बिहार में निजी एजेंसी दिलायेगी शहरी निकायों में ठोस कचरा प्रबंधन योजनाओं को पर्यावरण क्लीयरेंस

Published at :23 Aug 2022 4:45 AM (IST)
विज्ञापन
बिहार में निजी एजेंसी दिलायेगी शहरी निकायों में ठोस कचरा प्रबंधन योजनाओं को पर्यावरण क्लीयरेंस

एजेंसी पर्यावरण की दृष्टि से स्वीकार्य योजना, उसके टर्म ऑफ रेफरेंसेज, प्री फिजिबिलिटी रिपोर्ट आदि का ड्राफ्ट तैयार करते हुए उसे संबंधित पर्यावरणीय एजेंसी को सबमिट करेगी और अंतिम रूप से पर्यावरणीय मंजूरी दिलाने का काम करेगी.

विज्ञापन

बिहार के 32 नगर निकायों में ठोस कचरे के निबटारे में पर्यावरणीय मंजूरी बड़ी समस्या बन गयी है. वैज्ञानिक पद्धति से कचरा निबटान की व्यवस्था नहीं होने से सिया (स्टेट इन्वायरमेंट इंपैक्ट एसेसमेंट अथॉरिटी) सहित अन्य पर्यावरण संबंधित संस्थाओं ने इन निकायों के कचरा प्रबंधन से जुड़ी योजनाओं पर ब्रेक लगा दिया है.

निजी संस्था का सहयोग लेने का फैसला

इसको देखते हुए नगर विकास एवं आवास विभाग ने पर्यावरण क्षेत्र में काम करने वाली प्रतिष्ठित निजी संस्था का सहयोग लेने का फैसला लिया है. यह संस्था न सिर्फ सलाह देगी, बल्कि आवश्यक दस्तावेज तैयार कर पर्यावरणीय मंजूरी दिलाने का भी काम करेगी. कार्य का हर चरण पूरा करने पर एजेंसी को भुगतान होगा.

पर्यावरणीय प्रभाव का आकलन कर तैयार करेगी रिपोर्ट

विभागीय अधिकारियों के मुताबिक चयनित निजी एजेंसी इन निकायों के लिए पर्यावरण प्रभाव आकलन (इआइए) और पर्यावरण प्रबंधन प्लान (इएमपी) तैयार करेगी. उनके द्वारा निकायों से हर दिन निकलने वाले ठोस कचरे का आकलन करते हुए उसके निबटारे में पर्यावरण पर पड़ने वाले प्रभाव व उसे कम करने की रिपोर्ट तैयार की जायेगी.

अंतिम रूप से पर्यावरणीय मंजूरी दिलाने का काम

एजेंसी पर्यावरण की दृष्टि से स्वीकार्य योजना, उसके टर्म ऑफ रेफरेंसेज, प्री फिजिबिलिटी रिपोर्ट आदि का ड्राफ्ट तैयार करते हुए उसे संबंधित पर्यावरणीय एजेंसी को सबमिट करेगी और अंतिम रूप से पर्यावरणीय मंजूरी दिलाने का काम करेगी. एजेंसी इआइए अधिसूचना के अनुसार जन सुनवाई आयोजित करने में भी सहायता देगी.

इन नगर निकायों के लिए ली जा रही सेवा

परसा बाजार, नबीनगर, बिक्रमगंज, पूर्णिया, भागलपुर, सुल्तानगंज, ठाकुरगंज, घोघरडीहा, बाढ़, कोआथ, मीरगंज, इस्लामपुर, मोतिहारी, मैरवा, जमुई, अररिया, राजगीर, कांटी, हिसुआ, सीतामढ़ी, केसरिया, दरभंगा, शेखपुरा, चकिया, बरौली, बहादुरगंज, मुंगेर, सुगौली, डेहरी, बांका, नवादा, हिलसा.

Also Read: बिहार में लंबी नहीं चलेगी महागठबंधन की सरकार, जल्द होंगे मध्यावधि चुनाव, बोले चिराग पासवान
ठोस कचरा में आने वाले तत्व

खाद्य (गीला) कचरा, सूखा कचरा, गली-मुहल्ले का कचरा, मृत जानवर, निर्माण और विध्वंस अपशिष्ट, घरेलू खतरनाक अपशिष्ट.

विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन