हैं- दिलीप

छात्र नेता दिलीप कुमार ने राजद नेता तेजस्वी यादव पर झूठ बोलने का आरोप लगाते हुए कहा कि आज वे कह रहे हैं कि 17 महीने की हमारी सरकार में कोई पेपर लीक नहीं हुआ. वह झूठ बोल रहे हैं. हमने तो डेट के साथ बता दिया. एक अक्टूबर 2023 को सिपाही भर्ती का पेपर, 23 दिसंबर 2022 को बीएसएससी सीजीएल का पेपर लीक हुआ. शिक्षा माफिया पर कार्रवाई नहीं हुई. बिहार में किसी गठबंधन की सरकार हो, बड़े-बड़े शिक्षा माफियाओं को संरक्षण मिलता रहा है. यह कोई नई बात नहीं है.

पूरे आंदोलन का राजनीतिकरण कर दिया

छात्र नेता ने कहा कि मेरा सिद्धांत रहा है कि हम कभी भी आंदोलन करते हैं तो किसी भी पार्टी के नेता को, शिक्षक को नहीं आने देते हैं. लेकिन, गर्दनीबाग में जो आंदोलन चल रहा है, एक टेलीग्राम ग्रुप से अभ्यर्थियों ने शुरू किया. उसमें अब शिक्षक लोग घुस गए. नेता लोग घुस गए. आंदोलन को पूरा राजनीतिकरण कर दिया गया. हम उस मंच पर नहीं रह सकते हैं, जहां से राजनीतिकरण हो रहा है. हम आंदोलन के साथ हैं. बीपीएससी की पीटी परीक्षा रद्द हो और फिर से परीक्षा ली जाए. बीपीएससी चेयरमैन को हटाया जाए और पूरे मामले की आर्थिक अपराध इकाई या सीबीआई से जांच हो.

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Paritosh Shahi

लेखक के बारे में

By Paritosh Shahi

परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

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