Bihar STF: इजराइल की तरह अब बिना सामने आए दुश्मन को ढेर करेगी बिहार की STF, 12 अत्याधुनिक हथियारों से होगी लैस
Published by : Paritosh Shahi Updated At : 06 Jul 2025 7:54 PM
Bihar STF: बिहार की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) अब हाईटेक तकनीक से लैस होकर और भी घातक बन रही है. राज्य सरकार ने कॉर्नर शॉट वेपन सिस्टम समेत 12 अत्याधुनिक हथियारों और उपकरणों की खरीद को ₹4.97 करोड़ की मंजूरी दी है. इससे STF की ऑपरेशन क्षमता कई गुना बढ़ जाएगी.
Bihar STF, अनुज शर्मा, पटना: बिहार की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) अब अत्याधुनिक हथियारों से लैस होकर और अधिक घातक तथा तकनीकी रूप से सक्षम बनने जा रही है. राज्य सरकार ने एसटीएफ को हाईटेक बनाने के लिए जिन उपकरणों की खरीद की स्वीकृति दी है, उनमें सबसे खास है ‘कॉर्नर शॉट वेपन सिस्टम’. यह ऐसा हथियार है जो जवान को सामने आए बिना ही दुश्मन को ढेर करने की ताकत देगा. यह इजरायली तकनीक पर आधारित विशेष प्रणाली है, जो आमतौर पर सिर्फ इंटरनेशनल स्पेशल फोर्सेज के पास होती है.
कितना सक्षम होता है
कॉर्नर शॉट एक ऐसा हथियार है जिसे कोने से मोड़कर चलाया जा सकता है. यह सामने मौजूद खतरे से जवान को बचाते हुए मोड़ के पीछे छिपे दुश्मन को निशाना बनाने में सक्षम होता है. इसमें एक कैमरा, स्क्रीन और ट्रिगर सिस्टम होता है, जिससे ऑपरेटर सुरक्षित स्थान से ही लक्ष्य पर सटीक गोली चला सकता है. बिहार एसटीएफ के लिए इसकी दो यूनिट खरीदी जा रही हैं. इससे न केवल जान का जोखिम कम होगा, बल्कि शहरी घेराबंदी और बंधक जैसी परिस्थितियों में ऑपरेशन अधिक प्रभावी होगा.
एसटीएफ को कई ऐसे हथियार और उपकरण मिलने जा रहे हैं जो अब तक राज्य पुलिस के पास नहीं थे. अंधेरे में ऑपरेशन के लिए नाइट विजन डिवाइस (एनवीडी), छिपे हुए अपराधियों का पता लगाने के लिए वॉल रडार सिस्टम और बिना जान लिए अपराधियों को बेअसर करने वाला एनएलआइडी जैसे अत्याधुनिक सिस्टम अब एसटीएफ के पास होंगे. इनका इस्तेमाल नक्सल प्रभावित इलाकों से लेकर संगठित आपराधिक गिरोहों के सफाए तक में किया जाएगा.
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रात के अंधेरे में भी ऑपरेशन संभव
नाइट विजन डिवाइस की 10 यूनिट एसटीएफ को मिलेंगी, जिनसे रात के अंधेरे में भी ऑपरेशन संभव हो सकेगा. वहीं 10 यूनिट एनएलआइडी (नॉन लीथल इनकैपेसिटिंग डिवाइस) बिना गोली चलाए अपराधी को निष्क्रिय करने में मदद करेंगे. वॉल रडार सिस्टम दीवारों के आरपार गतिविधि को पहचानने वाला रडार है, जिससे घेराबंदी या इमारत में छिपे अपराधियों की सटीक जानकारी मिलेगी.
इसके अलावा एसटीएफ को एलइडी ड्रैगन लाइट, 5 वॉट डिजिटल वॉकी-टॉकी, टैक्टिकल गॉगल्स, डे बाइनाकुलर, जीपीएस ट्रैकर, टैक्टिकल गियर (बुलेटप्रूफ वेस्ट) और लाइटवेट टेंट भी मिलेंगे, जो हर प्रकार के अभियान को तकनीकी रूप से बेहतर और सुरक्षात्मक बनाएंगे.
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₹4.97 करोड़ की मंजूरी, 12 आइटमों की खरीद
राज्य सरकार ने हथियारों की खरीद के लिए 12 अगस्त 2024 को स्वीकृति दी थी. कुछ उपकरणों की खरीद पहले ही की जा चुकी है. शेष बचे उपकरणों की खरीद के लिए पुलिस मुख्यालय को ₹4,97,03,525 की पुनः स्वीकृति दी गई है. 13 जून 2025 को भेजे गए प्रस्ताव के आधार पर 12 प्रकार के हथियार-उपकरणों की खरीद की जाएगी.
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By Paritosh Shahi
परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.
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