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पशुपालकों के लिए राहत! अब मिलेगी डोर स्टेप डिलीवरी, सुविधा विस्तार को मिली स्वीकृति

Updated at : 21 Sep 2025 12:59 PM (IST)
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Livestock farmers will now get doorstep delivery

सांकेतिक तस्वीर

Bihar News: बिहार में अब पशुपालकों को घर बैठे पशुओं की बीमारी संबंधित डोर स्टेप डिलीवरी (घर बैठे सेवा) की सुविधा प्रदान की जाएगी. इससे एक तरफ पशुपालक पशुओं का पालन बेहतर तरीके से कर सकेंगे, साथ ही पशुओं में होने वाली बीमारी से बचाव के तरीके व बीमार पशुओं की चिकित्सा सुविधा भी उन्हें आसानी से मिल सकेगी.

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Bihar News: बिहार में अब पशुपालकों को घर बैठे पशुओं की बीमारी संबंधित डोर स्टेप डिलीवरी (घर बैठे सेवा) की सुविधा प्रदान की जाएगी. इससे एक तरफ पशुपालक पशुओं का पालन बेहतर तरीके से कर सकेंगे, साथ ही पशुओं में होने वाली बीमारी से बचाव के तरीके व बीमार पशुओं की चिकित्सा सुविधा भी उन्हें आसानी से मिल सकेगी.

विभाग का निर्देश जारी

यह सबकुछ आत्मनिर्भर बिहार के सात निश्चय-2 के तहत मोबाइल पशु चिकित्सा इकाई (मोबाइल वेटनरी यूनिट) के माध्यम से संभव हो सकेगा. मिली जानकारी के अनुसार इस मोबाइल वेटनरी यूनिट (एमवीयू) के संचालन के लिए 1962 कॉल सेंटर बनाए गए है. इसकी सेवाओं में विस्तार के लिए अब वित्तीय वर्ष 2025-26 से 2027-28 तक की अवधि के लिए 2 करोड़ 10 लाख 80 हजार 100 रुपये की राशि स्वीकृत की गई है. पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग की अपर सचिव गीता सिंह ने इस संबंध में निर्दश जारी किया है.

बाढ़ से स्थिति खराब

बता दें कि अभी बिहार में कई जगह बाढ़ से स्थिति खराब है. कई जिले बाढ़ से प्रभावित हैं. बाढ़ के दौरान पशुओं में विभिन्न प्रकार के रोगों के संक्रमण का खतरा बना रहता है. इससे बचाव के लिए ही इस योजना को स्वीकृति दी गई है. इसका फायदा मुख्य रूप से गंगा व कोसी समेत अन्य नदियों के किनारे स्थित जिलों के पशुपालकों को होगा.

534 मोबाइल पशु चिकित्सा इकाई का संचालन जारी

इसके लिए कॉल सेंटर में 4 डॉक्टर और 10 एग्जीक्यूटिव बढ़ाने को स्वीकृति दी गई है. केंद्र सरकार की 307 तो राज्य की 277 एमवीयू कार्यरत योजना के तहत वर्तमान में केंद्र प्रायोजित योजना राष्ट्रीय पशुधन स्वास्थ्य एवं रोग नियंत्रण कार्यक्रम के तहत 307 इकाई व राज्य स्कीम सात निश्चय-2 के तहत 227 इकाई यानी कुल 534 मोबाइल पशु चिकित्सा इकाई (एमवीयू) का संचालन जारी है.

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कॉल सेंटर का गठन

साथ ही इस काम में किसी तरह की बाधा उत्पन्न न हो इसके लिए राज्य स्तर पर 1962 कॉल सेंटर चलाया जा रहा है. इस कॉल सेंटर के माध्यम से पशुपालक अपने पशुओं की बीमारियों से बचाव की जानकारी ले सकेंगे. वहीं इलाज के लिए उनके घर पर एमवीयू पहुंच सकेगी. अभी केंद्र सरकार की तरफ से संचालित कुल 307 मोबाइल पशु चिकित्सा इकाइयों के आधार पर कॉल सेंटर का गठन किया गया है. वहीं, राज्य स्कीम से संचालित 227 एमवीयू के लिए कॉल सेंटर की सेवाओं का विस्तार किया जाएगा.

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Rani Thakur

लेखक के बारे में

By Rani Thakur

बंगाल की धरती पर एक दशक से अधिक समय तक समृद्ध पत्रकारिता अनुभव के साथ, रानी ठाकुर अब बिहार की धरती पर अपनी लेखनी से पहचान बना रही हैं. कोलकाता में कई राष्ट्रीय स्तर के प्रतिष्ठित अखबारों के लिए रिपोर्टिंग और सब-एडिटिंग का अनुभव हासिल करने के बाद, वे अब प्रभात खबर के डिजिटल डेस्क से जुड़ी हैं, जहां वे लाइफ स्टाइल की खबरों के माध्यम से अपनी रचनात्मक सोच और पत्रकारिता कौशल को नई दिशा दे रही हैं.

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