बिहार में दवा दुकानों की हड़ताल, सभी मेडिकल स्टोर बंद, लेकिन यहां मिल रही हैं जरूरी दवाइयां

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मेडिकल स्टोर बंद की तस्वीर

Bihar News: बिहार में आज दवा कारोबारियों की हड़ताल के कारण ज्यादातर मेडिकल दुकानें बंद हैं. हालांकि मरीजों को राहत देते हुए जन औषधि केंद्र खुले हैं, जहां सामान्य दिनों की तरह सस्ती और जरूरी दवाइयां मिल रही हैं.

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Bihar News: ऑनलाइन दवाइयों की बिक्री और केंद्र सरकार की नई दवा नीति के विरोध में आज देशभर के दवा कारोबारियों ने हड़ताल का ऐलान किया है. बिहार समेत पूरे देश में हजारों थोक और खुदरा मेडिकल स्टोर बंद हैं. सिर्फ बिहार में ही करीब 40 हजार दवा दुकानें इस हड़ताल में शामिल हुई हैं.

पटना के IGIMS समेत कई अस्पतालों के बाहर दवा दुकानें बंद रहने से मरीजों और उनके परिजनों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. कई लोगों ने कहा कि अस्पताल में मरीज भर्ती हैं, लेकिन दवा कहां से खरीदें, यह सबसे बड़ी चिंता बन गई है.

जन औषधि केंद्रों ने मरीजों को दी राहत

हड़ताल के बीच प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि केंद्र (PMBJK) रिटेलर एसोसिएशन ने बड़ा फैसला लेते हुए साफ कर दिया है कि देशभर के जन औषधि केंद्र खुले रहेंगे. संगठन ने कहा कि आम मरीजों की जरूरत को देखते हुए केंद्रों को बंद नहीं किया जाएगा.

एसोसिएशन के महासचिव सुरेश मित्तल ने बताया कि राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रशांत सिंह के साथ चर्चा के बाद यह फैसला लिया गया. उनका कहना है कि जन औषधि केंद्र गरीब और मध्यम वर्ग के लोगों के लिए सस्ती दवाइयों का सबसे बड़ा सहारा हैं. ऐसे में इन्हें बंद करना जनहित के खिलाफ होगा.

‘जरूरी दवाइयों की कमी नहीं होने देंगे’

संगठन ने कहा कि अगर जन औषधि केंद्र भी बंद हो जाते, तो लाखों मरीजों को भारी परेशानी होती. खासकर बुजुर्ग, गंभीर बीमारियों से जूझ रहे लोग और आर्थिक रूप से कमजोर परिवार सबसे ज्यादा प्रभावित होते. इसी वजह से सभी जन औषधि केंद्र संचालकों से अपील की गई है कि वे अपने केंद्र सामान्य दिनों की तरह चालू रखें. एसोसिएशन ने भरोसा दिलाया कि हड़ताल के दिन भी मरीजों को जरूरी दवाइयां मिलती रहेंगी.

ऑनलाइन दवा बिक्री के खिलाफ नाराजगी

दवा कारोबारियों का कहना है कि ऑनलाइन फार्मेसी कंपनियों की वजह से पारंपरिक मेडिकल स्टोरों पर संकट बढ़ता जा रहा है. उनका आरोप है कि बड़ी ऑनलाइन कंपनियां भारी छूट देकर छोटे दुकानदारों का कारोबार खत्म करना चाहती हैं. बिहार केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन और पटना केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन ने भी इस आंदोलन का समर्थन किया है.

दवा कारोबारियों की मुख्य मांगें

  • ऑनलाइन दवा बिक्री से जुड़े नियम वापस हों
  • कोविड काल में लागू GSR 220(E) समाप्त हो
  • अवैध ई-फार्मेसी पर कार्रवाई
  • भारी डिस्काउंट पर रोक लगे
  • नियंत्रित दवाओं की ऑनलाइन बिक्री पर सख्ती
  • फर्जी प्रिस्क्रिप्शन पर रोक

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अभिनंदन पांडेय

लेखक के बारे में

By अभिनंदन पांडेय

भोपाल से शुरू हुई पत्रकारिता की यात्रा ने बंसल न्यूज (MP/CG) और दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अनुभव लेते हुए अब प्रभात खबर डिजिटल तक का मुकाम तय किया है. वर्तमान में पटना में कार्यरत हूं और बिहार की सामाजिक-राजनीतिक नब्ज को करीब से समझने का प्रयास कर रहा हूं. गौतम बुद्ध, चाणक्य और आर्यभट की धरती से होने का गर्व है. देश-विदेश की घटनाओं, बिहार की राजनीति, और किस्से-कहानियों में विशेष रुचि रखता हूं. डिजिटल मीडिया के नए ट्रेंड्स, टूल्स और नैरेटिव स्टाइल्स के साथ प्रयोग करना पसंद है.

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