झारखंड में कम बारिश का असर, अधिकांश डैमों में जलस्तर सामान्य से नीचे

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डैम की सांकेतिक तस्वीर (ai generated image)

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झारखंड में इस बार सामान्य से 25% कम बारिश हुई है, जिसका सीधा असर राज्य के प्रमुख डैमों पर दिख रहा है. तेनुघाट, कोनार और तिलैया जैसे डैमों में जलस्तर चिंताजनक रूप से कम है. जानिए इसका बिजली उत्पादन और सिंचाई पर क्या असर पड़ रहा है.

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मनोज सिंह की रिपोर्ट

Jharkhand Dam Water Level : राज्य में अब तक करीब 350 मिमी बारिश हुई, जो सामान्य से करीब 25 फीसदी कम है. इसका असर अब डैमों पर भी दिखने लगा है. तेनुघाट, कोनार और तिलैया समेत अधिकांश डैमों में पानी का स्तर सामान्य से कम है. केंद्रीय जल आयोग राज्य के छह प्रमुख जलाशयों की निगरानी करता है. आयोग की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, हाल के दिनों में मॉनसूनी बारिश से जलस्तर में कुछ सुधार हुआ है, लेकिन इन डैमों में उपलब्ध पानी अब भी पिछले 10 वर्षों के औसत से करीब 19 फीसदी कम है. पंचेत डैम की स्थिति सबसे बेहतर, जबकि तिलैया डैम की स्थिति सबसे खराब है.

राज्य के प्रमुख जलाशयों की स्थिति

राज्य के छह प्रमुख जलाशयों (तेनुघाट, मैथन, पंचेत, कोनार, तिलैया और गेतलसूद) में अलग अलग स्थिति देखने को मिल रही है. सबसे बेहतर स्थिति पंचेत हिल जलाशय की है. तेनुघाट की क्षमता 0.821 बिलियन क्यूबिक मीटर (बीक्यूएम) जल संग्रहण की है. इसकी तुलना में यहां 0.268 बीक्यूएम पानी है. वहीं, मैथन की क्षमता 0.471 बीक्यूएम की है. इसकी तुलना में यहां 0.240 बीक्यूएम पानी है. पंचेत डैम की कुल संग्रहण क्षमता 0.184 बीक्यूएम है. इसकी तुलना में यहां अभी 0.135 बीक्यूएम पानी है. कोनार की क्षमता 0.176 बीक्यूएम है. यहां अभी 0.049 बीक्यूएम पानी है. तिलैया में 0.142 बीक्यूएम क्षमता है, वहीं यहां पानी 0.119 बीक्यूएम है.

झारखंड के प्रमुख जलाशयों की स्थिति

डैमक्षमता वर्तमान स्थितिपिछले साल
तेनुघाट0.8210.2680.224
मैथन0.4710.2400.236
पंचेत हिल0.1840.1350.100
कोनार0.1760.0490.050
तिलैया0.1420.0210.115
गेतलसूद0.2180.1190.178

नोट: पानी की क्षमता बिलियन क्यूबिक मीटर (बीक्यूएम) में दी गई है.

214 मेगावाट हुआ बिजली का उत्पादन, सिंचाई क्षमता बढ़ी

डैमों में जल संवाहण की इस क्षमता का असर भी हो रहा है. इस मॉनसून मे गेतलसूद में पानी की वर्तमान क्षमता से करीब 130 मेगावाट बिजली का उत्पादन हुआ है. वहीं, तिलैया से करीब चार मेगावाट तथा पंचेत से 80 मेगावाट बिजली का उत्पादन हुआ है. इसी तरह मैथन में जल संवाहण की वर्तमान क्षमता से करीब 342 हेक्टेयर में सिंचाई क्षमता की वृद्धि होगी.

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प्रिया गुप्ता

लेखक के बारे में

By प्रिया गुप्ता

प्रिया गुप्ता पिछले एक साल से प्रभात खबर डिजिटल में जूनियर कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं. फिलहाल वह झारखंड से जुड़ी खबरों पर काम करती हैं, जिनमें सरकारी योजनाएं, प्रमुख घटनाएं, सामाजिक मुद्दे और अन्य महत्वपूर्ण विषय शामिल हैं. इससे पहले वह लाइफस्टाइल डेस्क पर फैशन, हेल्थ, रिलेशनशिप, पैरेंटिंग और रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़े विषयों पर लेख लिख चुकी हैं. प्रिया ने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय से स्नातक और अमिटी यूनिवर्सिटी से मास्टर डिग्री हासिल की है.

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