20 नवंबर को मौन उपवास रखेंगे प्रशांत किशोर, बिहार चुनाव में जमानत जब्त होने के बाद क्या-क्या बोले पीके

प्रशांत किशोर
Bihar Politcs: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में जन सुराज के 95 प्रतिशत से अधिक उम्मीदवारों की जमानत जब्त हो गई. पीके के तमाम दावे फुस्स साबित हुए. नतीजे आने के बाद उन्होंने पहली बार प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वे बिहार छोड़ने वाले नहीं हैं.
Bihar Politcs: प्रशांत किशोर जब बिहार विधानसभा चुनाव के लिए प्रचार कर रहे थे तब उन्होंने कहा था कि हमारी पार्टी अगर 140 सीट पाएगी तो मैं इसे व्यक्तिगत हार मानूंगा. उन्होंने दावा किया था कि जदयू के 25 से ज्यादा विधायक नहीं बनेंगे. ऐसा होने पर उन्होंने राजनीति से संन्यास लेने की बात कही थी. 14 नवंबर को जब रिजल्ट आया तो उनकी पार्टी का हश्र काफी बुरा हुआ और उनके एक भी उम्मीदवार नहीं जीत पाए और 85 सीटों से साथ जदयू ने शानदार कमबैक किया. रिजल्ट आने के 4 दिन बाद प्रशांत किशोर मीडिया के सामने आये और कहा कि वे बिहार छोड़ के कहीं नहीं जा रहे हैं.
जनता के बीच में ढंग से नहीं रख पाए बात
पटना में पीके ने कहा कि हम लोगों ने अपनी बात ठीक ढंग से जनता को नहीं बताई. उस कारण शायद जनता ने वोट नहीं दिया. खुद पर इसकी जिम्मेदारी लेते हुए उन्होंने कहा कि वे जिस विश्वास की उम्मीद कर रहे थे, वह विश्वास नहीं जीत पाए.
उन्होंने कहा कि यह आत्मचिंतन का समय है. एनडीए को जीत के लिए बधाई देते हुए पीके कहा कि अब यह उनकी जिम्मेदारी है कि जिन बातों को लेकर वे सत्ता में आये हैं, उस पर वह काम करें.
एक दिन का मौन उपवास रखेंगे पीके
प्रशांत किशोर ने कहा कि जिन बातों को लेकर वह जनता के बीच पहुंचे थे और उनको एक सपना दिखाया था, उसे वे पूरा नहीं कर सके. जनता ने उनकी बातों पर भरोसा नहीं किया. इसके प्रायश्चित के तौर पर वे 20 नवंबर को भितिहरवा आश्रम में एक दिन का मौन सामूहिक उपवास रखेंगे.
उन्होंने कहा कि गलती हम लोगों से हुई होगी, लेकिन गुनाह नहीं किया है. वोट नहीं मिलना गुनाह नहीं है. आज झटका लगा है लेकिन उन गलतियों को सुधार कर हमलोग फिर से खड़े होंगे. प्रशांत किशोर ने कहा कि जन सुराज की बिहार सुधारने की जो जिद है, वह पूरे किए बिना छोड़ने वाले नहीं हैं. पीछे हटने का सवाल ही नहीं है.
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हम किसी तरह का परिवर्तन नहीं ला सके
प्रशांत किशोर ने कहा, “हमने ईमानदार प्रयास किया है और उसमें बिल्कुल सफलता नहीं मिली. इसे स्वीकार करने में कोई बुराई नहीं है. व्यवस्था परिवर्तन की बात छोड़िए, हम सत्ता परिवर्तन भी नहीं करा सके. लेकिन बिहार की राजनीति बदलने में हमारी भूमिका जरूर बनी है. हमारी कोशिशों में, हमारी सोच में, समझाने में कमी रही होगी जिसके कारण जनता ने हमें नहीं चुना. अगर जनता ने हम पर भरोसा नहीं जताया, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी मेरी है. मैं ये जिम्मेदारी 100% अपने ऊपर लेता हूं कि जिस प्रयास के लिए हम जुड़े थे जिस प्रयास को करना चाहते थे उसपर जनता का विश्वास नहीं जीत पाया.”
पीके ने बताया- NDA को क्यों मिला वोट
पीके ने आगे कहा कि चुनाव के समय सरकार ने करीब 40 हजार करोड़ रुपये खर्च करने का वादा किया है. इतना बड़ा बहुमत मिलने का एक कारण यह भी है. बिहार के हर विधानसभा में 60 से 62 हजार महिलाओं को 10 हजार रुपये दिए गए. आने वाले छह महीने में इन्हें दो लाख रुपए दिए जाएंगे.
प्रशांत किशोर ने कहा कि सरकार अगले छह महीने में इन महिलाओं को दो लाख रुपये दे, जिससे बिहार में पलायन रुक सके. जिन महिलाओं को यह दो लाख रुपये की राशि नहीं मिलेगी, वह जन सुराज के नेता और कार्यकर्ता से संपर्क करें और वे उसकी मदद करेंगे.
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By Paritosh Shahi
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