बिहार में चूहे-गिलहरी मारने वाली दवा बैन, अब ऑनलाइन ऑर्डर भी नहीं कर सकेंगे

Updated at : 31 Mar 2026 6:37 PM (IST)
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सांकेतिक तस्वीर

Bihar News: बिहार सरकार ने खतरनाक कीटनाशक ‘रेटॉल पेस्ट’ की बिक्री और उपयोग पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया है. यह फैसला लोगों की सेहत और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लिया गया है, क्योंकि यह दवा इंसानों के लिए भी जानलेवा साबित हो सकती है.

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Bihar News: बिहार सरकार ने चूहे, गिलहरी और अन्य कीड़े को मारने वाली खतरनाक दवा ‘रेटॉल पेस्ट’ पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया है. कृषि विभाग के इस फैसले के बाद अब इसकी ऑनलाइन और ऑफलाइन बिक्री नहीं हो सकेगी. साथ ही आम लोगों से भी इस दवा का इस्तेमाल न करने की अपील की गई है.

क्यों लगाया गया प्रतिबंध?

कृषि निदेशक सौरभ सुमन यादव ने आदेश जारी करते हुए बताया कि भारतीय मानक ब्यूरो द्वारा फॉस्फोरस से जुड़े सख्त सुरक्षा मानक लागू किए जाने के बाद यह कदम उठाया गया है. इस दवा में मौजूद येलो-व्हाइट फॉस्फोरस बेहद खतरनाक होता है, जो इंसान और जानवर दोनों के लिए जानलेवा साबित हो सकता है.

ई-कॉमर्स कंपनियों को सख्त निर्देश

राज्य में काम कर रही सभी ई-कॉमर्स कंपनियों जैसे अमेजन, फ्लिपकार्ट, मीशो, जोमैटो समेत अन्य प्लेटफॉर्म और खुदरा विक्रेताओं को निर्देश दिया गया है कि वे तुरंत इस दवा की बिक्री बंद करें. अगर कोई विक्रेता आदेश का उल्लंघन करता पाया गया, तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी.

क्या है ‘रेटॉल पेस्ट’?

रेटॉल पेस्ट एक जहरीला, चिपचिपा पदार्थ होता है, जिसका उपयोग चूहों, गिलहरियों और फसलों को नुकसान पहुंचाने वाले अन्य जीवों को मारने के लिए किया जाता है. इसमें मौजूद फॉस्फोरस एक खतरनाक जहर की तरह काम करता है, जो जीवित कोशिकाओं पर सीधा हमला करता है और कुछ ही समय में जान ले सकता है.

घर-गोदाम में भी होता था इस्तेमाल

यह दवा सिर्फ खेतों में ही नहीं, बल्कि घरों, किराना दुकानों और अनाज के गोदामों में भी बड़े पैमाने पर इस्तेमाल होती रही है. लोग इसे चूहों से छुटकारा पाने के लिए रखते थे.

इंसानों के लिए भी जानलेवा

विशेषज्ञों के अनुसार, रेटॉल पेस्ट इंसानों के लिए भी बेहद खतरनाक है. इसकी थोड़ी मात्रा भी शरीर में पहुंचने पर लिवर को गंभीर नुकसान पहुंचा सकती है. ब्लड प्रेशर बढ़ना, खून का जमाव और आंतरिक रक्तस्राव जैसी समस्याएं हो सकती हैं. 48 घंटे के भीतर इसके लक्षण दिखने लगते हैं और समय पर इलाज न मिलने पर मौत भी हो सकती है.

उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई

सरकार ने स्पष्ट किया है कि अगर कोई दुकानदार या विक्रेता इस प्रतिबंध के बावजूद रेटॉल पेस्ट बेचता पाया गया, तो उसके खिलाफ कानून के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी. इस फैसले के बाद अब राज्य में इस खतरनाक दवा के इस्तेमाल और बिक्री पर पूरी तरह रोक लग गई है, जिससे लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की कोशिश की जा रही है.

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Abhinandan Pandey

लेखक के बारे में

By Abhinandan Pandey

अभिनंदन पांडेय डिजिटल माध्यम में पिछले 2 सालों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. बंसल न्यूज (MP/CG) और दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अनुभव लेते हुए अब प्रभात खबर तक का मुकाम तय किए हैं. अभी डिजिटल बिहार टीम में काम कर रहे हैं. सामाजिक-राजनीतिक नब्ज को करीब से समझने का प्रयास करते हैं. देश-विदेश की घटनाओं, बिहार की राजनीति, और किस्से-कहानियों में विशेष रुचि रखते हैं. डिजिटल मीडिया के नए ट्रेंड्स, टूल्स और नैरेटिव स्टाइल्स के साथ प्रयोग करना पसंद है.

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