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बिहार के इस म्यूजियम में छुपी है भारत के पहले राष्ट्रपति की पूरी जिंदगी की कहानी, जानिए कहां है ये ऐतिहासिक जगह

Updated at : 28 Jul 2025 2:45 PM (IST)
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patna rajendra prasad museum| The story of the entire life of India's first President is hidden in Patna's Rajendra Smriti Museum

राजेंद्र स्मृति संग्रहालय की तस्वीर

Bihar News: पटना के सदाकत आश्रम परिसर में स्थित 'राजेंद्र स्मृति संग्रहालय' भारत के प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद की स्मृतियों को संजोए एक ऐतिहासिक स्थल है. यह संग्रहालय न सिर्फ उनके सादगीभरे जीवन और निजी वस्तुओं की झलक देता है, बल्कि उनके देशप्रेम और स्वतंत्रता संग्राम में योगदान की कहानी भी जीवंत रूप में पेश करता है.

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Bihar News: (जयश्री आनंद) पटना का यह ‘राजेंद्र स्मृति संग्रहालय’ भारत के पहले राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद को समर्पित एक ऐतिहासिक स्थल है. जो सदाकत आश्रम के परिसर में स्थित है. यह संग्रहालय न सिर्फ उनके जीवन को करीब से समझने का मौका देता है, बल्कि भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में उनके योगदान की भी झलक पेश करता है. डॉ. राजेंद्र प्रसाद की विरासत को जीवंत रूप में देखने के लिए यह संग्रहालय आज भी हजारों लोगों को अपनी ओर आकर्षित करता है.

उनके आवास को ही बनाया गया है म्यूजियम

भारत के प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद के आवास को 1969 में संग्राहलय में तब्दील कर दिया गया. इस संग्रहलय को उनकी स्मृतियों को संजोने के उद्देश्य से बनाया गया था. पर्यटक यहां आकर राजेंद्र बाबु के पुरे जीवन, उनके त्याग और राष्ट्र के प्रति उनके प्रेम को बहुत करीब से समझ पाते है.

उनके द्वारा लिखी गयी पुस्तकें भी हैं मौजूद

यहां उनके द्वारा इस्तेमाल की गई निजी वस्तुएं, दुर्लभ तस्वीरें, उनके द्वारा लिखी गयी पुस्तकें, इसके साथ ऐतिहासिक दस्तावेज और अन्य कलाकृतियां प्रदर्शित की गई हैं. ये सभी चीजें आज भी उनकी सादगी, कर्तव्यनिष्ठा और राष्ट्रभक्ति की कहानी बयां करती हैं. यह संग्रहालय न सिर्फ ऐतिहासिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि वास्तुकला प्रेमियों के लिए भी आकर्षण का केंद्र है.

इसी आवास से शुरू हुई थी यात्रा

इसी खपरैल वाले घर से डॉ. राजेंद्र प्रसाद का केंद्रीय मंत्री बनने का सफर शुरू हुआ था. वर्ष 1946 में जब उन्हें पहली बार केंद्रीय मंत्री बनाया गया, तो वे यहीं से दिल्ली के लिए रवाना हुए थे. 12 वर्षों तक राष्ट्रपति भवन में रहने के बाद अपने कार्यकाल की समाप्ति पर वे फिर से यहीं लौटे. यही घर उनका सच्चा ठिकाना था.

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Abhinandan Pandey

लेखक के बारे में

By Abhinandan Pandey

भोपाल से शुरू हुई पत्रकारिता की यात्रा ने बंसल न्यूज (MP/CG) और दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अनुभव लेते हुए अब प्रभात खबर डिजिटल तक का मुकाम तय किया है. वर्तमान में पटना में कार्यरत हूं और बिहार की सामाजिक-राजनीतिक नब्ज को करीब से समझने का प्रयास कर रहा हूं. गौतम बुद्ध, चाणक्य और आर्यभट की धरती से होने का गर्व है. देश-विदेश की घटनाओं, बिहार की राजनीति, और किस्से-कहानियों में विशेष रुचि रखता हूं. डिजिटल मीडिया के नए ट्रेंड्स, टूल्स और नैरेटिव स्टाइल्स के साथ प्रयोग करना पसंद है.

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