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Bihar School: बिहार के 100 सरकारी स्कूलों में एक भी बच्चे का नाम दर्ज नहीं, शिक्षा विभाग ने दिये जांच के आदेश

Updated at : 23 Dec 2024 1:34 PM (IST)
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school in bihar

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Bihar School: बिहार के जिन स्कूलों में एक भी बच्चे नहीं होने की बात सामने आ रही है उनमें से अधिकतर स्कूल प्राथमिक और नवप्राथमिक हैं. कक्षा एक से पांच वाले स्कूलों का अधिकतर मामला है.

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Bihar School: पटना. बिहार के एक सौ सरकारी स्कूलों में एक भी बच्चा नहीं है. मुजफ्फरपुर जिले के इन स्कूलों से सत्र 2024-25 के लिए जब एक भी बच्चे का नाम विभागीय पोर्टल पर अपलोड नहीं हुआ, तो जांच शुरू हुई है. जांच के घेरे में आए इन स्कूलों को लेकर अधिकारियों से भी जवाब मांगा गया है. जिले के सकरा और मुशहरी प्रखंडों में ऐसे स्कूल सबसे ज्यादा है. जिले के इन स्कूलों में 2023-24 में 100 से 200 बच्चे के नामांकन का आंकड़ा दिया गया था. 2024-25 के लिए जब प्रमोशन रिकॉर्ड मांगा गया, तो इन स्कूलों से एक भी बच्चे का नाम नहीं आया. अब यह स्कूल की लापरवाही है या इन स्कूलों में बच्चे थे ही नहीं, इसकी जांच कराई जा रही है.

सौ से अधिक निजी स्कूलों में भी बच्चों की संख्या शून्य

सरकारी ही नहीं, निजी स्कूलों में भी पिछले साल के बच्चों की खोज की जा रही है. पिछले साल जिन निजी स्कूलों में 500 बच्चे थे, इस बार वहां से एक भी बच्चे का प्रमोशन रिकार्ड नहीं दिया गया है. 100 से अधिक निजी स्कूल ऐसे हैं, जिनमें इस साल बच्चों की संख्या शून्य है. यू-डायस में इस बार नए नामांकित बच्चों के अलावा सभी स्कूलों को पिछले साल के बच्चों को ही प्रमोशन रिकार्ड में डालना था. इस रिकार्ड को लेकर इस तरह का फर्जीवाड़ा सामने आया है. शिक्षा विभाग अब इसकी जांच के आदेश दिये हैं.

सकरा और मुशहरी के सबसे अधिक स्कूल शामिल

मुजफ्फरपुर जिले में सकरा, मुशहरी के सबसे अधिक स्कूल शून्य छात्र संख्या वाले हैं. औराई के पांच स्कूल ऐसे हैं, जहां पिछले साल 59 से लेकर 788 बच्चे थे, लेकिन इस बार संख्या शून्य है. यहां एक भी बच्चे का प्रमोशन का आंकड़ा नहीं है. सकरा में 15 स्कूलों में यही स्थिति है. मुशहरी में 18 स्कूल ऐसे हैं.शिक्षा विभाग ने इसको गंभीरता से लिया है. डीईओ अजय कुमार सिंह ने कहा कि इन सभी स्कूल में भौतिक जांच कराई जा रही है कि क्या मामला है.

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Ashish Jha

लेखक के बारे में

By Ashish Jha

डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव. लगातार कुछ अलग और बेहतर करने के साथ हर दिन कुछ न कुछ सीखने की कोशिश. वर्तमान में बंगाल में कार्यरत. बंगाल की सामाजिक-राजनीतिक नब्ज को टटोलने के लिए प्रयासरत. देश-विदेश की घटनाओं और किस्से-कहानियों में विशेष रुचि. डिजिटल मीडिया के नए ट्रेंड्स, टूल्स और नैरेटिव स्टाइल्स को सीखने की चाहत.

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