बिहार में वज्र के प्रहार से 31 दिन में 'धराशायी ' हुए बड़ी वारदात करने वाले 8301 अपराधी

बिहार के सभी जिलों में गंभीर अपराध में शामिल अपराधियों की गिरफ्तारी तथा मद्यनिषेध के लिए विशेष अभियान ‘ऑपरेशन प्रहार’ चलाया जा रहा है. वर्ष 2022 की छमाही यानी जनवरी से जून में औसत गिरफ्तारी 5788 है.
बिहार पुलिस के वज्र ने 31 दिनों में 8301 अपराधियों को ‘धराशायी’ कर दिया है. पुलिस पर हमले, हत्या व लूट जैसी संगीन वारदात करने वाले अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए गठित की गयी वज्र प्लाटून-कंपनी ने पिछली छमाही के मुकाबले इस बार 43 फीसदी अधिक अपराधी पकड़े हैं. अगस्त में जुलाई के मुकाबले सफलता में करीब 15 फीसदी की वृद्धि हुई है. अपर पुलिस महा निदेशक मुख्यालय जितेंद्र सिंह गंगवार ने बुधवार को यह जानकारी दी.
एडीजीपी मुख्यालय ने बताया कि राज्य के सभी जिलों में गंभीर अपराध में शामिल अपराधियों की गिरफ्तारी तथा मद्यनिषेध के लिए विशेष अभियान ‘ऑपरेशन प्रहार’ चलाया जा रहा है. वर्ष 2022 की छमाही यानी जनवरी से जून में औसत गिरफ्तारी 5788 है. वहीं, अगस्त में 43 फीसदी अधिक गिरफ्तारी हुई है. बीते जुलाई में 7253 अपराधी गिरफ्तार किये गये थे. अगस्त में 14.5 फीसदी अधिक गिरफ्तारी हुई है. 204 हथियार और 735 कारतूस भी बरामद किये गये हैं.
एडीजीपी जितेंद्र सिंह गंगवार ने बताया कि वज्र प्लाटून ने सबसे अधिक अपराधियों की गिरफ्तारी पटना से की हैं. यहां 1274 अपराधी पकड़े गए हैं तो वहीं दूसरे नंबर पर गया है जहां 582 अपराधी पकड़े गए हैं. इसके बाद तीसरे नंबर पर मुजफ्फरपुर है जहां 571 अपराधी पकड़े गए हैं. इसके अलावा सारण से 338 तथा बेतिया से 334 अपराधी दबोचे गये हैं.
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हत्या – 570
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पुलिस पर हमले – 339
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हत्या का प्रयास – 1889
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एससीएसटी उत्पीड़न – 561
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अन्य मामले – 4942
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